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198 शिकायत पोर्टल की भी जांच हो, बिना फोन ठीक किए कैसे निरस्त हो जाती है शिकायत !

शिमला- जतोग निवासी बीएसएनएल उपभोक्ता नागेन्द्र गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि एक ओर तो भारत संचार निगम लिमिटिड स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर छ: महीने तक मात्र 49 रुपये किराया बताकर लैंडलाईन फोन लगाने के लुभावने प्लान घोषित कर उपभोग्ताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है वहीं दूसरी ओर जो लैंडलाईन नंबर पिछले 10-15 वर्षों से शिमला शहर में स्थापित हैं उनकी व्यवस्थाएं बूरी तरह चरमरागई हुई है और विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है!

उपभोक्ता ने कहा की उनका अपना फोन नंबर 2837392 पिछले 20-25 दिनो से खराब हैं! उपभोक्ता ने ये भी कहा कि उन्होने बीएसएनएल के -कंप्युट्राईजड शिकायत पोर्टल नंबर 198 के माध्यम से कई मर्तवा फोन खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है लेकिन यह शिकायत बिना फोन ठीक किए मात्र 3 दिनों के बाद अपने आप ही निरस्त हो जाती है जिस कारण दोबारा 198 पर शिकायत दर्ज करवानी पड़ती है!

उपभोक्ता का यह भी कहना है कि ने उनके घर पर जो लैंडलाईन लगा हुआ है उसने नेट सुविधा भी ली गई है लेकिन पिछले 20-25 दिनो से विभाग के आला अधिकारी के कान पर भी जूं नहीं रंग रही है जिस कारण उन्हे दूरसंचार व इन्टरनेट जैसी सुविधाएं न होने के कारण बहुत परेशानी हो रही है जबकि विभाग टेलीफोन बिल भेजने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ता है और खराब फोन होने पर भी बिल थमा देता है!

उपभोक्ता ने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं को मेसेज से बिल भेजने में तो बहुत सफूर्ती दिखाता है लेकिन फोन ठीक करने में महीनों लगा देता है! गुप्ता का कहना है कि जेटीओ से लेकर महाप्रबंधक दूरसंचार तक भी टेलीफोन खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है लेकिन कोई भी आला अधिकारी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है!

दूरसंचार मुख्य महाप्रबंधक से 198 शिकायत पोर्टल में तीन दिनों के बाद बिना फोन ठीक किए दर्ज शिकायत को निरस्त करने की जांच की भी मांग की है! गुप्ता ने बताया कि 198 शिकायत पोर्टल से बिना फोन ठीक किए शिकायत गायब होने की चालाकी से विभाग की बिना सुविधाएं दिये उपभक्ताओं से मुफ्त रैंट वसूली के आरोपों से बचने की गहरी चाल है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए !

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