अपने ही चुनाव क्षेत्र में छुप-2 कर आते है नीरज भारती जहाँ 30 साल से लोग कर रहे पक्की सड़क और बस का इंतज़ार

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पिछले 30 सालों से इस सड़क पर ना ही बस आयी है और न कोई एम्बुलेंस आती है जिस कारण मरीज को खुद ही उठा कर उपचार केंद्र तक ले जाना पड़ता है। इस सड़क का निरिक्षण करने नहीं आता कोई नेता या सरकारी अधिकारी

काँगड़ा- एक आसान सा सवाल- हम वोट क्योँ करते है? या तो हम उम्मीदवार को जिताने के लिए वोट करते है या इस उम्मीद में करते है कि वे चुनाव जितने के बाद उस क्षेत्र के लिए विकास करेगा।

हमारे देश में चुनी हुई सरकार व प्रत्याशी केवल एक सिद्धान्त पर ही काम करते है। चुनाव जितने के लिए जनता की नब्ज़ पकड़ो,लोक-लुभावनी घोषणाएं करो,और जब चुनाव जितने के बाद पांचवा साल आये तो उन्ही अधूरी घोषणाओं को दोहरा कर लोगो को झुनझुना थामा दो। यह एक तरह से जनता के विश्वास और भावनाओं के साथ धोखा करना है।

ज्वाली क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगो ने हिमाचल वॉचर से संपर्क किया और बताया कि प्रदेश में 1992 से लेकर जितनी भी सरकारें आयीं उन्होंने यहाँ के स्थानीय लोगो की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में आने वाली चनणी सड़क गांववासियों ने प्रोफेसर चन्दर कुमार की मदद से सन् 1992 में बनाई थी। जबकि यह कार्य सराकर को करना चाहिए था। इस सड़क को करीब 25 साल हो गए है लेकिन आज भी यह सड़क पक्का होने का इंतज़ार कर रही है।

विडियो

ग्रामीणों का कहना है कि इस गाँव की भोली भाली जनता अनुसूचित जनजाति से सम्बन्ध रखती है। इस गाँव कि जनसंख्या लगभग 500 है। यदि यह चनणी सड़क पक्की होती है तो इस गाँव के साथ लगते सिहुनि ,पलोटा ,बलदोया के सैकेड़ों लोगो को भी फायदा होगा।

Chandni-Road-Kangra

नीरज भारती अपने बड़बोलेपन से दिये गए बयानों के कारण विवादों में घिरे रहते हैं। स्थानीय लोगो द्वारा भेजे गए सड़क (चनणी) के चित्रों और विडियो को देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इस सड़क की हालात कितनी खराब है। यह सड़क भारती के चुनाव क्षेत्र के अंतर्गत आती है जिसका उद्धार अभी तक माननीय विधायक के हाथो नहीं हो पाया है।

निवसियों का कहना है कि यह हाल ही की समस्या नहीं है और 1992 से लेकर अब तक ज्यो की त्यों बनी हुई है। चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की इस सड़क की हालत को सबने नज़रअंदाज़ ही किया।

स्थानीय लोगो ने हिमाचल वॉचर को बताया कि जब भी प्रदेश में विधानसभा चुनाव आते है उस समय तो हर प्रत्याशी यह कहकर वोट मांगता है कि अगली बार इस सड़क को तारकोल के साथ पक्का किया जायेगा,लेकिन अफसोस की बात यह है कि लोग इसी झांसे में आकर अपना कीमती वोट इन नेताओं को दे देते हैं।

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ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से भारी बारीश हो रही है और बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही है। इस सड़क को देख कर आप खुद ही अंदाज़ा लगा सकते है कि स्कूल जाने वाले बच्चे कीचड़ का सामना करते हुए कितनी मुश्किलो के बिच परीक्षा देने जाते होंगें। लोगो का कहना है कि आपातकाल की स्थिति में भी इस सड़क से निकलना बेहद मुश्किल है अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाये या कोई गर्भवती महिला को ऐसे बरसात के मौसम में अस्पताल ले जाना पड़े तो क्या हाल होगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस रस्ते से एम्बुलेंस भी नहीं आती, जिस कारण मरीज को खुद ही उठा कर उपचार केंद्र तक ले जाना पड़ता है।

