Connect with us

Featured

सड़क पक्की नहीं हुई तो नोटा दबाकर ज्वाली विधानसभा क्षेत्र करेगा कांग्रेस-बीजेपी का बहिष्कार

Jwali-Vidhansabha-Road-1

काँगड़ा- काँगड़ा ज़िले के अन्तर्गत ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के चनणी गांव के स्थानीय निवासियों ने हिमाचल वॉचर से संपर्क किया और बताया कि उनके क्षेत्र की सड़क की हालात बहुत खराब है और इस कच्ची सड़क को बने करीब 40 वर्ष हो गए हैं, लेकिन आज भी यह सड़क पक्की नहीं हो पायी है।

लोगो का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीरज भारती ने 2012 में हुए विधानसभा चुनावो के समय कहा था कि वे जब तक यह सड़क काली नहीं हो जाती (तारकोल से पक्का होना) तब तक वे व्यक्तिगत तौर पर इस चुनाव क्षेत्र में नहीं आयँगे।

पढ़ें:अपने ही चुनाव क्षेत्र में छुप-2 कर आते है नीरज भारती जहाँ 30 साल से लोग कर रहे पक्की सड़क और बस का इंतज़ार

गांव के स्थानीय लोगो का कहना है कि पिछले 40 वर्षो से वादे पर वादे ही हुए है लेकिन काम कुछ नहीं हुए। यहाँ तक कि नीरज भारती के पिता पूर्व विधायक(ज्वाली) व पूर्व सांसद चंदर कुमार के समय से ही झूठे वादे होना शुरू हो गए थे। अब वतर्मान विधायक नीरज भारती भी उस झूठ की रीत को आगे बडा रहे हैं ।

भारतीय सेना के जवान शहीद रोशन के शव को ले जाने में हुई मुश्किलें

ग्रामीणों ने बताय कि कुछ समय पहले ही चनणी गांव के रहने जवान रोशन जो भारतीय सेना में तैनात थे। वे छुटियों में नूरपुर आये हुए थे जहाँ उनका देहांत हो गया। शहीद रोशन के परिजन उनके देह को लेकर नूरपुर से अपने पैतृक गाँव चांदनी आ रहे थे। लेकिन चनणी सड़क को देख उनके परिजन काफी दुखी हुए। इस सड़क पर गाड़ी लाना बहुत मुश्किल था। रास्ते में कई गाड़ियां फस गयी और कुछ को 4 किलोमीटर तक पैदल ही जाना पड़ा।

Chandni-road-condition-Kangra

शहीद जवान के परिजन पहले ही शोक की स्थिति में थे लेकिन चनणी सडक की हालत ने उन्हें पूरा तोड़ दिया। अंतिम संस्कार होने बाद शाम को जब परिजन वापस जाने लगे तो उनकी गाड़ियां निकलने में कितना समय लगा होगा यह अंदाज़ा आप लगा ही सकते हैं।

जवान के देहांत के 3 दिन बाद कागजी कार्यवाही के लिए भारतीय सेना की गाड़ी आयी तो वो भी नाले में फंस गयी और गहरी खायी की और धीरे-2 धंसने लगी। सेना के जवान मदद के लिए चिल्लाने लगे तभी वहां से गुजर रही एक लड़की आयी और उसने आस-पास के घरों से लोगो को बुलाया।

लोगो ने मौके पर देखा तो सेना की गाड़ी गहरी खायी में जाने ही वाली थी अगर लोग पहुँचने में थोड़ा और विलम्ब करते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। काफी मुशकत के बाद गाड़ी को सड़क पर लाया गया।

सड़क न होने की वजह से स्कूल के छात्रों की होती है पिटाई

स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि चांदनी गांव में पब्लिक स्कूल की बस आती हे लेकिन उस बस को देखे कर ऐसा नही लगता की वो स्कूल की बस है। खराब सड़क होने की वजह से कई बार इस बस का हादसा होने से टला है। ऐसा कई बार हुआ जब गांव के लोगों ने धक्का लगा कर स्कूल की बस को निकला है। स्कूल जाने वाले बच्चे कीचड़ का सामना करते हुए कितनी मुश्किलो से जाते होंगे यह आप खुद ही सोच सकते हैं।

