नादौन में वाटर टैंक से 7-वर्षीय बच्चे का शव मिलने से सनसनी, हत्या का अंदेशा

1
336
boy-found-dead-in-water-tank-bela-village-nadaun-himachalee
Photo: Jagran

नादौन- पुलिस थाना नादौन के अंतर्गत बेला गांव में सात वर्षीय प्रवासी बच्चे का शव भूमिगत वाटर टैंक में मिला है। बच्चे का शव पानी के टैंक में संदिग्ध परिस्थतियों में मिलने से सनसनी फैल गई! प्रवासी बच्चा गांव के स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था और मंगलवार सुबह घर से स्कूल के लिए गया था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा। बुधवार को उसका शव गांव के ही एक भूमिगत वाटर टैंक में बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। मृतक के पिता ने अपने साथी दो प्रवासी मजदूरों पर बेटे की हत्या का अंदेशा जताया है। पुलिस ने दोनों प्रवासियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

मृतक के पिता उदय सिंह निवासी बिलाई खुर्द जिला सीतामड़ी, बिहार ने कहा कि वह नादौन कस्बे में मार्बल की ठेकेदारी करता है। उसका बेटा राहुल मंगलवार सुबह स्कूल गया, लेकिन शाम को घर नहीं लौटा। हालांकि, शाम को परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।

मजदूरों पर जताया हत्या करने का अंदेशा

बुधवार को उदय बेटे की तलाश में उस मकान में गया जहां वह दो साल पहले किराये पर रहता था। वर्तमान में इस मकान में उसके दो साथी प्रवासी मजदूर रह रहे थे। उदय ने आरोप लगाया है कि उसका के साथ पेमेंट को लेकर उसके साथ विवाद चल रहा था। पिछले दिनों ही वह धमकी दे गए थे कि वह किसी तरह पैसे वसूल लेगा।जैसे ही उदय सिंह घर के पास पहुंचा तो उसे वहां राहुल का स्कूल बैग और चप्पल मिली। साथ ही भूमिगत जल भंडारण टैंक था।

उसने भूमिगत टैंक में देखा तो उसे इसमें कुछ गिरा नजर आया। शोर मचाने पर वहां स्थानीय लोग एकत्रित हुए। लोगों की मदद से टैंक का पानी निकाला तो राहुल का शव बरामद हुआ। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

​पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक के पिता उदय सिंह ने दोनों साथी मजदूरों जगरनाथ और शर्मा चौधरी पर उसके बेटे की हत्या का आरोप लगाया।

पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। डीएसपी लालमन शर्मा का कहना है कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। मृतक के पिता के आरोप पर दो प्रवासियों को पूछताछ को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें