बाहरा विश्वविद्यालय में जल विद्युत प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन, तकनीकी विकास और अनुसंधान की जरूरत पर दिया बल

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SJVN Shimla

शिमला- बाहरा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल इंजीनियरिंग ने आज विश्वविद्यालय प्रांगण में जल विद्युत प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया । संगोष्ठी का मुख्या उदेश्य जल विद्युत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चुनौतियों और अवसरों पर शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना था!

प्रो चांसलर प्रोफेसर (डॉ) एस के बंसल ने अपने भाषण में जल विद्युत प्रौद्योगिकी में तकनीकी विकास और अनुसंधान की जरूरत पर बल दिया। डॉ बंसल ने कहा कि जल विद्युत प्रौद्योगिकी सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर और पर्यावरण प्रौद्योगिकी को मेल हैं और छात्रों के लिए एक प्रासंगिक विषय है जिसमे करियर के भी आपार अवसर है!

Bahra University Waknagaht

एच के शर्मा, पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन, ने अपने सम्बोधन में हाइड्रो पावर प्रौद्योगिकी की क्षमता पर विस्तार से जानकारी दी। शर्मा ने जोर देकर कहा कि हिमाचल प्रदेश में भारी जल विद्युत उत्पादन की गुंजाइश है, लेकिन भौगोलिक चुनौतियों के चलते पनबिजली परियोजनाओं का निर्माण आसान नहीं है, और इसी कारन अभी तक केवल एकचौथाई क्षमता का ही दोहन हो पाया है!

‘पहाड़ बने खंडर’ जैसे आरोपों का खंडन करते हुए पूर्व एसजेवीएन सीएमडी ने दावा किया कि आरोप तथ्यों से परे है और विशेषज्ञों ने विभिन्न शोधों में साबित भी कर दिया है । शर्मा ने यह भी कहा कि हाइड्रो पावर परियोजना में ब्लास्टिंग वैज्ञानिक तरीके से विशेषज्ञों की देखरेख में किये जाते है जिसका प्रभाव वातावरण पर नगण्य होता है!

एच के शर्मा ने विस्फोट से उत्पन्न कंपन के नकारात्मक प्रभाव के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने हाइड्रो पावर परियोजनाओं के कारण बाढ़ के दावों को नकारा और कहा कि”बाढ़ प्राकृतिक हैं और जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया न्यायचित नहीं है। “उन्होंने कहा कि जल विद्युत प्रौद्योगिकी ऊर्जा का एक स्वच्छ स्रोत है और हमारी अर्थव्यवस्था की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इसको प्रोत्साहित किया जाना ज़रूरी है!

कुलपति प्रोफेसर (डॉ) दलजीत सिंह ने अपने सम्बोधन में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने पर बल दिया। डॉ सिंह ने सफलतापूर्वक राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजित के लिए छात्रों और स्कूल ऑफ़ मैकेनिकल इंजीनियरिंग को बधाई दी।

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