शौंगठंग मामले में सीटू के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने धारा-144 तोड़ स्कैंडल प्वाइंट पर किया प्रदर्शन, 48 कार्यकर्ता गिरफ्तार

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CITU Protest

शिमला- शौंगठंग मामले में सीटू कार्यकर्ताओं ने उग्र रूप धारण कर लिया है। छोटा शिमला में अनशन पर बैठे 2 कार्यकर्ताओं को उठाने के विरोध में सीटू के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को स्कैंडल प्वाइंट पर धारा-144 तोड़कर जमकर प्रदर्शन किया। एकाएक सीटू कार्यकर्ताओं को देख पुलिस दल मौके पर पहुंचा और 48 कार्यकर्ताओं को गाड़ी में ठूंसकर बालूगंज छोड़ दिया। इस दौरान स्कैंडल प्वाइंट पर काफी देर तक पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच खींचातानी होती रही लेकिन सीटू के कुछ कार्यकर्ता मौके से फरार हो गए। जो कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Rakesh Singha

हैरत की बात है कि शौंगठंग में बीते 113 दिनों से चल रही हड़ताल थमने का नाम नहीं ले रही है। शिमला के छोटा शिमला में 7 दिन से सीटू के कार्यकर्ता अनशन पर बैठे हैं। जब इन्हें वहां से उठाया गया तो सीटू ने आंदोलन को तेज कर गिरफ्तारियां देनी शुरू कर दीं। सीटू राज्य कमेटी के अनिश्चितकालीन अनशन के 7वें दिन प्रशासन ने अनशन पर बैठे 2 अन्य कार्यकर्ताओं को उठाकर साधूपुल पहुंचाया था लेकिन वहां पर तबीयत बिगडऩे पर उन्हें उठाकर आईजीएमसी ले गई। इनमें सीटू के राज्य उपाध्यक्ष राकेश सिंघा व संजू नेगी मौजूद थे। इन्हें आईजीएमसी में भर्ती करवाया गया है और इनका मैडीकल करवाया जा रहा है।

Scandel Point Shimla

अनशन पर बैठे सीटू राज्य महासचिव कश्मीर ठाकुर, सूर्य प्रकाश व केवल कृष्ण नेगी की वीरवार को ही किटौन लेवल बढऩे के कारण तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें भी आईजीएमसी ले जाया गया था। शौंगठंग बिजली परियोजना में 900 मजदूर 113 दिन से हड़ताल पर हंै। परियोजना में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ रही हैं। इसी के विरोध में सीटू राज्य कमेटी ने छोटा शिमला में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया था। एएसपी भजन नेगी ने कहा कि सीटू के कार्यकर्ताओं द्वारा स्कैंडल प्वाइंट पर धारा-144 तोडऩे का प्रयास किया गया जोकि बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब सीटू के कार्यकर्ताओं ने स्कैंडल प्वाइंट पर जोरदार प्रदर्शन किया तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

Shimla Police

तेज होगा आंदोलन- विजेंद्र मैहरा

सीटू राज्य सचिव विजेंद्र मैहरा ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद भी श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उच्च न्यायालय ने जिलाधीश किन्नौर को आदेश दिए थे कि समझौता वार्ता करें लेकिन जिलाधीश किन्नौर बावजूद इसके भी आनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य उपाध्यक्ष रोकश सिंघा व संजू को भूखा होने के बावजूद भी पुलिस बल के सहारे जबरन अनिश्चितकालीन अनशन से उठाकर साधूपुल में पुलिस कस्टडी में रखा गया। वहां पर कमजोरी व चक्कर आने के बाद ही आईजीएमसी लाया गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि सीटू अब आंदोलन को और उग्र करेगी, जिसकी सारी जिम्मेदारी जिलाधीश किन्नौर और प्रदेश सरकार की होगी।

Photo: Amit Kanwar

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