विद्यार्थियों की 70 दिनों की क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद न तो कुलपति को छात्रों की मूलभूत जरूरतों की आवाज सुनाई दे रही है व न ही भूखे बैठे छात्र दिखाई दे रहे है। भूख बैठ रहे छात्रों के बीमार पड़ने पर भी कुलपति कोई प्रतिक्रिया देना तक आवश्यक नहीं समझ रहे हैें।

शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में गुस्साए छात्रों ने मंगलवार को कुलपति की शव यात्रा निकाली। शंखनाद के बीच छात्रों ने पहले पूरे परिसर में अर्थी को घुमाया और इसके बाद कुलपति का पुतला जलाया। छात्रों ने 70 दिनों से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल को और अधिक उग्र कर दिया है।

शव यात्रा आ‌र्ट्स ब्लॉक से शुरू होकर समरहिल बाजार होते हुए पिंक पेटलस पर समाप्त हुई। पिंक पेटलस पर ही कार्यकर्ताओं ने कुलपति की प्रतीकात्मक अर्थी भी जलाई। शव यात्रा में सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। शव यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति की नीतियों व हठ के खिलाफ नारेबाजी की।

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शव यात्रा से बाहर निकला आक्रोश

छात्र नेता अध्यक्ष नोबल ठाकुर ने कहा कि कुलपति की तानाशाही के खिलाफ छात्रों का आक्रोश शवयात्रा से बाहर निकला है। महान उपन्यासकार प्रेमचंद के शब्दों में, ‘जब व्यक्ति कुछ नहीं कहता, कुछ नहीं सुनता और कुछ नहीं देखता, कुछ नहीं समझता तो व्यक्ति मर जाता है।’ विवि कुलपति की भी वर्तमान में यही स्थिति बनी हुई है।

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विद्यार्थियों की 70 दिनों की क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद न तो कुलपति को छात्रों की मूलभूत जरूरतों की आवाज सुनाई दे रही है व न ही भूखे बैठे छात्र दिखाई दे रहे है। भूख बैठ रहे छात्रों के बीमार पड़ने पर भी कुलपति कोई प्रतिक्रिया देना तक आवश्यक नहीं समझ रहे हैें।

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एमसीए विभाग के विद्यार्थी बैठे हड़ताल पर

छात्रों ने दो टूक कहा है कि इस कदर नकारात्मक रवैये वाले कुलपति को विवि में हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। छात्रों का आक्रोश भूख हड़ताल के दिनों के बढ़ने के साथ ही लगातार बढ़ता जा रहा है व यदि यह भूख हड़ताल और लंबी गई तो कुलपति के लिए परिणाम घातक होंगे। आंदोलन के 69वें दिन एमसीए विभाग के आयुष, विपिन और विपन आगामी 48 घंटों के भूख हड़ताल पर बैठे है।

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