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कैबिनेट मे बेरोजगारों को रोज़गार और कर्मचारी हित के हुए फैसले, पढ़िए कैबिनेट के निर्णय

HP Government Cabinet decisions 2017

मंत्रिमण्डल ने एससीएचआईएस योजना को दी स्वीकृति, हिप्र विद्युत बोर्ड 100 किलोवाट तक की जलविद्युत परियोजनाओं में हिमाचलियों से खरीदेगा बिजली,शिमला स्मार्ट सिटी के लिए एसपीवी का गठन, शिलाई अध्यापकों की अनुदान सहायता राशि में वृद्धि,आरकेएस के तहत तीन वर्ष सेवाकाल के उपरांत किए जाएंगे नियमित

शिमला हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल की आज प्रदेश सचिवालय में बैठक आयोजित हुई। कैबिनेट बैठक अध्यक्षता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की। इस कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए।

पढ़िए कैबिनेट बैठक लिए गए फैसले

मंत्रिमण्डल ने 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुके दृष्टि बाधित व्यक्तियों के पक्ष में सीधी भर्ती कोटा पदों के विरूद्ध सेवाएं तथा चतुर्थ श्रेणी के पदों की सीधी भर्ती के लिए शैक्षणिक तथा अन्य योग्यता में छूट देने का निर्णय लिया है।

मंत्रिमण्डल ने दृष्टि बाधितों के लिए कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) पदों के लिए सीधी भर्ती के लिए निर्धारित अन्य योग्यता में अर्थात कम्प्यूटर साईंस में डिप्लोमा में भी छूट दी है। चयनित दृष्टिबाधित व्यक्ति नियुक्ति के उपरांत भर्ती नियमों के दृष्टिगत वांछित डिप्लोमा पूरा करने के लिए उन्हें बाध्य नहीं किया जाएगा तथा सम्बन्धित विभाग द्वारा उन्हें बुनियादी कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकता है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पीजीटी (आईटी) अध्यापक अब निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा मौजूदा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को निरस्त कर भर्ती किए जाएंगे तथा इस सम्बन्ध में एक समिति गठित की जाएगी और मामला लोक सेवा आयोग के दायरे से बाहर कर दिया गया है।

मंत्रिमण्डल ने 60 वर्ष तथा इससे अधिक आयु के नागरिकों, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत नामांकित हैं, के उपयोग के लिए अतिरिक्त बीमा कवर के माध्यम से उपचारात्मक वृद्ध स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की आसान पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना को भी स्वीकृति प्रदान की।

योजना पात्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना लाभान्वित परिवार में 30 हजार रुपये प्रति वर्ष प्रति वरिष्ठ नागरिक को अतिरिक्त कवरेज प्रदान करेगी। योजना के अन्तर्गत लाभार्थी किसी भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए सूचिबद्ध अस्पतालों में कैशलैस उपचार प्राप्त रकने के योग्य होगा।वर्तमान में राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत 1,30,587 वरिष्ठ नागरिकों को नामांकित किया गया है।

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल कीआयोजित बैठक में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप भर्ती की उपयुक्त प्रक्रिया अपनाकर अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर के माध्यम से रोगी कल्याण समितियों के तहत नियुक्त स्टाफ नर्सां तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को राज्य के अन्य अनुबंध कर्मचारियों की तर्ज पर तीन वर्ष के सेवाकाल के उपरांत नियमितिकरण के लिए संस्तुति की जाएगी।

हिमाचलियों को लाभान्वित करने तथा दूरवर्ती क्षेत्रों की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हिमाचलियों द्वारा स्थापित 100 किलोवाट तक की लघु जल विद्युत परियोजनाओं के संबंध में मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया कि ऐसी परियोजनाओं से हि.प्र. राज्य विद्युत बोर्ड सीमित बिजली खरीदेगा।

इन परियोजनाओं के लिए रॉयल्टी की दर प्रथम 12 वर्षों के लिए 2 प्रतिशत, 13 से 30 वर्षां के लिए 12 प्रतिशत तथा 31 से 40 वर्षों के लिए 18 प्रतिशत होगी।

