जनता को पुलिसवालों की गुंडागर्दी से बचाने के लिए थाने में लगाए जाएं सीसीटीवी: विकास समिति टुटू

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Police Station Boileauganj

मारपीट ना होती अगर सीसीटीवी कैमरा बाहर कम्पाऊंड में होता तो एसएचओ को पिक्चर कैद होने का डर होता, अगर कैमरा होता तो सीसीटीवी अपने आप में थाने के भीतर का गवाह बनेगा, दोबारा न होगा ऐसा हादसा,वर्तमान-भविष्य सुधरेगा यदि सीसीटीवी लगेगा:विकास समिति टुटू

शिमला- विकास समिति टुटू ने बालूगंज थाने के कम्पाऊंड में कमरे के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे को शिफ्ट करने की मांग की है! मुख्यमंत्री तथा प्रदेश के पुलिस प्रमुख को लिखे पत्र में समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कम्पाऊंड में सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण बालूगंज थाने के इंचार्ज वीरीसिंह के हौसले बुलंद थे जिसने पिछले दिनो उनके भतीजे के साथ थाना कम्पाऊंड में बेवजह मारपीट की है जिस पर विभागीय जांच के बाद प्रथम दृष्टि में बालूगंज थाने के इंचार्ज को दोषी पाये जाने पर पुलिस प्रमुख द्वारा निलंबित कर दिया गया है !

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गुप्ता ने कहा कि थाना परिसर में जो बेरहमी से मारपीट उनके भतीजे के साथ की हुई है ऐसी वारदात भविष्य में किसी अन्य शिकायतकर्ता या आम आदमी के साथ पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा न दौहराई जाये इसके लिए पुलिस प्रशासन को चाहिए की वह बिना विलंब सीसीटीवी केमरे को कमरे के भीतर से खुले कंपाउंड में शिफ्ट करने के आदेश जारी करें या एक और कैमरा कम्पाऊंड में लगाए!

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समिति अध्यक्ष का कहना है कि नितेश गुप्ता के साथ मारपीट मामले की जांच कर रहे उच्च अधिकारी ने भी जांच के दौरान बालूगंज थाना एंट्री कम्पाऊंड में सीसीटीवी कैमरा न होने को बहुत बड़ी खामी बताया है! समिति ने कहा कि बालूगंज थाने में वर्तमान समय में जो कैमरा लगाया गया है वह सिर्फ एक अधिकारी के कमरे के भीतर की कार्यवाही पर नजर बनाए हुये है जिस कारण शिकायतकर्ता के साथ खुले कम्पाऊंड में मारपीट और सलाखों के पीछे धकेलेने के वीडियो क्लिप कैमरे में कैद न हो सके !

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उन्होने कहा कि थाने के एंट्री कम्पाऊंड में जहां क्लोज सर्किट टीवी कैमरा होना अनिवार्य है उस क्षेत्र की संबन्धित थाना के उच्च अधिकारियों द्वारा अनदेखी की गई है जिससे ऐसा प्रतीत होता है की बेगुनाहों को मारने के मकसद से ही सीसीटीवी को कैमरे को एक छोटे से कमरे के भीतर लगाया गया है ताकि पुलिस का बेवजह चलाया गया डंडा कैमरे में कैद न हो सके !

समिति ने यह भी बतया कि पिछले दिनो एसएचओ वीरी सिंह द्वारा उनके भतीजे के साथ जो मारपीट की या सलाखों के पीछे धकेलने का काम किया यदि सीसीटीवी कैमरा कम्पाऊंड में उचित स्थान पर होता तो शायद बेवजह मारपीट का मामला टल सकता था! उन्होने कहा कि कैमरा उचित स्थान पर होने से जहां एक ओर आम जनता के साथ विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की बेवजह कार्यवाही पर लगाम लगेगी वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी जिसके बढ़े-बढ़े दावे समय-समय पर सरकारें भी करती आई है!

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समिति का कहना है कि बालूगंज थाने के बाबाआदम के जमाने के लोहे की चादर के बंद फ्रंट गेट को भी बदला जाना चाहिए और उनकी जगह सुरक्षा की दृष्टि से एंट्री गेट मात्र मोटे सरियों के चेनल का बनाया जाना चाहिए ताकि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता लाई जा सके और जनता के प्रति पुलिस के व्यवहार में भी बदलाव हो सके !

विकास समिति ने जनहित बालूगंज थाने में कमरे के भीतर लगे सीसीटीवी को बाहर एंट्री गेट के कम्पाऊंड में उचित स्थान में शिफ्ट किए जाने की मांग की है और पूरे हिमाचल के थानों में सीसीटीवी उचित स्थलों पर लगाए जाने का भी सुझाव दिया है ताकि भविष्य में पुलिस प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके और वीरीसिंह जैसे कानून के रक्षकों को भक्षक बनने का अवसर भी न मिल सके !

पढ़ें क्या है पूरा मामला

ज्ञात रहे की दिनांक 17 मार्च 2016 की शाम 6 बजे के करीब टुटू निवासी नितेश गुप्ता व उसके साथ स्कूटी में सवार मिस्त्री ने टुटू-हीरानगर के बीच (नाल्टू के जंगल ) में सड़क किनारे कुछ लोगों को एक व्यक्ति की बूरी तरह मारपीट करने की शिकायत पुलिस को दी थी जिस पर पुलिस ने मारपीट कर रहे तीन व्यक्तियों को तो वाहन सहित उसी समय सूचना मिलते ही बालूगंज में दबोच लिया था लेकिन घायल व्यक्ति का कोई अता-पता नहीं चलने पर झूठी शिकायत का ढौंग बताकर अगले दिन सुबह एसएचओ ने शिकायतकर्ता को ब्यान लेने के बहाने थाने में बुलाकर बेरहमी से पिटाई कर डाली जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता व स्थानीय जनता ने 19 मार्च 2016 को पुलिस प्रमुख व जिला प्रशासन तथा प्रदेश सरकार को की है!

Photo: Google

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