शिमला:  युग हत्याकांड में सीआईडी की जांच पर नगर निगम के मेयर संजय चौहान ने सवाल उठाए हैं। मेयर ने दावा किया है कि नगर निगम के भराड़ी टैंक में कोई अवशेष नहीं मिला है। जांच के दौरान सीआईडी को जो भी अवशेष मिले हैं, सब टैंक के बाहर मिले हैं। सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए मेयर ने कहा कि रुटीन के तहत भराड़ी टैंक की सफाई की गई है।

टैंक से सप्लाई होने वाले पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट भी एक्सीलेंट पाई गई है। मेयर ने कहा कि नगर निगम के सहायक आयुक्त को इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। मेयर ने कहा कि मामले की जांच के लिए चार दिन का समय दिया गया था।

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जांच प्रक्रिया के दौरान टैंक की सफाई करने वाले कर्मियों से लेकर अधिकारियों तक के बयान लिए जा रहे हैं, जिससे अधिक समय लग रहा है। रिपोर्ट सौंपने के लिए जांच अधिकारी ने दो दिन का समय और मांगा है। यदि जांच रिपोर्ट में नगर निगम के किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवा

मौत पर राजनीति कर रही बीजेपी-कांग्रेस

मेयर संजय चौहान का कहना है कि मासूम युग की मौत पर बीजेपी और कांग्रेस राजनीति कर रही हैं। पुलिस की मौजूदगी में पब्लिक आफिस में जबरन घुसकर टेबल पर डांस करना निंदनीय है। इस प्रकरण में हर प्रकार की जांच के लिए नगर निगम तैयार है। लेकिन ओछी राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

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प्रदेश फैल रही अराजकता को लेकर जवाब दें सीएम

मेयर का कहना है कि शिमला सहित पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो गई है, पर सरकार गंभीर नहीं है। इस अराजकता को लेकर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए। रविवार को शहर में दो-दो लाशें मिली हैं। अपहरण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 2013 में 49, 2014 में 39 और 2015 में 56 मामले सामने आए हैं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

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पुलिस लापरवाही न करती तो बच सकती थी युग की जान

मेयर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कहा कि अपहरण के आठ से दस दिन तक युग शहर में था और जिंदा था। शिमला पुलिस थोड़ी सी भी सतर्कता बरतती तो युग की जान बच सकती थी। युग के हत्यारे पहले भी दो बार गिरफ्तार हो चुके थे। बावजूद इसके दोषियों को पकड़ने में भारी लापरवाही बरती गई।

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आरोपियों को ड्रग माफिया और राजनेताओं का संरक्षण

संजय चौहान ने कहा कि युग हत्या मामले में दोषियों को शिमला में सक्रिय ड्रग माफिया और कुछ राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त है। दोषियों के पास इतना पैसा कैसे आया, बैंकों में लेन देन किसके साथ हुआ, केस दर्ज करने में समय क्यों लगा और पिछले मामलों में यह कैसे आसानी से छूट गए इसकी सीआईडी जांच की जानी चाहिए।

सुधीर, सुरेश और अनिरुद्ध सिंह पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप

 मेयर ने शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज और कुसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिमला सहित प्रदेश भर में बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर विधानसभा के दौरान सवाल नहीं उठाए गए, लोगों को भ्रमित करने के लिए नगर निगम को बरखास्त करने की मांग जरूर उठाई गई।

मासूम युग अपहरण और हत्या के मामले में सीआईडी 21 दिन के भीतर चालान पेश कर देगी। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा लिए हैं। एफएसएल से कई रिपोर्ट बाद में आएंगी, जिन्हें अनुपूरक चालान के तौर पर बाद में पेश किया जा सकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईडी चालान पेश करने के साथ ही अदालत में अर्जी दाखिल करेगी, जिसमें इस केस की सुनवाई हर रोज हो सके।

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