इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज में बनाया जाएगा बहुमंजिला भवन परिसर मुख्यमंत्री

0
407
igmc-shimla

igmc-shimla

अस्पताल में एक नये बहुमंजिला भवन परिसर का निर्माण किया जाएगा और इसके साथ ही गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बीएससी मेडिकल टेक्नोलोजी स्टूडेंट्स को निःशुल्क शिक्षा तथा प्रत्येक विद्यार्थियों को 3000 रुपये प्रति माह स्टाईफंड की सुविधा भी प्रदान की जाएगी

मुख्यमंत्री आज यहां इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पतालए शिमला में बीएससी मेडिकल टेक्नोलोजी स्टूडेंट्स के वार्षिक समारोह (इनफ्यूज़न.2013) के अवसर पर बोल रहे थे।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि आईजीएमसी में बनने वाले इस नये भवन परिसर का निर्माण कार्ट रोड से आरम्भ होकर अस्पताल के मुख्य भवन तक किया जाएगा। परिसर में बाह्य रोगी कक्ष ;आपीडी, जांच सुविधाएं, चिकित्सकों के लिए कमरों का निर्माण, पार्किंग इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। शिमला में आईजीएमसी और कांगड़ा जिले में टांडा मेडिकल कालेज कांग्रेस के कार्यकाल में ही बनाए गए थे और आज ये दोनांे संस्थान पूरे उत्तरी भारत में चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। आईजीएमसी में स्थान अभाव के कारण यहां और निर्माण कर पाना कठिन है ,लेकिन सरकार यह प्रयास करेगी कि अस्पताल के नजदीक ही चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए आवासीय भवन का निर्माण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे और समर्पण एवं इमानदारी से कार्य करें ताकि प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में देश का प्रथम राज्य बनकर उभर सके। आईजीएमसी प्रदेश का श्रेष्ठ स्वास्थ्य संस्थान है और प्रदेश सरकार इस संस्थान में सभी आधुनिक उपकरण व तकनीक उपलब्ध करवाने के प्रति वचनबद्ध है ताकि लोगों को यहां बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक है और प्रदेश के कोने.कोने तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस वित्त वर्ष के दौरान 1187 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आईजीएमसी में किडनी प्रत्यारोपण इकाई स्थापित करने पर 1.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसे छह माह के भीतर क्रियाशील बनाया जाएगा। इस सुविधा के मिलने से किडनी रोगियों को प्रदेश के भीतर ही कम लागत पर ही प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध होगी।

वहीं आईजीएमसी शिमला में ही किडनी स्टोन मेनेजमेंट थेरेपी की लिथोट्रिप्सी सुविधा स्थापित करने के लिए 1.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे रोगियों को अब प्रदेश में ही यह सुविधा मिलेगी। यहां के कैंसर अस्पताल में एचडीआर ब्रैचथेरेपी सिस्टम तथा लिनियर एक्सेलेटर सिस्टम स्थापित करने के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, गंभीर रोगियों एवं कैंसर पीडि़तों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड धारकों के लिए 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह, आरएसबीवाई के अन्तर्गत कैंसर रोगियों को 1 लाख रुपये प्रति रोगी वृद्धि की गई है, जो प्रति कार्ड धारक को वर्ष में मिलने वाली 30 हजार रुपये की राशि के अतिरिक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसके तहत किसी भी विद्यार्थी को स्वास्थ्य जांच के दौरान आवश्यक उपचार निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
वहीं इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा को विशेष महत्व दे रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर बजट में 22 प्रतिशत वृद्धि करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। चिकित्सा शिक्षा के बजट को भी 7 करोड़ रुपये से बढ़कर 30 करोड़ रुपये किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने गत तीन माह में आईजीएमसी में विभिन्न गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये जारी किए हैं ताकि यहां चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाया जा सके। कैंसर अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

ठाकुर ने कहा कि सरकार चिकित्सकों के रिक्त पड़े सभी पदों को भरेगी। इस वर्ष 100 और अगले वर्ष 100 और चिकित्सकों के पद भरे जाएंगे। रोगी कल्याण समिति के अन्तर्गत भर्ती किए गए चिकित्सकों का मानदेय भी 26,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये किया गया है। स्नातकोत्तर चिकित्सकों की कमी को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। दूर.दराज क्षेत्रों में तैनात स्नातकोत्तर चिकित्सों का मानदेय भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये किया गया है। सरकार ने सालिड बनो इंडिया व साप्ताहिक आयरन एवं फालिक एसिड पूरकता कार्यक्रम आरम्भ किया है, जिसके तहत सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आयरन गोलियां उपलब्ध करवाई जाएगी।

निदेशक, मेडिकल शिक्षा डाॅ जयश्री शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

स्टाफ सलाहकार बीएससी नर्सिंग एवं विकिरण सुरक्षा अधिकारी विनोद चैहान ने मुख्यमंत्री का बीपीएल के बीएससी मेडिकल टेक्नोलोजी स्टूडेंट्स को निःशुल्क शिक्षा तथा प्रत्येक विद्यार्थियों को 3000 रुपये प्रति माह स्टाईफंड की सुविधा प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में बीएससी नर्सिंग वर्ष 2003 में आरम्भ किया गया था और यह संस्थान उस समय पीजीआई, चण्डीगढ़ के पश्चात उत्तरी भारत का दूसरा ऐसा संस्थान था।

इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

विधायक अजय महाजन एवं संजय रतन, शिमला नगर निगम के पूर्व उप महापौर एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद के सदस्य हरीश जनार्था, स्वास्थ्य सचिव.आर. रिज़वी, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डाॅ. एस.एस. कौशल, डेंटल कालेज के प्रधानाचार्य डाॅ. आर. पी. लूथरा, आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ एमएस डाॅ.रमेश चंद, आईजीएमसी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एस.एस. जोगटा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS