शिमला पुलिस की गुंडागर्दी का नतीजा: 5 मई को हुए लाठीचार्ज में शख्स ने गवाईं आँख, इलाज को नहीं पैसे, दर-दर भटकने को मजबूर

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dsp amit thakur

लोकल बस अड्‌डे में लाठीचार्ज 5 मई की रात को हुई थी। डीएसपी ट्रैफिक जो की मौजूदा लोगों के अनुसार शराब के नशे में धुत था समेत क्यूआरटी के जवानों ने लोगों पर लाठियां बरसाई थी, जिसमें कई लोग जख्मी हो गए थे।

शिमला– मंडी की एक महिला अपने बेटे की आंख के उपचार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। शहर के लोकल बस अड्डे में पांच मई को हुए लाठीचार्ज में उसके बेटे राकेश कुमार की आंख में लाठी से गंभीर चोट लगी थी। निर्धन परिवार की मदद के लिए न तो पुलिस महकमे की ओर से प्रयास किए गए और न ही सरकार से।

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ऑपरेशन में लगेंगे 50 हजार से अधिक की राशि

आईजीएमसी से राकेश कुमार को पीजीआई के लिए रेफर किया गया है, मगर उसके परिजनों के पास इतनी धनराशि नहीं है कि उसकी आंख का उपचार करवा सके। महिला ने पुलिस समेत प्रदेश सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।ऑपरेशन में 50 हजार से अधिक राशि खर्च होगी। ऑपरेशन के लिए इतनी राशि उनके पास नहीं है। राकेश के पिता पहले ही बीमार रहते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक आईजीएमसी से लेकर चंडीगढ़ तक करीब 60 से 70 हजार खर्च चुका है। वह राशि भी किसी से उधार ली गई है। परिवार के पास रोजगार का कोई साधन ही नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटे के जख्मी होने के बाद पुलिस की ओर से केवल दो हजार की राहत दी गई। जबकि चंडीगढ़ पहुंचने में ही हजारों रुपए खर्च हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटा पढ़ाई लिखाई में अच्छा है। अगर उसकी आंख का ऑपरेशन नहीं हुआ तो वह उम्र भर बेरोजगार ही रहेगा। उन्होंने जिला पुलिस समेत सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है, जिससे वह अपने बेटे का ऑपरेशन करवा सके।

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ऐसे हुआ था लाठीचार्ज

लोकल बस अड्‌डे में लाठीचार्ज 5 मई की रात को हुई थी। डीएसपी ट्रैफिक जो की मौजूदा लोगों के अनुसार शराब के नशे में धुत था
समेत क्यूआरटी के जवानों ने लोगों पर लाठियां बरसाई थी, जिसमें कई लोग जख्मी हो गए थे। महिला ने लाठीचार्ज में शामिल डीएसपी, जवानों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी गुंडागर्दी के कारण ही उनके बेटे को यह तकलीफ सहन करनी पड़ रही है। मामले में संलिप्त डीएसपी समेत क्यूआरटी के जवानों को बदल दिया गया है।

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आंख का परदा ब्लड से चिपक गया

पीड़ित राकेश की मां कांता देवी ने बताया कि लाठीचार्ज में बेटे की आंख में गंभीर चोट लगी थी और अब उसे आंख से कुछ दिखाई नहीं देता है। आईजीएमसी के चिकित्सकों में पीजीआई में उपचार कराने की बात की थी। वह बेटे को चंडीगढ़ ले गई। वहां चिकित्सकों ने कहा कि आंख का परदा ब्लड में चिपक गया है आंसुओं की नाली प्रेस हो गई है। ऑपरेशन कर ही ठीक होने का पता चलेगा।

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