लाहौल के चार छात्रों को पैदल चलकर पार करना पड़ा खतरनाक रोहतांग दर्रा

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lahaul students crossing rohtang pass on foot
सभी चित्र: अमर उजाला

लाहौल-स्पीति- जब हमारे अंदर कुछ कर गुजरने का जुनून होता है तो बड़ी सी बड़ी मुश्किलें भी जिद के आगे टिक नहीं पाती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है लाहौल के इन चार छात्रों ने। समुद्र तल से 13050 फीट ऊंचे बर्फ से ढके रोहतांग दर्रा को इस सीजन में पहली बार इन छात्रों ने पैदल पार किया है। 15 घंटे बर्फ में लगातार चलकर छात्रों ने यह मुकाम हासिल किया है। इतना ही नहीं उन्होंने 2017 में सबसे पहले दर्रा पार करने वाले यात्रियों की सूची में अपना नाम दर्ज किया है। आधिकारिक तौर पर रोहतांग दर्रा राहगीरों के लिए खुलने के बाद इन छात्रों ने यह कारनामा कर दिखाया है।

DC Lahaul and Spiti

बर्फ के बीच 50 किलोमीटर का किया सफर

जानकारी के मुताबिक लाहौल के तेलिंग गांव के छात्रों समीर, संजय, गोविंद और सचिन ने बताया कि उन्होंने महज 10 किलोमीटर दूर कोकसर तक का सफर सबसे जोखिम भरा रहा। इस दूरी को तय करने में 5 घंटे का समय लगा। तेलिंग से कोठी तक पहुंचने के लिए इन्होंने बर्फ के बीच लगभग 50 किलोमीटर का सफर किया। यह छात्र परीक्षा देने के बाद अपने निजी काम के सिलसिले से मनाली रवाना हुए। वहीं एक छात्र ने कहा कि मौसम साफ रहे तो रोहतांग दर्रा को पैदल पार करना असंभव नहीं है, लेकिन यात्री रोहतांग पार करने से पहले मौसम का मिजाज देख लें।

Rohtang Pass

उपायुक्त ने युवाओं की हिम्मत और जुनून को सलाम

उन्होंने बताया कि तेलिंग से कोकसर के बीच जगह-जगह हिमखंड गिरने का खतरा है। इस दायरे में यात्रियों को अलर्ट होकर सफर करना होगा। उधर, उपायुक्त विवेक भाटिया ने इस दर्रे को पार करने वाले युवाओं की हिम्मत और जुनून को सलाम किया है। इन युवाओं ने इस सीजन में सबसे पहले रोहतांग दर्रा पैदल पार किया है।

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