विद्युत उत्पादकों को एक बड़ी राहत प्रदान करते हुए मंत्रिमण्डल ने उन परियोजना के लिए जिनकी स्थापित क्षमता, क्षमता वृद्धि के उपरांत 5 मेगावाट से अधिक हो, के प्रभार को 20 लाख रुपये प्रति मेगावाट से एक लाख रुपये प्रति मेगावाट तक कम करने अथवा दर्शाया गया उत्तरार्द्ध प्रीमियम जो भी अधिक हो।

यह प्रावधान केवल उन परियोजनाओं के लिए लागू होगा, जहां क्षमता में वृद्धि करने के लिए संशोधित क्षमता अनुबंध हस्ताक्षरित नहीं किए गए हों तथा उन सभी परियोजनाओं के लिए जिनकी इस प्रावधान की अधिसूचना के उपरांत क्षमता वृद्धि होगी। उपरोक्त प्रावधान उन परियोजनाओं के लिए लागू नहीं होंगे, जहां संशोधित क्षमता समझौतों को पहले ही मंजूरी दे दी गई है और हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

मंत्रिमण्डल ने शिमला में स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यान्वयन के लिए विशेष प्रयोजन संस्था (एसपीवी) की स्थापना के लिए मंजूरी प्रदान की। शिमला स्मार्ट सिटी में शहर सलाहकार फोरम के रूप में एक मजबूत सलाहकार तंत्र होगा, जिसमें योजनाबद्ध और कार्यान्वयन के लिए सभी चरणों में एसपीवी को समर्थन देने के लिए सभी हितधारकों का समावेश होगा।

कैबिनेट मीटिंग में भविष्य में विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय को 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह करने को मंजूरी प्रदान की। यह पुलिस अधिकारी राज्य पुलिस और जम्मू व कश्मीर की सीमावर्ती जिलों चम्बा तथा लाहौल-स्पीति की दुर्गम एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करते हैं। भारत सरकार द्वारा उपरोक्त जिलों में 518 विशेष पुलिस अधिकारियों की सेवाओं को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट मीटिंग के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

मंत्रिमण्डल ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार पीटीए के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हासिल करने की अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष अर्थात 16 अगस्त, 2021 करने तथा पीटीए (जीआईए) को आठ दिनों के बजाया 10 दिनों का चिकित्सा अवकाश तथा 10 दिनों का आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया।

मंत्रिमण्डल ने छूटे हुए 97 पैरा अध्यापकों को सम्बन्धित पदों का नियमित स्केल प्रदान करने को मंजूरी दी।

बैठक में प्राथमिक सहायक अध्यापकों को कलैण्डर वर्ष में 10 दिन का चिकित्सा अवकाश तथा 10 दिन का आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त निजी अनुरोध पर खाली पद के विरूद्ध एक मुश्त स्थानान्तरण की नीति बनाने को मंजूरी प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने मिड-डे-मील योजना के तहत तैनात रसोइए एवं सहायकों को 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान करने तथा सिलाई अध्यापिकाओं के सहायता अनुदान को बढ़ाकर 6300 रुपये करने का भी निर्णय लिया।

मंत्रिमण्डल ने गत माह आयोजित बैठक में मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत सेब का प्रापण मूल्य 6.75 रुपये प्रति किलोग्राम करने का मंजूरी प्रदान की थी और अब किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान करने के लिए इसे बढ़ाकर 7 रुपये प्रति किलोग्राम करने की स्वीकृति प्रदान की।

मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा के धीरा मे एसडीएम कार्यालय तथा मण्डी जिले के नेरचौक में उप कोषागार कार्यालय खोलने को मंजूरी प्रदान की।

