केन्द्र द्वारा इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का निकल गया कचूमर

शिमला- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों के दिल्ली दौरों ने प्रदेश के प्रशासनिक ढाॅंचे को अस्त व्यस्त करके रख दिया है और रही सही कसर मुख्यमंत्री और संगठन में उपजे तनाव ने पूरी कर दी है। इस अव्यवस्था से उपजे निराशा के वातावरण का सीधा असर प्रदेश के विकास पर पड़ रहा है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र द्वारा उम्मीद से अधिक आर्थिक सहायता का भी प्रदेश सरकार उचित उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रदेश सरकार की लापरवाही से पहले शिमला में पीलिया फैला जिसमें 35 लोगों की मृत्यु के साथ 33000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। फिर डेंगू और अब स्क्रब टाईफस 25 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। प्रदेश सरकार का हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना शर्मनाक है।

केंद्र सरकार ने प्रदेश के चार मैडिकल काॅलेजों के लिए 600 करोड़ रू0 दिए और पांच जिलों में ट्रामा केयर सैन्टर स्वीकृत किए। इसके साथ विŸाीय वर्ष 2014-15 में नैशनल हैल्थ मिशन के तहत 234 करोड़ रू0 व वर्ष 2015-16 में 298.48 करोड़ रू0 की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में 7552 आशा वर्कस लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने 15.24 करोड़ रू0 के साथ 2744 अनुबन्ध पर रखे जाने वाले कर्मियों के पदों की स्वीकृति दी है और धन भी उपलब्ध करवाया है। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश को 33 करोड़ रू0 और प्रदेश में गरीब लोगों को मुफत दवाईयां उपलब्ध करवाने के लिए 61 करोड़ रू0 स्वीकृत किए हैं। इसी के साथ प्रदेश में आधारभूत संरचनाएं खड़ी करने के लिए 60 करोड़ रू0 और गाड़ियां व ऐम्बूलैंस खरीदने के लिए 3.46 करोड़ रू0 का प्रावधान किया है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस सरकार इस धन का उचित उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का कचूमर निकल गया है।

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