हिमाचल की समृद्ध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्प है प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री

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“प्रदेश सरकार युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के समुचित अवसर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश की सभी जल विद्युत, औद्योगिक और पर्यटन परियोजनाओं में युवाओं को 70 प्रतिशत रोज़गार सुनिश्चित बना रही है और यदि कोई परियोजना अथवा उद्योग प्रदेश सरकार के इस निर्देश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। प्रदेश के युवाओं को सही शिक्षा एवं कौशल विकास सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है”

हिमालच प्रदेश की कला, संस्कृति और परम्पराएं समृद्ध होने के साथ.साथ समूचे विश्व की धरोहर हैं और विविध पारम्परिक गीतों और समृद्ध संगीत के लिए हिमालच प्रदेश को विश्व भर में जाना जाता है हिमाचल की इसी सांस्कृति धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित बनाकर प्रदेश सरकार इन्हें प्रोत्सहित करने के लिए कृतसंकल्प है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमालच प्रदेश की कलाए संस्कृति और परम्पराएं समृद्ध होने के साथ-साथ समूचे विश्व की धरोहर हैं और प्रदेश सरकार इनका संरक्षण सुनिश्चित बनाकर इन्हें प्रोत्सहित करने के लिए कृतसंकल्प है और प्रदेश के युवा इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश संगीत छात्र कल्याण संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘संगीत हमारी विरासत’ की अध्यक्षता कर रहे थे।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को अपने विविध पारम्परिक गीतों और समृद्ध संगीत के लिए विश्व भर में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती और मनुष्यों के साथ.साथ पेड़.पौधों एवं जीव.जन्तुओं पर भी संगीत का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में संगीत की शिक्षा प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास प्रक्रिया में युवाओं की मुख्य भूमिका है और राज्य सरकार युवाओं को सकारात्मक दृष्टिकोण से सशक्त बनाएगी ताकि उनकी क्षमताओं का समुचित दोहन किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सभी जल विद्युत, औद्योगिक और पर्यटन परियोजनाओं में युवाओं को 70 प्रतिशत रोज़गार सुनिश्चित बना रही है। यदि कोई परियोजना अथवा उद्योग प्रदेश सरकार के इस निर्देश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को सही शिक्षा एवं कौशल विकास सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के समुचित अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दस जमा दो अथवा उससे अधिक शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से कौशल विकास भत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया है। अपंग युवाओं को यह भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 1. 50 लाख रुपये तक की परियोजना पर ब्याज पर 4 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की दक्षता में वृद्धि करने के लिए प्रदेश में ‘राज्य कौशल विकास परिषद’ स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में स्थापित होने वाले निजी विश्वविद्यालयों के न्यूनतम कार्यकाल को 25 वर्ष तक बढ़ाकर 50 वर्ष कर दिया है ताकि युवाओं के हित सुरक्षित रह सकें।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने 1000 युवाओं को पर्यटक गाईड का प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है ताकि उन्हें पर्यटन प्रोत्साहन गतिविधियों के साथ जोड़ा जा सके। 3900 युवाओं को चालक का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि उन्हें स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

हिमाचल प्रदेश संगीत छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेश चैहान ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए मांग की कि विद्यालयों में छठी कक्षा से ही संगीत को विषय के रूप में शामिल किया जाए।

इस अवसर पर मुनीष शर्मा द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाट्क ‘सेव म्यूजि़क’ का मंचन किया गया तथा कथक नृत्य एवं पहाड़ी नाटी और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन सभी को मुख्यमंत्री एवं अन्य दर्शकों ने विशेष तौर पर सराहा।

मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए. डी. एन. बाजपेयी, प्रदेश विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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