हिमाचल में सेब ढुलाई दरों में 10 % बढ़ोतरी से बागवानों में निराशा

0
519
apples-himachal

इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है,ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया,सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे

शिमला- शिमला जिले में सेब ढुलाई के रेट जिला प्रशासन ने बढ़ा दिए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। ढुलाई की दरों में इतनी बढ़ोतरी पर बागवान बिफर गए हैं।

बागवानों का कहना है कि इस साल मौसम की मार से फसल पहले ही कम है ऊपर से ढुलाई के रेट दस फीसदी बढ़ाना तर्कसंगत नहीं लग रहा है। सेब सीजन को लेकर उपायुक्त कार्यालय में हुई बैठक के दौरान दरें तय की गईं।

उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने मीटिंग की अध्यक्षता की। बैठक में ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया। सेब ढुलाई के भाड़े में बढ़ोतरी से बागवानों पर दोहरी मार पड़ी है। जिला प्रशासन ने सेब ढुलाई करने के लिए बीते वर्ष के भाड़े में दस फीसदी की बढ़ोतरी की है।

कई अफसर रहे बैठक से नदारद

सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे। लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंताओं को लिखित में बैठक की सूचना दी गई। रोहडू, चौपाल के बिजली विभाग और लोनिवि के अफसर बैठक में आए ही नहीं।

एसडीएम साहब आपके दफ्तर में भी तो नहीं होती है बिजली

बैठक के दौरान स्थिति उस समय हास्यास्पद हो गई जब किसानों ने कहा कि रोहडू, जुब्बल और चौपाल में बिजली की समस्या बहुत अधिक है। उसी समय एक किसान ने कहा कि एसडीएम साहब आपके दफ्तर में भी तो नहीं होती है बिजली। इस पर एसडीएम रोहड़ू ने माना और कहा कि हां जी दिक्कत है।

खुद करेंगे शौचालय का निर्माण

जिला उपायुक्त ने नारकंडा और सैंज में एपीएमसी को शौचालय बनाने के लिए निर्देश दिए थे लेकिन जब उपायुक्त ने बैठक के दौरान एपीएमसी के अधिकारी से पूछा की आपने शौचालय बना दिए हैं तो इस पर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर उपायुक्त ने कहा कि हम खुद शौचालय का निर्माण करेंगे और उस पर होने वाला सारा खर्च एपीएमसी को देना होगा।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS