चम्बा क्षेत्रीय चिकित्सालय में 20 बिस्तरों पर हो रहा 74 बच्चों का उपचार, सिर्फ एक ही शिशु रोग विशेषज्ञ कार्यरत

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Chamba Regional Hospital

क्षेत्रीय चिकित्सालय में वर्तमान में सिर्फ एक ही शिशु रोग विशेषज्ञ कार्यरत है जिस पर जिला के हजारों बच्चों के स्वास्थ्य का जिम्मा है

चम्बा- प्रदेश सरकार व उससे जुड़े नेतागण जिला मुख्यालय में करोड़ों रुपए की लागत से बने क्षेत्रीय चिकित्सालय में 100 बिस्तरों वाले नए भवन परिसर का श्रेय लेने का कोई मौका नहीं चूके लेकिन सच्चाई यह है कि इस नए भवन का जिलावासियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसी के चलते 100 बिस्तरों का भवन होने के बावजूद पुराने 200 बिस्तरों वाले भवन के शिशु वार्ड में लगे 20 बैड पर 74 बच्चे मंगलवार को उपचार के लिए भर्ती किए गए। यह स्थिति भी तब हुई जब कुछ बच्चों को उपचार लाभ मिलने के चलते छुट्टी दे दी गई।

मंगलवार को एक-एक बैड पर 5 बच्चों को उपचार के लिए भर्ती देखा गया जिसका सीधा मतलब है कि एक बैड पर 10 लोग हैं क्योंकि एक बच्चे के साथ उसकी मां उसकी देखभाल के लिए उस बैड पर मौजूद थी, ऐसे में न सिर्फ लोगों को दिक्कतों का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है बल्कि इस ब्लॉक में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से लेकर पैरामैडीकल स्टाफ को भी भारी मानसिक परेशानी का बोझ झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

क्षेत्रीय चिकित्सालय में वर्तमान में सिर्फ एक ही शिशु रोग विशेषज्ञ कार्यरत है जिस पर जिला के हजारों बच्चों के स्वास्थ्य का जिम्मा है। यह बात और है कि जिला चम्बा में शिशु रोग विशेषज्ञ के 2 पद स्वीकृत है, जिसमें से लंबे समय से एक ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहा है। लोगों का कहना है कि चिकित्सकों की कमी के चलते ही अस्पताल प्रबंधन नए अस्पताल परिसर में भी रोगियों को भर्ती करने में खुद को असहाय पा रहा है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह कम से कम देश के भविष्य के स्वास्थ्य की चिंता करके तो यहां शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करे ताकि नए भवन में बच्चों को भर्ती किया जा सके।

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