टैंक में शव मिलने के बाद अभी भी खुले पड़े है आई.पी.एच. विभाग के 70% वाटर सप्लाई टैंक

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IPH Water Tanks not safe
Photo: Representational


आईपीएच विभाग की योजनाओं में से 60 प्रतिशत योजनाओं के फिलट्रेशन टैंक कार्य नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण सीधा-सीधा नदियों का, नालों का खड्डों का पानी लोगों के घरों में पहुॅच रहा है

शिमला- हिमाचल प्रदेश सरकार के आईपीएच महकमे के कराण पहले प्रदेश में पीलिया फैला, अनेक लोगों को जीवन गवानां पड़ा हजारों लोगों का स्वास्थ्य खराब हुआ परन्तु अभी तक विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है।

जिला सोलन के अनेक पेयजल टैंकों में लगातार जहरीला प्रदार्थ मिलने की घटना ने आई.पी.एच. विभाग की कार्यशैली की पोल खोल कर रखदी है ।

हिमाचल प्रदेश आई.पी.एच. विभाग की वाटर सप्लाई के 70 प्रतिशत टैंक खुले पड़े है उन्हें ढ़कने की दृष्टी से कोई भी वृहद् योजना सरकार ने नहीं बनाई है । हिमाचल प्रदेश सरकार पर ये आरोप लगाया है भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता डा0 राजीव बिन्दल ने!

शिमला में ही बालक का शव टैंक में मिलने की घटना के बाद भी सरकार ने अपने तौर पर प्रदेश की सभी योजनाओं को दरूस्त करने की कोई योजना नहीं बनाई है ।

डा0 बिन्दल ने कहा कि आईपीएच विभाग की योजनाओं में से 60 प्रतिशत योजनाओं के फिलट्रेशन टैंक कार्य नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण सीधा-सीधा नदियों का, नालों का खड्डों का पानी लोगों के घरों में पहुॅच रहा है और लगातार हिमाचल वासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड् हो रहा है ।

डा0 बिन्दल ने कहा कि बिना ट्रीट किया हुआ पानी दिया जा रहा है जो बड़ी दुर्घटना को न्योता है । पानी के टैंकों में जहरीले पदार्थ का लगातार मिलना सरकार की विफलता का बड़ा नमूना है ।

डा0 बिन्दल ने कहा कि जब कोई बड़ी घटना हो जाती है उसके बाद हाई लेवल मिटिंग करके सरकार अपने दायित्वों से पल्ला झाड़ती हुई दिखाई दे रही है ।

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