शिमला, सोलन के बाद अब सिरमौर के लोग पीलिया की चपेट में

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Jaundice. Close-up of the eye of a patient suffering from jaundice. Yellowing of the white (sclera) of the eye and of the surrounding facial skin can be seen. The yellowing symptoms of jaundice are caused by an excess of bilirubin, a bile pigment, in the blood. Jaundice is the chief sign of many disorders of the liver and gall- bladder. These disorders may be caused by viral infection (such as in hepatitis A), liver cancer, gallstones, or damage to the liver in cirrhosis. The symptom of jaundice thus requires proper diagnosis of the underlying condition (a blood test is common), before appropriate treatment can be given.

शिमला- प्रदेश की राजधानी शिमला को हिलाकर रख देने वाले पीलिया की सनसनी से अभी प्रदेश उभरा नहीं है कि प्रदेश की राजधानी के पड़ोसी जिले भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। जिला सिरमौर में भी पीलिया के मामले प्रकाश में आए हैं। केवल नाहन अस्पताल में ही करीब आठ मामले ऐसे प्रकाश में आए हैं।

जानकारी के मुताबिक पिछले करीब दो सप्ताह से जो लोग शिमला गए थे तथा शिमला में फैले पीलिया की बीमारी का कुछ असर उनमें भी देखने को मिला है। जिला के गिरिपार क्षेत्र में भी पीलिया ने अपने लक्षण दिखाने शुरू कर दिए हैं।

क्षेत्र में करीब दो दर्जन के आसपास लोग पीलिया की चपेट में हैं जो जिला के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के विकासनगर व देहरादून में उपचार करवा रहे हैं। यही नहीं, कुछ लोग निजी क्लीनिकों व झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जिला के हरिपुरधार, जरवा, भलाड़, हलाहं, घुंडवी, चाड़ना, भवाई, सेंज व खूड़ द्राबिल समेत दर्जनों गांव में दो दर्जन से अधिक लोग पीलिया की बीमारी की चपेट में हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से आईपीएच विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक नाहन अस्पताल में जिन लोगों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं उनमें से अधिकतर ऐसे लोग हैं जो या तो शिमला में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या वहां पर किसी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।

जिला सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र के गांव बांदल निवासी वैद्य सबला राम शर्मा ने बताया कि उनके पास पीलिया रोग से पीडि़त रोजाना 10 से 12 मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान वह 40 से अधिक पीलिया मरीजों का इलाज कर चुके हैं।

पीलिया से पीडि़त चाड़ना निवासी रविंद्र नेगी, सतपाल, योगराज व कोटी कंडा निवासी तुलाराम आदि ने विभाग से मांग की है कि ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में उचित दवाइयों का प्रबंध किया जाए तथा चिकित्सकों की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में भेजी जाए। उधर, इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय शर्मा ने बताया कि करीब आधा दर्जन मामले पीलिया के सामने आए हैं, परंतु इन लोगों की हिस्ट्री शिमला से जुड़ी हुई है।
विभाग स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।

सोलन में छह नए मामले आए सामने

सोलन शहर के बाद अब पीलिया आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांव पसारने लगा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को 17 मरीजों के खून की जांच की गई, जिसमें से छह रोगियों में पीलिया होने की पुष्टि हुई है। विभाग द्वारा सभी मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में टेस्ट किया गया था

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