Chandni-Road-Kangra

स्कूल के छात्रों हर बार स्कूल में समय से नहीं पहुंचते है। जबकि सरकारी स्कूल के सभी छात्र भी स्कूल काफी देरी से पहुंचते है जिससे उनकी शिक्षा व अनुशासन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चो को हर बार इस चांदनी सडक की वजह से सजा भी मिलती हे लेकिन स्कूल के अध्यापक कभी नही सोचते की सड़क न होने के कारण ये सब हो रहा हे।

विडियो

लोगों ने आरोप लगाया कि इस सड़क पर पीडब्ल्यूडी विभाग कोटला के कर्मचारी आते है और नंबर लगा के चले जाते है। यह सब केवल एक दिखावा है। नीरज भारती कुछ करना नही चाहते वे केवल फसबूक पर हर समाय ऑनलाइन मिलते है लेकिन काम के लिए उनके पास समय नही है।

चनणी गांव के स्थानीय निवासियों ने बताया कि उनके गांव के कुछ लोग आर्थिक सहायता और इस सड़क के पक्का होने की बात को लेकर विधियाक नीरज भारती के घर गए हाथ जोड़े मदद मांगी कि श्रीमान मारी सड़क का कुछ करो लेकिन माननीय विधायक घर से बाहर न निकले और लोगो को निराश होकर लौटना पड़ा।

Neeraj-bharti-MLA-Jwali-Kangra

लोगों ने आरोप लगाया कि इस सड़क पर पीडब्ल्यूडी विभाग कोटला के कर्मचारी आते है और नंबर लगा के चले जाते है। यह सब केवल एक दिखावा है। नीरज भारती कुछ करना नही चाहते वे केवल फसबूक पर वो हर समाय ऑनलाइन मिलते है लेकिन काम के लिए उनके पास समय नही है।

चनणी गांव के स्थानीय निवासियों ने बताया कि उनके गांव के कुछ लोग आर्थिक सहायता और इस सड़क के पक्का होने की बात को लेकर विधायक
नीरज भारती के घर गए हाथ जोड़े मदद मांगी कि श्रीमान हमारी सड़क का कुछ करो लेकिन माननीय विधायक घर से बाहर न निकले और लोगो को निराश होकर लौटना पड़ा।

लोगो का कहना है कि इस सड़क को ठीक करने के लिए यहाँ जेसीबी भेज दी जाती है और एक दिन में 4 किलोमीटर से जयादा सड़क बना दी जाती है। यानि 11:35 से लेकर शाम 4:30 तक ही सारी सड़क को बना दिया जाता है।चाहे सडक नरक बनती जाये। इस तरह के तेज काम से चांदनी गांव की सड़क की हालत बहुत ख़राब हो गयी है।

पढ़िए क्या कहना है विधियाक नीरज भारती का:फॉलोअप: नीरज भारती अपने शब्दों पर कायम, कहा चनणी सड़क को मिली वितीय क्लीयरेंस, सड़क पक्का होने पर ही मांगेंगे वोट

भारती ने यह भी कहा कि बहुत से काम हो गए हैं और कुछ प्रक्रिया में हैं तो कुछ रह भी गए हैं लेकिन कोशिश पूरी है कि सब काम हो और लोगो को सहूलियत मिले।

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने काँगड़ा दौरे के दौरान यह घोषणा की थी कि जिले की ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चनणी सड़क को पक्का किया जायेगा। लेकिन लोगो का कहना है कि वे अब कसी भी नेता के झूठे वादों के बहकावे में नहीं आएंगे।

