बर्बरतापूर्ण कार्यवाही के आरोपी बालूगंज थाना इंचार्ज के खिलाफ नहीं हुई कोई कार्रवाई, टूटू वासियों ने फिर लगायी राज्यपाल व मुख्यमंत्री से गुहार

0
397
boileauganj-police-station-

शिमला- बालूगंज थाना इंचार्ज वीरी सिंह हटाओ मुहिम में आज व्यापार मण्डल टुटू,जागरूक नागरिक मंच टुटू ,विकास समिति टुटू व स्थानीय जनता का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला!

व्यापार मण्डल टुटू अध्यक्ष,जागरूक नागरिक मंच टुटू अध्यक्ष,विकास समिति टुटू अध्यक्ष, टुटू के स्थानीय वासी व स्थानीय एडवोकेट ने एक सांझे ब्यान में राज्यपाल आचार्य देवव्रत से जनहित में मांग करते हुए कहा कि थाना बालूगंज के एसएचओ वीरीसिंह को तुरंत प्रभाव से उक्त थाने से हटाया जाये ताकि पुलिस उच्च अधिकारियों द्वारा की जाने वाली जांच प्रभावित न हो!

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि एसएचओ बालूगंज का अपराध बहुत ही घिनोना है तथा क्षमा के योग्य नहीं है और वह अपने पद पर रह कर जांच में शामिल गवाहों को व थाने में तैनात अधीनरत कर्मचारियों को झूठे ब्यान देने के लिए दवाब बना सकते हैं जिससे निष्पक्ष जांच न होने का अंदेशा बना हुआ है इसलिए तुरंत प्रभाव से एसएचओ को हटाना अति आवश्यक है!

यह भी पढ़ें: शिमला पुलिस पर सूचना देने वाले को बेरहमी से पीटने, धमकाने, व अपराधियों को बचाने का आरोप

टुटू प्रतिनिधिमंडल ने अपने एक जारी ब्यान में कहा कि नितेश गुप्ता के साथ एसएचओ ने बेवजह थाने में ब्यान लेने के बहाने बुलाकर मारकुटाई की है और बिना अपराध के सलाखों के पीछे धकेल दिया वह एक सभ्य परिवार का सदस्य है जिसके परिवार का पीढ़ी दर पीढ़ी कोई अपराधिक पुलिस रिकार्ड भी नहीं है!

प्रतिनिधिमंडल का यह भी कहना है कि जब कानून के रखवाले ही ऐसी बर्बरतापूर्ण कार्यवाही करेंगे तो आम आदमी कहाँ सुरक्षित है और यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच न होगी तो शायद ही कोई व्यक्ति भविष्य में अन्याय के खिलाफ पुलिस व प्रशासन की मदद करेगा चाहे सड़क किनारे कोई बेगुनाह लहू-लूहान ही क्यों न पड़ा हो !

प्रतिनिधिमंडल ने ने बताया कि उनके द्वारा राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि किसी निष्पक्ष जांच संस्था या पदासीन न्यायाधीश से जांच करवाई जाये ताकि प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस विभाग के ऐसे आपराधिक अधिकारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाई जा सके अन्यथा हमारा मानना है की ऐसे कानून के रखवाले जब समाज में शिकायतकर्ता के साथ ऐसा दुर्रव्यवहार करेंगे तो भविष्य में हम-हमारे परिवार, बहू-बेटियाँ भी इस देव भूमि हिमाचल में सुरक्षित न रहेंगे!

शिकायतकर्ता नितेश गुप्ता का कहना है कि उन्होने तो यह सोचा था की पुलिस प्रशासन लड़ाई-झगड़े की सूचना देने पर उन्हे प्रशंसा पत्र देने के लिए बुला रही है लेकिन पुलिस अधिकारी ने दादागिरी की ऐसी मिसाल कायम की है की उल्टा उन्हे जिन्दगी भर न भूलने वाले जख्म दे दिये यहाँ तक की बिना अपराध के सलाखों के पीछे धकेल दिया!

विकास समिति अध्यक्ष का कहना है कि अंग्रेजों के जुल्म से तो हम आजाद हो चुके हैं लेकिन ऐसे पुलिस विभाग में तैनात अँग्रेजी डंडा चलाने वाले अधिकारियों के कारण पूरा विभाग बदनाम हो जाता है जिससे कर्मठ कर्मचारियों व अधिकारियों पर भी सवालिया प्रश्न खड़े हो जाते हैं जिस कारण पुलिस प्रशासन जनता का विश्वास भी गंवा देती है!

ज्ञात रहे की दिनांक 17 मार्च, 2016 की शाम 6 बजे के करीब टुटू निवासी नितेश गुप्ता व उसके साथ स्कूटी में सवार मिस्त्री ने टुटू-हीरानगर के बीच (नाल्टू के जंगल ) में सड़क किनारे कुछ लोगों को एक व्यक्ति की बूरी तरह मारपीट करने की शिकायत पुलिस को दी थी जिस पर पुलिस ने मारपीट कर रहे तीन व्यक्तियों को तो वाहन सहित उसी समय सूचना मिलते ही बालूगंज में दबोच लिया था लेकिन घायल व्यक्ति का कोई अता-पता नहीं चलने पर झूठी शिकायत का ढौंग बताकर अगले दिन सुबह एस.एच.ओ. ने शिकायतकर्ता को ब्यान लेने के बहाने थाने में बुलाकर बेरहमी से पिटाई कर डाली जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता व स्थानीय जनता ने 19.3.16 को पुलिस प्रमुख व जिला प्रशासन तथा प्रदेश सरकार को की है !

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS