हिमाचल में 1अप्रैल से केवल बीएस-IV वाहन होंगे पंजीकृत

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Bharat Stage-IV in Himachal

प्रदेश में केवल बीएस-IV (BS-IV) वाहनों का ही पंजीकरण होगा, इसलिए लोगों को इन्हीं वाहनों को खरीदना चाहिए। बीएस-III वाहनों को खरीदने के इच्छुक चार पहिया उद्यमियों,उत्पादकों द्वारा किसी भी प्रकार के दवाब को सहन नहीं किया जाएगा।

शिमला- प्रदेश में बीएस-IV के लिए सामूहिक उत्सर्जन मानक अनिवार्य किए गए हैं, जिन्हें 1 अप्रैल, 2017 से प्रदेश भर में लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में केवल उन्हीं नवनिर्मित चार पहिये वाहनों को पंजीकृत कर सड़कों पर चलने की स्वीकृति दी जाएगी, जो बीएस फोर मानकों पर खरे उतरेंगे।

परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश में चलने वाले वाहनों द्वारा प्रदूषण को नियंत्रित करने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा तथा कार्बन मोनोआक्साइड, हाइड्रोकार्बन, नाइट्रोजन के आक्साइड तथा सल्फर, जो बीएस-IV ईंधन के मुकाबले बीएस-III ईंधन में ज्यादा पाया जाता है, जो की वाहनों से उत्पन होने वाले उत्सर्जन को कम करेगा। वर्तमान में प्रदेश में बीएस- IV अनुवर्ती पेट्रोलियम ईंधन का पर्याप्त भंडार है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 में संशोधन के पश्चात पथ परिवहन एवं उच्च मार्गों के केन्द्रीय मंत्रालय ने 19 अगस्त, 2015 को अधिसूचना जारी करते हुए हिमाचल प्रदेश सहित कुछ राज्यों के जिलों में सामूहिक उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-IV को अनिवार्य किया गया।

अधिसूचना के अनुसार एक अक्तूबर, 2015 को अथवा उसके पश्चात निर्मित चार पहिया वाहनों को बीएस-IV उत्सर्जन के मानकों पर खरा उतरना होगा, परन्तु अन्तरराज्जीय परमिट,राष्ट्रीय परमिट या ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाले चार पहिया परिवहन वाहनों पर यह नियम लागू नहीं था, लेकिन अब जबकि बीएस-IV अनुवर्ती पैट्रोलियम ईंधन पूरे देश में उपलब्ध है, तो 1 अप्रैल, 2017 से सामूहिक उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-IV को समग्र देश में लागू किया जाएगा।

बाली ने कहा कि क्योंकि अब प्रदेश में केवल बीएस- IV वाहनों का ही पंजीकरण होगा, इसलिए लोगों को इन्हीं वाहनों को खरीदना चाहिए। बीएस-III वाहनों को खरीदने के इच्छुक चार पहिया उद्यमियों,उत्पादकों द्वारा किसी भी प्रकार के दवाब को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा विभिन्न निर्णयों के माध्यम से प्रदेश की प्रदूषणमुक्त छवि की कल्पना को साकार करने में यह एक बड़ा कदम है।

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