गुस्साए लोगो का यह भी कहना है कि अगर चुनावों से पहले इस सड़क का काम शुरू नही होता है तो सभी ग्रामवासी इस विधानसभा चुनाव में नोटा(NOTA)का इस्तेमाल करके चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि समय रहते इस सड़क को ठीक करवाया जाये।

Featured

सुप्रीम कोर्ट के लताड़ के बाद केंद्र सरकार की टीकाकरण नीति में बदलाव, 18-44 साल तक के लोगों को फ्री मिलेगी वैक्सीन

new vaccine policy

नई दिल्ली –केंद्र सरकार ने यह घोषणा की है कि राज्यों के जिम्मे जो 25 प्रतिशत टीकाकरण था, उसे अब केंद्र सरकार द्वारा करवाया जायेगा। इस निर्णय को दो सप्ताह में अमल में ला दिया जाएगा।

केंद्र सरकार ने ये भी घोषणा की है कि आगामी 21 जून से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को मुफ्त टीका प्रदान किया जायेगा।  यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार की निति को लेकर पड़ी फटकार के बाद आया है , और इसके लिए सर्वोच्चा निरयला की प्रशंशा भी की जा रही है।

बीते हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र द्वारा इसी आयु वर्ग के टीकों के लिए राज्यों व निजी अस्पतालों को लोगों से शुल्क वसूलने की अनुमति देने को लेकर सवाल उठाए थे। न्यायालय ने कहा था कि राज्यों और निजी अस्पतालों को 18-44 साल के लोगों से टीके के लिए शुल्क वसूलने की अनुमति देना पहली नजर में ‘मनमाना और अतार्किक’है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उदारीकृत टीकाकरण नीति और केंद्र, राज्यों और निजी अस्पतालों के लिए अलग-अलग कीमतों को लेकर केंद्र सरकार से कुछ तल्ख सवाल पूछे थे। शीर्ष अदालत देश में कोविड-19 के प्रबंधन पर स्वत: संज्ञान लिए गए एक मामले पर सुनवाई कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि माजूदा पालिसी के कारण नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो तो अदालतें मूकदर्शक बनी हुई नहीं रह सकत।

केंद्र सरकार ने बताया कि 75% टीकाकरण मुफ्त होगा और केंद्र के तहत, 25% का भुगतान केंद्र करेगा। ये टीका निजी अस्पतालों में लगाया जाएगा।राज्य सरकारें इस बात की निगरानी करेंगी कि निजी अस्पतालों द्वारा टीकों की निर्धारित कीमत पर केवल 150 रुपये का सर्विस चार्ज लिया जाए।

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को दीपावली तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। नवंबर महीने तक, 80 करोड़ लोगों को हर महीने निर्धारित मात्रा में मुफ्त अनाज मिलता रहेगा।

केंद्र सरकार ने कहा कि यह भी कहा कि 2014 में देश में टीकाकरण की कवरेज 60 फीसदी थी, लेकिन पिछले पांच-छह वर्षों में इसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया है।

लेकिन प्रधानमंत्री ने फ़ज़ीहत से बचने के प्रयास में अपनी पहले कि पालिसी के लिए राज्य सरकारों को कसूरवार ठहरा दिय।

“ज्योंहि कोरोना के मामले घटने लगे, राज्यों के लिए विकल्प की कमी को लेकर सवाल उठने लगे और कुछ लोगों ने सवाल किया कि केन्द्र सरकार सब कुछ क्यों तय कर रही है। लॉकडाउन में लचीलापन और सभी पर एक ही तरह की बात लागू नहीं होती के तर्क को आगे बढ़ाया गया। 16 जनवरी से अप्रैल के अंत तक भारत का टीकाकरण कार्यक्रम ज्यादातर केन्द्र सरकार के अधीन चलाया गया। सभी के लिए नि:शुल्क टीकाकरण का काम आगे बढ़ रहा था और लोग अपनी बारी आने पर टीकाकरण कराने में अनुशासन दिखा रहे थे। इन सबके बीच टीकाकरण के विकेंद्रीकरण की मांग उठाई गई और कुछ आयु वर्ग के लोगों को प्राथमिकता देने के निर्णय की बात उठाई गई। कई तरह के दबाव डाले गए और मीडिया के कुछ हिस्से ने इसे अभियान के रूप में चलाया,” प्रधान मंत्री ने अपने बचाव में तर्क दिय।