पढ़िए विस्तार से,क्या है यह मामला

ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय निवासी ज्ञानेश्वर राजकुमार शर्मा जो की पेशे से अध्यापक हैं। उन्होंने हिमाचल वॉचर से फोन पर बात कर बताया कि 1992 में इस चनणी सड़क को स्थानीय लोगो ने खुद बनाया था और उस समय हिमाचल में राष्ट्रपति साशन लगा हुआ था! जबकि 3 दिसम्बर 1993 से हिमाचल में कांग्रेस सरकार सत्ता में आयी, उस समय भी लोगो को ठगा गया। उसके बाद 1998 में हिमाचल में भाजपा सरकार आयी लेकिन उन्होंने भी इस समस्या को अनदेखा किया।

1998 से लेकर 2017 तक सरकारें आयी गयी लेकिन इस सड़क की हालात ज्यों की त्यों बनी हुई है। स्थानीय लोगो ने बताया कि बारिश के समय कीचड़ में चलना बेहद कठिन हो जाता है। कोई भी नेता भी इस तरफ आने से कतराता हैं। आमतौर पर भी इस कच्चे रस्ते में चलना आसान नहीं है। लोगो ने यह भी बताया की इस सड़क में कोई बस नहीं आती। जिसके कारण लोगो को करीब 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।

स्थानीय लोगो का कहना है कि उनके विधायक यानि नीरज भारती अपने चुनाव क्षेत्र में रात को छुप छुप के आते हैं ताकि किसी को उनके आने की कानो-कान खबर न मिले। लोगो का कहना है कि इस सड़क को ठीक करवाने के लिए कई सालों से वे दरख्वास्त कर रहे हैं लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।

गाँव वालो का कहना है कि नीरज भारती से सड़क ठीक करवाने के लिए उस समय कहा था जब वे विधयाक का चुनाव लड़ रहे थे। उस समय वतर्मान विधायक नीरज भारती ने कहा था की जब तक यह चनणी सड़क काली नहीं हो जाती (तारकोल से पक्का होना) तब तक वे व्यक्तिगत तौर पर इस चुनाव क्षेत्र में नहीं आयँगे (जिसका पालन नीरज भारती अभी तक कर रहे हैं। बस कभी कभी रात को छिप छिपा के आ जाते हैं)।

हिमाचल वॉचर ने विधायक नीरज भारती को संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

ग्रामीणों ने हिमाचल वॉचर को बताया कि किसी कारण वश पहले उन्हें इस सड़क को पक्का करने की एनओसी नहीं मिल रहा था। लेकिन अब उन्हें एनओसी मिल चुकी है बावजूद इसके सड़क पक्का करने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ।

स्थानीय लोगो का यह भी कहना है कि 2 हफ्ते पहले जवाली के अध्यक्ष ने कहा था कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद इस सड़क का उद्घाटन करने अप्रैल में आयँगे। स्थानीय निवासी ज्ञानेश्वर राजकुमार शर्मा ने आज से एक साल पहले हिमाचल प्रदेश सचिवालय को ई-समाधान (E Samadhan)के जरिये सड़क की समस्या से अवगत करवाया था जिसके प्रतिउत्तर में यह कहा गया था कि जवाली के पीडब्ल्यूडी इंजीनयर नरेश शर्मा से मिलो।

E-Samadhan

ई-समाधान करने वाले प्रार्थी ने हिमाचल वॉचर को बताया कि जब उन्होंने इंजीनयर से सड़क की समस्या के बारे में पूछा तो उनका जवाब यह था कि उन्हें इसके बारे में कुछ भी पता नहीं। प्रार्थी ने यह भी कहा कि एक साल हो चूका है लेकिन अभी तक पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है और न ही कोई अधिकारी इस सड़क का निरीक्षण करने के लिए आता है।

जैसे जैसे हिमाचल विधानसभा के चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे वैसे लोगों को सड़क के ठीक होने के झूठे दिलासे फिर से शुरू होते दिखाई दे रहे है।

यहाँ तक कि कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने काँगड़ा दौरे के दौरान यह घोषणा की थी कि जिले की ज्वाली बिधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चनणी सड़क को पक्का किया जायेगा। लेकिन लोगो का कहना है कि वे अब कसी भी नेता के झूठे वादों के बहकावे में नहीं आएंगे। गुस्साए लोगो का यह भी कहना है कि अगर तीन महीने के भीतर इस सड़क का काम शुरू नही होता है तो सभी ग्रामवासी इस विधानसभा चुनाव में नोटा(NOTA)का इस्तेमाल करके चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि समय रहते इस सड़क को ठीक करवाया जाये।

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