राेहडू-ठियाेग-हाटकाेटी सड़क नाेबल पुरस्कार जीतने लायक, मुख्यमंत्री विकास के मसीहा

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rohru hatkoti road

इस लिए बस यही कहते आए हैं आैर कहते रहेगें कि “राजा साहब सब ठीक है ! आप विकास के मसीहा है आैर राेहडू में विकास के जाे आयाम स्थापित हुए हैं उससे राेहडू की जनता गद गद है

शिमला- सच में राेहडू व जुबबल काेटखाई वाले सहनशीलता की मिसाल हैं। सहनशीलता की कैटेगिरी में अगर काेई नाेबल पुरस्कार मिलता है उसके सही हक़दार हम है। राेहडू वालाें काे लायलटी का नाेबल पुरस्कार अलग से मिलना चाहिए। देखिए न आठ सालाें से राेहडू ठियाेग हाटकाेटी सड़क की दूरदशा झेल रहे हैं उफ़ तक नहीं करते। बेचारे राजनीति के गलियारे में चहलक़दमी करने वाले नेता है बस जिनका दिल हमारी मासूमियत पर पसीज जाता है।

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भाजपा की सरकार हाे ताे कांग्रेस से हमारा हाल नहीं देखा जाता कांग्रेस की सरकार हाे ताे भाजपा का कलेजा फट जाता है पर हम कुछ नहीं बाेलेगें अरे भई हम सब जानते हैं इसमें हमारा क्या राेल है। वर्ल्ड बैंक का पराेजैकट है टेंडर लग चुका है कंपनी काे काँप साैंपा गया है इसमें ताे सरकार भी कुछ नहीं कर सकती । सहनशीलता आैर उस पर ये समझदारी क्या बात है जी ताे फिर नाेबल पुरस्कार ताे बनता ही है न। रही बात राेहडू वालाें की हम ताे लायलटी की वह मिसाल है कि दुनियाँ में नहीं मिलेगी। टूरिज़म के नाम पर हमें बाबा जी का ठूललू मिला, राेहडू शिमला सडक की दूरदशा मिली, पार्किंग है नहीं, शाैचलय उपलब्ध नहीं, अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं पर हम लायल है पहले मुख्यमंत्री देते रहे अब वाे जिसे कहें उसे जीताते रहेंगे। ये लायलटी की बेमिसाल मिसाल हुई की नहीं।

ऐसा नहीं है कि हमारे पास कुशल नेतृत्व या नेता नहीं है ! बहुत है! भाजपा में भी है आैर कांग्रेस में भी है। गिनना है ताे पीडब्ल्यूडी व आईपीएच के कांट्रेक्टराें की सूचि ले लिजिए। नेतृत्व की ऐसी क्षमता है इन सभी नेताआें में कि अपने टैंडराें के अलावा हर विकास कार्य के बारे में बहुत दूरदर्शी हैं ये। ये जाे सडक बन रही है या यूँ कहिए कि बन ही नहीं रही इन नेताआें काे दे दी जाती ताे बहुत सालाें पहले बन गई हाेती। चांशल पर एशिया का सबसे बढ़ा सकी सलाेप विकसित हाे गया हाेता!

चंदरनाहन, मुरालडंडा, गिरी गंगा में अब तक पर्यटन स्थल विकसित हाे गए हाेते बस अगर यह सब ठेकेदारी प्रथा से हाेता। ख़ैर जाे है साे है कैसे कह दें कि हम खुश नहीं हैं। आख़िर लायलटी भी काेई चीज़ है। इस लिए बस यही कहते आए हैं आैर कहते रहेगें कि “राजा साहब सब ठीक है ! आप विकास के मसीहा है आैर राेहडू में विकास के जाे आयाम स्थापित हुए हैं उससे राेहडू की जनता गद गद है
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