एचआरटीसी के 30 हड़ताल करने वाले कर्मचारी बर्खास्त, टर्मिनेशन लैटर जारी करने के आदेश

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एचआरटीसी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के 30 पदाधिकारियों को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है,बाली ने वीरवार को शिमला में प्रेसवार्ता कर कहा कि हाईकोर्ट ने 13 जून को एचआरटीसी कर्मियों की हड़ताल पर रोक लगा दी थी

शिमला- हिमाचल हाईकोर्ट की रोक के बावजूद हड़ताल के लिए जिम्मेदार एचआरटीसी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के 30 पदाधिकारियों को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से चर्चा करने के बाद फैसला लिया है।

हिमाचल में पहली बार इतने बडे़ पैमाने पर कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। परिवहन निगम के एमडी को कर्मचारियों को टर्मिनेशन लैटर जारी करने के आदेश दे दिए हैं। शुक्रवार तक सभी कर्मचारियों को लेटर मिल जाएंगे।

इसके साथ ही सरकार ने परिवहन सेवाओं पर असेंशियल सर्विसेस मेंटीनेंस एक्ट (एस्मा) लागू कर दिया है। अब एचआरटीसी कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने पर एक्ट में तीन साल की सजा का प्रावधान है।

बैठक का बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए थे कर्मचारी

परिवहन मंत्री जीएस बाली ने वीरवार को शिमला में प्रेसवार्ता कर कहा कि हाईकोर्ट ने 13 जून को एचआरटीसी कर्मियों की हड़ताल पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद कर्मचारियों ने हड़ताल की। 14 जून को प्रधान सचिव परिवहन और निगम प्रबंधन ने इन कर्मचारियों के साथ बैठक की।

इसमें इन्हें हाईकोर्ट की ओर से जारी नोटिस की कॉपियां दीं। इन कर्मचारियों ने नोटिस लेने से मना कर दिया, जो हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। यह कर्मचारी बैठक का बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए। परिवहन मंत्री ने कहा कि बर्खास्त किए गए सभी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारी हैं।

एचआरटीसी कर्मियों की 90 फीसदी मांगें पूरी

बाली ने कहा कि एचआरटीसी कर्मियों की 90 फीसदी मांगें पूरी कर दी हैं। जहां तक निगम को रोडवेज बनाने की बात है, ऐसा संभव नहीं है। यह कर्मचारी निगम में सेवाएं दे रहे हैं न की रोडवेज में। ऐसे में कर्मचारियों की यह मांग जायज नहीं है।

जेसीसी के यह पदाधिकारी हुए बर्खास्त

एचआरटीसी तकनीकी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि अभी सरकार की ओर से बर्खास्त होने के आदेश नहीं मिले हैं।

विद्या सागर, खेमेंद्र गुप्ता, नानक शांडिल, कुलदीप ठाकुर, दलीप कुमार, कुशाल, जसमेर राणा, सुरेश कुमार, गुलाब सिंह, सुभाष वर्मा, सत्य प्रकाश, शंकर सिंह, रोशन चौहान, राजेंद्र सिंघा, रूप चंद, देसराज, देवेंद्र कुमार, जीत राम, दलीप कुमार, हेमंत कुमार, राजेंद्र ठाकुर, देवराज, हरदयाल सिंह, लक्ष्मी दत्त, बृजलाल, पृथ्वी राज, यशपाल, पवन कुमार गुलेरिया, नील कमल और जसपाल सुलतान।

हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे- राजेंद्र

एचआरटीसी तकनीकी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि अभी सरकार की ओर से बर्खास्त होने के आदेश नहीं मिले हैं। अगर बर्खास्त किया जाता है तो कर्मचारी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कर्मचारियों को न्यायालय पर पूरा भरोसा है। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी सचिवालय में बाली से मिले और फैसला वापस लेने की मांग की।

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