मंत्रिमण्डल ने लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज मण्डी तथा पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज चम्बा के लिए आउटसोर्स आधार पर श्रमशक्ति हायर करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त, पात्र उम्मीदवारों की उपलब्धता की शर्त पर नीट-यूजी मैरिट आधार पर तिब्बती शरणार्थियों में से मेडिकल कॉलेज नाहन में एक सीट तथा चम्बा मेडिकल कॉलेज में दो सीटें प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है।

मंत्रिमण्डल ने सोलन जिला के पंजेहड़ा में उप तहसील खोलने, शिमला ग्रामीण के भदबानी तथा शिमला जिले के कोटखाई के महासू व बगाहर, किन्नौर जिला के पंगी तथा कल्पा, मण्डी के परवाड़ा, धरोट (चच्योट) बड़ा गांव (पधर), कारला (नीहरी), सोलन के बड़ोग, घड़सी (उप तहसील कृष्णगढ़) तथा सहरोल (अर्की) में नया पटवार वृत्त खोलने की स्वीकृति प्रदान की।

मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिले के लगदू में उप तहसील खोलने, शिमला जिला के जांगला तथा सरस्वती नगर में उप तहसील खोलने तथा सोलन जिला की उपतहसील रामशहर को तहसील में स्तरोन्नत करने को मंजूरी प्रदान की।

मंत्रिमण्डल ने हाल ही में की गई घोषणा के अनुरूप मण्डी जिला के पधर में स्टाफ सहित उप रोजगार कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की।

मंत्रिमण्डल ने निरीक्षणों की और प्रभावी योजना के लिए श्रम एवं रोजगार हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उद्योग इत्यादि विभागों को सम्मिलित करते हुए व्यापार को सरल करने के लिए हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय निरीक्षण व्यवस्था की स्थापना को मंजूरी प्रदान की।

पंचायतों के अभिवेदन के अनुसार मंत्रिमण्डल ने ग्राम पंचायत खटनौल (शिमला) की परिसीमा का क्षेत्र पुलिस स्टेशन सुन्नी के अन्तर्गत तथा मैहतपुर की ग्राम पंचायत चंगर-हंडोला को पुलिस स्टेशन ऊना तथा ग्राम पंचायत संतोषगढ़ को ऊना सदर पुलिस स्टेशन के अन्तर्गत स्थानान्तरित करने को मंजूरी प्रदान की।

मंत्रिमण्डल ने सोलन जिला के बनलगी (कुठाड़) तथा कांगड़ा जिला के डाडासीबा तथा देहरा में प्रत्येक अग्निशमन चौकी के लिए निर्धारित पद्धति के अनुसार 7-7 तकनीकी पदों के सृजन सहित अग्निशमन चौकियां खोलने को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में टेलीमेडिशन परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण करने का भी निर्णय लिया गया।

मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कांगड़ा जिला के राजकीय उच्च पाठशाला (छात्रा) रैहन को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की भी स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट बैठक में सिरमौर जिले के मां नगरकोटी मेला नारंग, राम नावमी मेला नैना टिक्कर, गुग्गा नवीं मेला पाबियाना (धवाग) तथा मण्डी जिला के माता गड़ा दुर्गा गुसैन मेले को जिला स्तरीय मेले घोषित करने को भी स्वीकृति प्रदान की।

पद सृजित व भरने

मंत्रिमण्डल ने सरप्लस पूल से परिवर्तित करने सहित विभिन्न विषयों में सहायक प्रोफेसरों (कालेज कैडर) के 262 पदों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप अनुबन्ध आधार पर भरने को अपनी स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में ग्राम पंचायतों की प्रत्येक क्रियाशील सिंचाई तथा पेयजल योजनाओं में कम से कम एक स्टाफ कर्मचारी को सुनिश्चित बनाने के लिए 500 जल रक्षक तैनात करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। वह दिन में दो बार जल वितरण तथा भंडारण टैंकों के कलोरिनेशन, सूक्ष्म मुरम्मत करने तथा विभाग को रिसाव की रिपोर्ट करने के अलावा भंडारण टैंकों की सफाई व कीटाणु रहित बनाना सुनिश्चित करेंगे।

