पीलिया से 16 लोगों की मौत, पर सरकार के लिए आंकड़ा सिर्फ 4 और शिमला पीलिया मुक्त

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बीते दिन भी शिमला में रह रहे एक अन्य वकील राकेश चंदेल की पीजीआई में पीलिया से मौत हो गई थी। महिला वकील सुप्रिया जमालटा की मौत भी पीलिया की वजह से आईजीएमसी में हो चुकी है। शुक्रवार रात करीब 11.25 बजे राजधानी के खलीनी के दुकानदार ओमकार की भी पीलिया की वजह से मौत हो गई।

शिमला -हिमाचल सरकार भले ही राजधानी शिमला के पीलिया मुक्त होने के दावे कर रही हो, लेकिन शहर के ही एक और वरिष्ठ वकील और एक कारोबारी की पीलिया से मौत हो गई। सूबे में पीलिया से अब तक करीब 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि विभाग के पास 4 लोगों का ही आंकड़ा है।

राजधानी शिमला में पीलिया से 3 वकीलों की ही जान जा चुकी है। शनिवार को एक ही दिन दो लोगों की मौत हड़कंप मच गया है। इसके अलावा हजारों की तादाद में लोग पीलिया से पीडि़त हैं। शिमला और सोलन में अभी भी रोजाना पीलिया के दर्जनों मामले आ रहे हैं।

हिमाचल हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील जगदीश वत्स को पीलिया होने पर आईजीएमसी में उपचार के लिए ले जाया गया। गंभीर हालत में उन्हें 17 फरवरी को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। शनिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।

बीते दिन भी शिमला में रह रहे एक अन्य वकील राकेश चंदेल की पीजीआई में पीलिया से मौत हो गई थी। महिला वकील सुप्रिया जमालटा की मौत भी पीलिया की वजह से आईजीएमसी में हो चुकी है। शुक्रवार रात करीब 11.25 बजे राजधानी के खलीनी के दुकानदार ओमकार की भी पीलिया की वजह से मौत हो गई।

इन्हें आईजीएमसी में भर्ती कराया गया था। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश का कहना है कि खलीनी के दुकानदार की मौत पीलिया से हुई है। वकील जगदीश वत्स को गंभीर हालत में आईजीएमसी से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई है।

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