Solan City

शिमला- रसूखदारों और सरकारी तंत्र की शह पर सोलन में बेतरतीब और अवैज्ञानिक ढंग से कंकरीट का जंगल खड़ा हो चुका है। नियमों को ताक पर रखकर निर्मित बहुमंजिला गगनचुंबी इमारतों का जाल हैरत में डालने वाला है। नियमों से यह खिलवाड़ भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में सैकड़ों की बलि लेने को तैयार है। प्रकृति पर किसी का जोर नहीं। लेकिन भूकंपरोधी भवनों का सही ढंग से निर्माण हो तो नुकसान को कम किया जा सकता है।

अपार्टमेंट और बड़े भवनों का निर्माण की रफ्तार को प्रकृति ने हिंट भी दिए हैं। बारिश के मौसम में अब तक करीब एक दर्जन इमारतें जमींदोज हुई हैं। अधिकांश इमारतें सोलन और आसपास के क्षेत्रों में गिरी है। बावजूद इसके न तो प्रशासन न ही लोग सबक ले रहे हैं। पैसे और पावर के इस खेल में सब रोटियां सेंक रहे हैं। नगर परिषद सोलन ने इस खतरे को देखते हुए लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।

भवन निर्माण का नक्शा पास करवाते समय मकान मालिकों से प्रूव नक्शे के आधार पर ही निर्माण की लिखित गारंटी ली जा रही है। भूकंप की दृष्टि से सोलन पांचवें जोन में आता है। सोलन में अपार्टमेंट कल्चर सबसे खतरनाक है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में सन्नी साइड, देहूंघाट, बडोग, चंबाघाट, कंडाघाट और क्यारीघाट लगभग हर वह क्षेत्र जहां धड़ाधड़ बेतरतीब निर्माण हो रहा है खतरे की घंटी है।

यहां यहां गिरी हैं इमारतें

सोलन में अंबुशा के करीब देहूंघाट, बडोगा, ब्रुरी से चंबाघाट के बीच भवन गिर चुके है। हादसों दो प्रतिष्ठित लोग मारे जा चुके हैं, वहीं कई घायल भी हो चुके हैं। इसके अलावा कंडाघाट में भी हादसे हुए हैं। यह सभी हादसे किसी भूकंप से नहीं बल्कि बारिशों के मौसम के दौरान घटे हैं। हाल ही में कुमारहट्टी में गिरा स्कूल का भवन भी कई सवाल खड़े कर रहा है।

ली जा रही गृह मालिकों से गारंटी

नगर परिषद अध्यक्ष सोलन पवन गुप्ता ने कहा कि जो मामला सामने आता है उसे नोटिस जारी करके कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। दर्जनों लोगों के केस सेक्शन 211 के तहत लंबित पड़े हैं। कुछ न्यायालय में जा चुके हैं। स्थानीय लोगों को तय नियमों के तहत ही निर्माण की अपील की जा रही है। यही नहीं नक्शा पास करवाते वक्त मकान मालिक से अप्रूव नक्शे के आधार पर ही निर्माण की गारंटी ली जा रही है।

डीसी राकेश कंवर ने कहा कि सोलन में भवनों के निर्माण में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। बताया कि अभी कुछ समय पहले आपदा प्रबंधन से बचने के लिए मॉक ड्रिल भी की जा रही है। अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

Photo: Solan Facebook Page

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