 

Continue Reading

Featured

राज्य सरकार के पास वैक्सीन की कमी तो निजी अस्पतालों के पास कहाँ से आ रही सप्लाई?

discrimination in vaccination

शिमला- सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष के लिये लागू की गयी वैक्सीनेशन की नीति निंदा का विषय बन गयी है और इसे पूर्णतः भेदभावपूर्ण व असंवैधानिक करार दिया जा रहा हैI हाल ही में सरकार द्वारा युवा वर्ग के लिए जो ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर थोड़ी बहुत वैक्सीनशन की जा रही थी वह भी सरकार के अनुसार अब वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण बन्द कर दी गई है। वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करना ही अपने आप में एक बहुत बड़ी समस्या है, खासकर प्रदेश के दूर दराज़ इलाको में रहने वाले लोगों के लिए जो इंटरनेट की सेवा से वंचित हैंI

सुप्रीम कोर्ट ने अभी सरकार कि इस निति से असंतुष्टि जताई है।

याद रहे कि अभी सरकार 50:25:25 के अनुपात में वैक्सीन कि सप्लाई कर रही हैI इसका मतलब है कि कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार के पास रहेगा जबकि 25 – 25 प्रतिशत राज्यों और निजी हॉस्पिटलों को मुहया करवाया जायेगा

शिमला के पूर्व मेयर एवं कम्युनिस्ट पार्टी के नेता, संजय चौहान, ने सरकार द्वारा देश व प्रदेश में लागू की जा रही वैक्सीनशन नीति को लचर व भेदभावपूर्ण बताते हुए कड़ी भर्त्सना की है और सरकार से मांग की है कि इस कोविड-19 महामारी में समय पर रोकथाम हेतु 18 वर्ष की आयु से ऊपर सभी का समयबद्ध तरीके से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर मुफ़्त वैक्सीनशन कर अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करे।

चौहान ने कहा कि देश व प्रदेश में महंगी दरों पर निजी अस्पतालों व अन्य संस्थानों को युवा वर्ग की वैक्सीनशन की इजाज़त देकर आरम्भ किया गया है। यह बिल्कुल भेदभावपूर्ण व असंवैधानिक है क्योंकि भारत के संविधान की धारा 21 सभी को जीवन व धारा 14 सभी को बराबरी का अधिकार प्रदान किया गया है। इसलिए देश मे सभी युवा, वृद्ध, बच्चों, गरीब, अमीर व हर वर्ग के लोगों के जीवन की रक्षा करना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। चौहान ने कहा कि सरकार की वैक्सीनशन को लेकर लागू नीति व कार्यप्रणाली यहां भी संदेह में आती है क्योंकि प्रदेश सरकार के अनुसार उनको वैक्सीन नहीं मिल रही है इसलिए 18 से 44 आयु वर्ग की वैक्सीनशन नहीं की जा रही है

चौहान ने पुछा है कि इन निजी अस्पतालों व संस्थानों के पास वैक्सीन कहाँ से आ रही है। चौहान ने आरोप लगया है कि सरकार का यह निर्णय स्पष्ट रूप से इन निजी अस्पतालों व संस्थानों को लाभ पहुंचाने का है और इससे कोविड-19 से पैदा हुए संकट से जूझ रहे गरीब व दूरदराज के लोग वैक्सीन से वंचित रह रहे है।

