शिमला में अब पीलिया के साथ डायरिया भी पसारने लगा पांव,

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Diarrhea cases Himachal

शिमला- यदि आप थकान महसूस कर रहे हैं, पेट में तेज दर्द हो रहा है और आपने इसे पीलिया के लक्षण समझते हुए टेस्ट करवाया है व रिपोर्ट नेगेटिव आई है तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। वजह यह है कि राजधानी शिमला में अब पीलिया के साथ डायरिया भी पांव पसारने लगा है। पीलियाग्रसित लोग इस रोग के उपचार के बाद डायरिया की गिरफ्त में आ रहे हैं। आइजीएमसी शिमला में इस तरह के मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं।

शनिवार को अस्पताल में तीन नए मामले इस तरह के सामने आए हैं। यह लोग पहले पीलिया से ग्रसित थे और उसके बाद डायरिया से पीड़ित हो गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गंदे पानी के कारण ही डायरिया का जीवाणु शरीर में प्रवेश करता है। ऐसे में पीलिया के बाद डायरियां होने का खतरा अधिक हो जाता है। इसके चलते डॉक्टर पीलिया ठीक होने के बाद भी एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि डायरिया का बैक्टीरिया पीलिया से पहले भी शरीर पर आक्रमण कर सकता है। ऐसे में एहतियात बरतना अति आवश्यक है।

डायरिया के लक्षण

आमतौर पर डायरिया से पीड़ित व्यक्ति एक हफ्ते में ठीक हो जाता है। अगर यह इससे ज्यादा समय तक रहे तो क्रॉनिक डायरिया कहलाता है। इसका इलाज समय पर न होने से यह खतरनाक भी हो सकता है, लेकिन इसे जरा सी सावधानी बरतकर ठीक भी किया जा सकता है। इसके लिए डायरिया के लक्षण जानना काफी जरूरी हैं।

शरीर के अंदर का तापमान कम होने से उल्टी और दस्त की शिकायत हो जाती है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। इसके अलावा भी कई कारण हैं जिनकी वजह से डायरिया हो सकता है। पीलिया ग्रसित मरीज का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इस कारण उसके शरीर में कुछ टिक नहीं पाता और शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में वह व्यक्ति भी डायरिया की चपेट में आ जाता है।

क्या है परहेज

सही समय पर इलाज करवाने से इससे आसानी से निजात भी पाई जा सकती है। दस्त लगने पर शरीर में से पानी और खनिज लवण बाहर निकल जाते हैं, वहीं शरीर को पोषण भी समुचित रूप से नहीं मिल पाता। ठंड से परहेज रखें। दूषित पानी पीने से डायरियां का बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाता है। इसलिए उबला हुआ पानी पियें, तरल पदार्थ व हल्का भोजन ज्यादा लें।

डायरियां दूषित पानी के सेवन से अधिक होता है। पीलिया के मरीजों का लीवर काफी कमजोर रहता है, इसलिए ऐसे मरीजों में यह बीमारी अधिक पनपती है। अस्पताल में ऐसे मामले लगातार आ रहे हैं। डायरिया या पीलिया के लक्षण पाए जाने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

डा. राजेश कश्यप, प्रोफेसर मेडिसन, आईजीएमसी शिमला।

Image:slidesharecdn

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