हिम रंग महोत्सव-2016 में करयाला और बेबस लाश का हुआ मंचन

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शिमला- हिम रंग महोत्सव-2016 में आज की प्रस्तुुति में मकसद कल्चरल एण्ड वेलफेयर सोसायटी, सिरमौर द्वारा नाटक ‘‘सद्गति’’ मंचित किया किया। जिसके लेखक मंुशी प्रेम चन्द तथा निर्देशक इशान खांन युसुफजई है। यह नाटक मुंशी पे्रम चन्द जी के प्रख्यात नाटकों में से एक है। नाटक का मुख्य पात्र दुःखी दलित जात से सम्बन्ध रखता है। वह अपनी बेटी की सगाई की साईत सगन विचारने के लिए गांव के पंडित के पास जाता है। अंहकारी पंड़ित दुःखी को अछूत कहकर उससे अपने घर का सारा काम करवाता है।

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अन्त में पंड़ित दुःखी को एक लकड़ी की मोटी गांठ चीरने के लिए कह देता है। दुःखी सुबह से भूखा प्यासा पंड़ित के घर काम करता है तथा अन्त में लकडी काटते-2 उसकी मृत्यु हो जाती है। पुलिस की कार्यवाही से डरते हुए पंड़ित दुःखी की लाश को घसीटकर जंगल में फेंक देता है।

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‘‘हिम रंग महोत्सव-2016’’ की पहली कड़ी में दोपहर बाद लोकवाद्यय एवं लोककला मंच, बिलासपुर द्वारा सुप्रसिद्ध लोकनाट्य ‘‘धाजा’’ गेयटी सांस्कृतिक परिसर के खुले रंगमंच एम्फी थियेटर में प्रस्तुत किया गया। यह लोकनाट्य द्वापर युग में कृष्ण और सिद्ध चानो बली का युद्ध हुआ था। जिसमें कृष्ण भगवान के हाथों सिद्ध चानो मारा गया था। यह नाट्य श्री कृष्ण भगवान की आरती से शुरू होता है। जिसमें चद्रावलियां (सखिया) श्री कृष्ण भगवान जी की आरती उतारती है। और नृत्य करती है। श्री कृष्ण भगवान जी के आगे प्रार्थना करती है कि हमें सिद्ध चानो बली जी के दर्शन चाहिए। श्री कृष्ण भगवान सिद चानो बली जी के बौरासांई को बुलाते है और बौरासांई सिद्ध चानों बली हंस वाली की सवारी करके स्मेला थान से चलते है। और अखाडे में पहुंचकर लोगो को दर्शन देते है। यह नाट्य धाजा चंद्रावली नाम से प्रसिद्ध है।

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इस अवसर में श्री बिहारी लाल शर्मा सांस्कृतिक आयोजक, भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा इस नाट्य समारोह में समीक्षक के रूप में श्रीयुत श्रीनिवास जोशी, डाॅ० ओम प्रकाश सारस्वत, सुदर्शन वशिष्ठ तथा अशोक हंस उपस्थित थे। जो कि प्रदेश रंगमंच के प्रतिनिधि हस्ताक्षर हैं।
22 मार्च को इसी क्रम में चुड़ेश्वर लोक नृत्य मण्डल जालग, सिरमौर द्वारा लोकनाट्य ‘‘करयाला’’ एम्फी थियेटर में सायं 3 बजकर 30 मिनट पर प्रस्तुत किया जायेगा व उसके बाद शाम 5 बजकर 30 मिनट पर गेयटी के ऐतिहासिक गौथिक हाॅल में समारोह का चैथा नाटक ‘‘बेबस लाश’’ उत्सव युनाईटिड थियेटर सोसायटी, मण्डी द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा।

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