केन्द्र सरकार का कहना है कि देश में वैक्सीन की कमी नहीं होने दी जाएगी जबकि दूसरी ओर आज अधिकांश राज्य सरकारें वैक्सीन की कमी बता रही है और कह रही है कि वो जितनी वैक्सीन की मांग कर रही है उन्हें केन्द्र सरकार उतनी वैक्सीन उपलब्ध नहीं करवा रही है। जिससे सरकार को आज 18 से 44 आयु वर्ग को वैक्सीन लगाना सम्भव नहीं हो रहा है।

चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को समय और मांग अनुसार वैक्सीन उपलब्ध न करवाना भी हमारे देश के संवैधानिक संघीय ढांचे पर चोट है। इसलिए सरकार की वक्सीनेशन नीति मनमानी व तर्कहीन है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान अपने एक आदेश में केन्द्र सरकार को लताड़ लगाई है। चौहान ने मांग की है कि इसमे सरकार तुरन्त बदलाव करे और वक्सीनेशन को मुफ़्त सार्वभौमिक कर सभी को सरकार उपलब्ध करवाए।

चौहान ने कहा कि कोविड-19 महामारी से देश व प्रदेश में लाखों लोग प्रभावित है और कई मौते हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मौतों के लिए जिम्मेदार मुख्यतः सरकार की कोविड-19 से निपटने के लिए की गई लचर नीति व आधी अधूरी तैयारी रही है।

उनका कहना है कि सरकार द्वारा उचित रूप में टेस्टिंग न करना व देश में ऑक्सिजन व अन्य मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं की कमी तथा देश मे समय रहते वक्सीनेशन न करने के कारण अधिकांश मौते हुई है। आज दुनिया में इस कोविड-19 महामारी पर काबू पाने हेतु वैक्सीनशन ही एकमात्र चारा है।

Continue Reading

Featured

भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा का निधन, पार्टी के नेताओं नें दी श्रद्धांजलि

narinder bragta

शिमला- शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा का आज सुबह निधन हो गया। नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन ने ट्वीट कर ये जानकारी दी। बरागटा पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती थे। बरागटा प्रदेश सरकार में मुख्य सचेतक भी थे।

बरागटा कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड अफेक्ट से जूझ रहे थे। वो 20-25 दिनों से पीजीआई में भर्ती थे। उनकी दूसरी बीमारी डायग्नोज नहीं हो पा रही थी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।  निधन के बाद उनका शव चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन लाया गया। उनका अंतिम संस्कार रविवार को पैतृक गांव तहटोली में होगा। आज उनकी पार्थिव देह कोटखाई में अंतिम दर्शन के लिए रखी जाएगी।

नरेंद्र बरागटा का जन्म 15 सितंबर 1952 को घर गांव टहटोली तहसील कोटखाई जिला शिमला में हुआ था। उनके दो पुत्र चेतन बरागटा व ध्रुव बरागटा हैं।

बरागटा 1969 में डीएवी स्कूल शिमला में छात्र संसद के महासचिव बने  तथा 1971 में एसडीबी कॉलेज शिमला के केंद्रीय छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने गए।

नरेंद्र बरागटा 1978 से लेकर 1982 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे । 1983 से लेकर 1988 तक जिला शिमला भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री रहे।

1993 से लेकर 1998 तक भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।

नरेन्द्र बरागटा वर्ष 1998 में शिमला विधानसभा क्षेत्र से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और प्रदेश में भाजपा नेतृत्व की सरकार में बागवानी राज्य मंत्री बने।वर्ष 2007 में वह पुनः जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा के लिए चुने गए और भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए।

नरेन्द्र बरागटा वर्ष 2017 में फिर विधानसभा के लिए चुने गए और मुख्य सचेतक बनाए गए। वर्तमान में वह जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से विधायक व सरकार में मुख्य सचेतक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे ।

मुखयमंत्री जयराम ठाकुर,जगत प्रकाश नड्डा,सुरेश कश्यप,अनुराग ठाकुर ने नरेंद्र बरागटा को श्रद्धांजलि दी।और दुःख व्यक्त किया।

