फॉलोअप: नीरज भारती अपने शब्दों पर कायम, कहा चनणी सड़क को मिली वितीय क्लीयरेंस, सड़क पक्का होने पर ही मांगेंगे वोट

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काँगड़ा- काँगड़ा ज़िले के अन्तर्गत ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के चनणी गांव के स्थानीय निवासियों ने कुछ दिन पहले हिमाचल वॉचर से संपर्क किया और बताया कि उनके क्षेत्र की कच्ची सड़क की हालात बहुत खराब है और इस सड़क को बने करीब 25 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी यह सड़क पक्की नहीं हो पायी है। लोगो का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीरज भारती ने 2012 में हुए विधानसभा चुनावो के समय कहा था कि वे जब तक यह सड़क काली नहीं हो जाती (तारकोल से पक्का होना) तब तक वे व्यक्तिगत तौर पर इस चुनाव क्षेत्र में नहीं आयँगे।

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विधयाक नीरज भारती ने हिमाचल वॉचर को इसके उत्तर में कहा कि वे इस बात को स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह कहा था कि वे चनणी गाँव तभी वोट लेने जायँगे जब यह सड़क पक्की हो जायगी। विधयाक का यह भी कहना था कि वे इस सड़क के रख रखाव के लिए हमेशा से कोशिश कर रहे हैं।

सड़क को पक्का करने के बजट के सवाल पर विधयाक ने कहा कि उन्होंने एक्सईन से बात की है और बजट को क्लीयरेंस मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जायगी जिसमे थोड़ा सा समय लग सकता है।

भारती ने यह भी बताया कि जिस समय यह सड़क बनी उस समय वन विभाग के नियम सख्त नहीं होते थे जिस के चलते काफी सड़कें बनायी गयी थी। उस समय बजट भी कम होता था और कई सड़कें पक्की तक नहीं हुई थी। तबसे लेकर अबतक केवल चनणी गांव व उसके आसपास के एक या दो गांव की सड़कें ही कच्ची हैं। विधायक ने यह भी कहा कि अब अधिकतर सड़कें पक्की हैं कोई भी ब्लाइंड रोड नहीं है।

ज्वाली विधयाक ने बताया कि वन विभाग ने इस क्षेत्र का विवरण माँगा था, जिसमें पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा दिए गए सड़क के विवरण में कहा गया कि इन सड़कों को हम बनाना चाहते हैं और विभाग द्वारा इन इलाकों में लोगो की जनसंख्या को भी दर्शाया गया था।

भारती ने बताया कि उस समय वन विभाग ने इस सड़क पर वनों से जुड़े कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। वन विभाग ने यह प्रश्न किया था कि यह सड़क बिना विभाग की सहमति से कैसे बनाई गयी और जिसके कारण विभाग ने सड़क बनाने के लिए एनओसी नहीं दिया था।

विधयाक का कहना है कि इस सड़क में उल्लंघन होने और पर्यावरण कानूनों के सख्त होने की वजह से अब कोई अफसर भी इस कार्य में जोखिम नही उठता।

ज्वाली विधयाक के अनुसार इस सड़क को पक्का करने के लिए हिमाचल सरकार ने केंद्र सरकार को वन विभाग की मंजूरी के लिए जरुरी दस्तावेज भेजे थे। केंद्र सरकार ने सड़क को पक्का करने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के पास जब वन विभाग कानून उल्लंघन से जुडी कोई भी फाईल जाती है तो उस फाईल को मंजूरी मिलने में काफी समय लगता है।

विधयाक का कहना है कि जब भी वहां बारिश होती है तो वे व्यक्तिगत रूप से सम्बन्धित विभाग के कर्मचारियों व जेसीबी और मजदूर सड़क ठीक करवाने के लिए भेजते हैं जो कि आधिकारिक रूप से विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।

ज्वाली विधयाक ने साफ तोर पर कहा कि उनका यह वादा है कि जब तक यह सड़क पक्की नहीं हो जाती तब तक वे यहां की जनता से वोट मांगने नहीं आयँगे। विधयाक ने अपने शब्दों को फिर से दोहराते हुए कहा कि वे अपने बोले शब्दों पर कायम हैं और वह वोट तभी मांगने आयँगे जब सड़क पक्की हो जायगी।

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