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भराड़ी में आउटडोर मरीजों से डायलिसिस के 2,500 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि कुमारहट्टी में 1100 से 1500 रुपए लिए जा रहे हैं।

शिमला- हिमाचल प्रदेश में मात्र 03 अस्पताल ऐसे हैं जहां आउटडोर मरीजों के डायलीसिस की सुविधा उपलब्ध है। इतना ही नहीं, प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में यह सुविधा नहीं है। अभी तक केवल सोलन, मंडी और धर्मशाला तीन ऐसे अस्पताल हैं जहाँ पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। अगर बात प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी की करे तो महज इनडोर मरीजों के लिए ही डायलिसिस की सुविधा है उपलब्ध है , जबकि आउटडोर मरीजों के लिए यहां डायलीसिस की व्यवस्था नहीं है। आउटडोर मरीजों को डायलिसिस के लिए भराड़ी, कुमारहट्टी या चंडीगढ़ जाना पड़ता है। यहां पर मरीजों से दुगने और तीगुने दाम वसूले जा रहे हैं।

शिमला के भराड़ी में आउटडोर मरीजों से डायलिसिस के 2,500 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि कुमारहट्टी में 1100 से 1500 रुपए लिए जा रहे हैं। सोलन, मंडी और धर्मशाला में करीब एक साल पहले ही सेंटर शुरू किए गए हैं। यहां पर इनडोर के साथ -साथ आउटडोर मरीजों को भी डायलिसिस देने की सुविधा है। किडनी फेल होने की स्थिति मरीज को कई बार अस्पताल जाकर डायलिसिस करवाना होता है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में दाखिल नहीं किया जाता और उन्हें सप्ताह में एक या दो बार डायलीसिस करवाने की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें आउटडोर डायलिसिस दिया जाता है।

पहले थी आईजीएमसी में आउटडोर पेशेंट्स के लिए डायलिसिस सेंटर खोलने की योजना

सूत्रों का कहना है कि पहले आईजीएमसी में ही आउटडोर पेशेंट्स के लिए डायलिसिस सेंटर खोलने की योजना थी। एनआएचएम ने इसके लिए प्रोपोजल भी तैयार कर दिया था, लेकिन आईजीएमसी में सेंटर खोलने के लिए जगह ही मुहैया नहीं करवाई गई। इसके बाद यह सेंटर धर्मशाला में खोला गया। प्रदेश में डायलीसिस सेंटर अभी तक आईजीएमसी में ही सुविधा मिल रही थी, जिससे दूरदराज के मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं। सीटीवीएस विभाग में हार्ट संबंधी मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए लंबी-लंबी तारीखें दी जाती थीं।

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