बरोटीवाला उद्योग से निकले प्रदूषित पानी के तालाब में गिराने से हजारों मछ‌ल‌ियों की मौत

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Fish dies in Barotiwala pool due to industrial pollution
Representational Photo

औद्योगिक क्षेत्र की बरोटीवाला पंचायत के दामोवाला में एक प्लाई बोर्ड-सनमाईका बनाने वाले उद्योग से निकले पानी के तालाब में गिराने से हजारों मछलियां मर गईं

सोलन- औद्योगिक क्षेत्र की बरोटीवाला पंचायत के दामोवाला में एक प्लाई बोर्ड-सनमाईका बनाने वाले उद्योग से निकले पानी के तालाब में गिराने से हजारों मछलियां मर गईं। ग्रामीणों ने मजदूर लगाकर करीब दो क्विंटल मरी हुई मछलियों को तालाब से बाहर निकालकर इसकी सफाई की। उद्योग की इस लापरवाही पर ग्रामीणों के विरोध के बाद आनन फानन में प्रदूषण बोर्ड की ओर से प्रारंभिक जांच कर बिजली कनेक्शन के टैंपरेरी डिस्कनेक्ट करने की सिफारिश बोर्ड चेयरमैन से की गई है।

प्रदूषण बोर्ड की ओर से मत्स्य विभाग द्वारा सैंपल उठाए जाने के बाद दूसरे दिन कार्रवाई को अंजाम दिया गया। ग्रामीणों ने इस दौरान प्रदूषण बोर्ड पर समय रहते उद्योग के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप भी लगाए। उद्योग तालाब से मात्र एक सौ मीटर की दूरी पर है। इसका केमिकल युक्त रंगीन पानी नाले में गिरकर सीधा तालाब की ओर आता है।

ग्रामीणों ने कहा कि उद्योग खुलेआम हाई कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है। प्रदूषण बोर्ड की ओर से भी मामले में समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। तालाब में 35000 मछलियों का बीज डाला था। इनमें से अधिकतर उद्योग के केमिकल युक्त पानी के कारण मर गयी।

आक्सीजन की कमी से हुई मौत: सोमनाथ

मत्सय विभाग के अधिकारी डॉ. सोमनाथ ने कहा कि तालाब में आक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत हुई है। तालाब में बहुत अधिक मात्रा में गंदगी मौजूद है। पानी की टेस्टिंग के बाद ही सही तथ्य सामने आ पाएंगे। एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अतुल परमार ने कहा कि उद्योग का गंदा पानी तालाब की ओर जा रहा है। उद्योग की प्रारंभिक लापरवाही को देखते हुए बोर्ड चेयरमैन के पास टेंपरेरी डिस्कनेक्शन को रिपोर्ट भेज दी है।

Photo: Birmingham Mail/ Representational Purpose

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