Continue Reading

Featured

kinnaur landslide in batseri kinnaur landslide in batseri
अन्य खबरे1 week ago

किन्नौर: पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा, 9 लोगों की मौत, तीन लोग घायल

किन्नौर-  रविवार को प्रदेश के किन्नौर जिले के बटसेरी के गुंसा के पास सांगला-छितकुल मार्ग पर भूस्खलन होने के कारण...

hrtc strike over rm transfer hrtc strike over rm transfer
अन्य खबरे1 week ago

परिवहन मंत्री के वार्ता पर बुलाने पर एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों की हड़ताल सोमवार तक स्थगित (वीडियो)

शिमला- हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के चालको और परिचालकों ने अपनी हड़ताल को 24 जुलाई को रात 8 बजे...

former cm virbhdara singh passes away former cm virbhdara singh passes away
अन्य खबरे4 weeks ago

हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता राजा वीरभद्र सिंह का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

शिमला–  हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह का निधन बुधवार रात को हो गया है। उनहोंने  शिमला के...

hp cabinet meeting 7 july hp cabinet meeting 7 july
अन्य खबरे4 weeks ago

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय: काॅलेजों के प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को किया जायेगा प्रमोट, सामाजिक समाराहों में ज्यादा लोग ले सकेंगे हिस्सा

शिमला- प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को आयोजित की गई जिसमे कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में...

himachal pradesh hoteliers himachal pradesh hoteliers
अन्य खबरे1 month ago

हिमाचल टूरिज्म इंडस्ट्री की अन्य राज्यों की तर्ज़ पर गार्बेज तथा प्रॉपर्टी टैक्स पर छूट की मांग

शिमला –हिमाचल प्रदेश पर्यटन स्थल के नाम पर एक जानामाना नाम है जो सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विश्व...

bjp mla vishal nehriya bjp mla vishal nehriya
अन्य खबरे1 month ago

वीडियो: धर्मशाला भाजपा विधायक पर पत्नी ने लगाया मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप, पुलिस से मांगी सुरक्षा

शिमला- धर्मशाला से बीजेपी  के विधायक विशाल नेहरिया की एचएएस पत्नी ओशिन शर्मा ने उन पर मारपीट तथा मानसिक तौर...

sirmaur newborn girl child thrown in fields sirmaur newborn girl child thrown in fields
अन्य खबरे1 month ago

सिरमौर: गोबर के ढेर में मिली नवजात बच्ची की माँ निकली बारहवीं कक्षा की छात्रा, दुष्कर्म के आरोप में जीजा गिरफ्तार

सिरमौर-  प्रदेश में कुछ दिन पहले सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल के एक गांव में नवजात बच्ची को खेत में...

sp kullu and cm security sp kullu and cm security
अन्य खबरे1 month ago

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक कुल्लू और मुख्यमंत्री सुरक्षा इंचार्ज के बीच चले लात घूंसे

कुल्लू-  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बुधवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान भुंतर एयरपोर्ट के...

apple carton apple carton
अन्य खबरे1 month ago

प्रदेश में कार्टन की कीमतों में भारी वृद्धि से बागवानों में रोष, 20 दिन बाद अपने ही बयान से पलटे बागवानी मंत्री

शिमला- प्रदेश के किसान व बागवान अत्यंत संकट के दौर से गुजर रहे हैं। उसपर सरकार के उपक्रम एच पी...

hp cabinet meeting 22 june hp cabinet meeting 22 june
अन्य खबरे1 month ago

मंत्रिमण्डल के निर्णय : हिमाचल में अन्तरराज्यीय बसों को शुरू करने और ई-पास समाप्त करने पर सहमति, पढ़ें कैसे होगी 12वीं कक्षा के थ्योरी के अंकों की गणना

शिमला- हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक आज 22 जून 2021 को आयोजित की गयी। 1 जुलाई, 2021 से वाॅल्वो बसों...

Popular posts

Trending