आए थे सुरिक्षत प्रसव करवाने लेकिन ले जानी पड़ी अर्थी, अब बिना मां के कैसे जी पाऐंगे दुधमुंह बच्चे

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शिमला- आईजीएमसी अस्पताल में एक प्रसूता महिला की पीलिया से मौत हो गई। महिला को कमला नेहरू अस्पताल से आईजीएमसी शिफ्ट किया गया था वहां महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में रखा गया। महिला का नाम बबली ठाकुर बताया जा रहा है और यह सिरमौर की रहने वाली बताई जा रही है।

अस्पताल में 22 फरवरी को मौत हो गई थी लेकिन उस दिन मौत की असल वजह का पता नहीं चल पाया था। बुधवार को अस्पताल प्रबंधन के पास रिपोर्ट आई जिसमें हेपाटाइटस ई का जिक्र किया गया है। प्रसूता महिलाओं की एक के बाद एक हो रही मौतों पर सवाल उठ रहे हैं।

मां की मौत से दुधमुंह बच्चे कैसे जी पाऐंगे इस पर भी प्रश्न चिंह लग गया है। इस बारे में राज्य सरकार को जागरूक करने की जरूरत है। महिला के परिजन उसे प्रदेश के सबसे बड़े कमला नेहरू अस्पताल में सुरिक्षत प्रसव करवाने आए थे लेकिन उसकी अर्थी ले जानी पड़ी। ऐसे में सरकार के उन दावों की पोल खुल जाती है जिसमें वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में सार्वजनिक तौर पर अपनी पीठ थपथपाते नजर आते हैं।

आम जनता के सामने खुल रही पोल को बड़ी ही चालाकी से दबाने की कोशिश करते हैं और मीडिया की मनगंढ़त रिपोर्ट करार देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते फिर रहे हैं। अब क्या बबली ठाकुर वाले मामले में भी प्रदेश सरकार इसे पीलिया से हुई मौत नहीं मानेगी यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।

हांलाकि अस्पताल प्रशासन इस मौत पर रहस्यमयी चुपी साधे है और कुछ भी बोलने को तैयार नहीं लेकिन पुख्ता सूत्र इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि महिला की मौत हेपाटाइटस ई से ही हुई है।

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