नकली कैश बुक और मोहर का इस्तेमाल कर संजौली कालेज में लाखों रुपए गोलमाल, एफआईआर दर्ज

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आरोप है कि तथाकथित लाखों रुपए के घोटाले को अंजाम देने के लिए कथित रूप से कैश बुक तैयार की गई। इसके साथ ही कालेज से संबंधित एसबीआई की नकली मोहर का इस्तेमाल कर और कई बिलों पर प्रिंसीपल के हस्ताक्षर न होने के बावजूद पास कर यहां घोटाले को अंजाम दिया गया

शिमला- सैंटर ऑफ एक्सीलैंस कालेज संजौली से जुड़े लाखों रुपए के गोलमाल में स्टेट विजीलैंस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रारंभिक चरण में जांच टीम ने कालेज के पूर्व वरिष्ठ सहायक सहित अन्यों को आरोपी बनाया है। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार देर शाम विजीलैंस के शिमला स्थित थाने में यह मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अब कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य सहित अन्यों कर्मचारियों पर भी शिकंजा कस सकता है। इसके तहत कई तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों को पूछताछ के लिए भी तलब किया जा सकता है।

माना जा रहा है कि जांच को आगे बढ़ाते हुए विजीलैंस टीम अब जल्द कालेज का भी रुख करेगी ताकि सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जा सके। विजीलैंस सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा करवाई गई जांच में सामने आया है कि एकपूर्व वरिष्ठ सहायक सहित अन्यों ने कालेज में लाखों रुपए के घपले को अंजाम दिया। हाल ही में यह मामला जिला पुलिस ने विजीलैंस को भेजा था। इसी कड़ी में अब सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विजीलैंस ने मामला दर्ज कर लिया है। विजीलैंस ने मामले की जांच के तहत कालेज की ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा भी शुरू कर दी है। मामले की जांच एसपी विजीलैंस मोहित चावला द्वारा अमल में लाई जा रही है।

आरोप है कि तथाकथित लाखों रुपए के घोटाले को अंजाम देने के लिए कथित रूप से कैश बुक तैयार की गई। इसके साथ ही कालेज से संबंधित एसबीआई की नकली मोहर का इस्तेमाल कर और कई बिलों पर प्रिंसीपल के हस्ताक्षर न होने के बावजूद पास कर यहां घोटाले को अंजाम दिया गया। संजौली कालेज में सामने आया मनी स्कैम का यह मामला 80 लाख रुपए से जुड़ा बताया जा रहा है। इस मामले में विजीलैंस अब नए सिरे से रिकार्ड लेने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

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