मंत्रिमण्डल ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट देते हुए शहरी एवं ग्राम नियोजन विभाग में वरिष्ठ योजना ड्राफ्समेन श्रेणी-2 के 2 पदों को भरने को मंजूरी प्रदान की।

बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के नापतोल संगठन में अनुबन्ध आधार पर निरीक्षक विधिक माप-पद्धति के चार पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने नए खोले गए राजकीय जवाहर लाल नेहरू ललित कला महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला में सरप्लस पूल से सेवादार के तीन पद और चौकीदार के दो पद भरने को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक व विशेष रूप से सक्षम निदेशालय में अनुबन्ध आधार पर आशुलिपिकों के दो पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने महिला एवं बाल विकास विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी प्रोग्रामर के एक पद के सृजन एवं भरने को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) के दो रिक्त पदों को अनुबन्ध आधार पर भरने के अतिरिक्त दिहाड़ी आधार पर चतुर्थ श्रेणी के तीन पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वाणिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन में अनुबन्ध आधार पर लोक सम्पर्क अधिकारी के एक पद को भरने के लिए स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में बागवानी विभाग में प्रयोगशाला सहायक के 10 पदों को भरने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने ऐसे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में जहां 25 व 25 से अधिक विद्यार्थियों ने संगीत विषय को चुना है, में संगीत प्रवक्ताओं के पदों को सृजित व भरने पर सहमति प्रदान की।

स्वास्थ्य

बैठक में ऊना जिला के स्वास्थ्य उप-केन्द्र चमेरी को एक पद चिकित्सा अधिकारी, एक पद फार्मासिस्ट व एक पद चतुर्थ श्रेणी सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने और स्वास्थ्य उप केन्द्र चमेरी को इसी ग्राम पंचायत के भीतर बदलने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने ऊना जिला के ईएसआई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गगरेट को 50 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में पदों के सृजन सहित स्तरोन्नत करने की स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में नागरिक अस्पताल डलहौजी को 18 पदों के सृजन सहित 50 बिस्तरों के अस्पताल में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोपालपुर को 12 पदों के सृजन सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में शिमला जिला जुब्बल के कुठाड़ी में तीन पदों के साथ सृजन सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सोलन जिला के चंडी पशु औषधालय को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में देहरा खण्ड के गांव खबली तथा रोहडू तहसील की रतनाड़ी ग्राम पंचायत के जाखड़ गांव में प्रत्येक में चार पदों के साथ आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने आईजीएमसी तथा टांडा मेडिकल कालेज कांगड़ा में संकाय स्टाफ के साथ अस्पताल प्रशासन विभाग सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में कुल्लू जिला के भुंतर के नागरिक अस्पताल तेगुबेहड के लिए पैरा मेडिकल स्टाफ के 19 पद स्वीकृत किए गए।

मंत्रिमण्डल ने केन्द्रीय क्षेत्र योजना के अन्तर्गत 6 पदों को सृजित कर प्रदेश के लिए सचल खाद्य जांच प्रयोगशालाएं उपलब्ध करवाने का भी निर्णय लिया।
बैठक में सिरमौर जिला के मिसरवाला में दो पदों को सृजित कर स्वास्थ्य उप-केन्द्र खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई।

अधिनियम/नियम

मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (प्रशासनिक ट्रिब्यूनल अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों के भर्ती एवं पदोन्नति तथा अन्य सेवाएं की शर्तें) नियम-2-17 को बनाने को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2014 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की। संशोधन के तहत अधिनियम की धारा-12 (6) के तहत कुलपति को तीन वर्षों की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा और वह आगामी तीन वर्षों के लिए पुनर्नियुक्ति के लिए भी योग्य होगा, परन्तु उसकी आयु 70 वर्ष से अधिक न हो।

मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में मध्यम, लधु व सूक्ष्म उद्योगों को फिर से चालू करने के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की। इस सम्बन्ध में एक उप-समिति गठित की जाएगी।

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ऐबीवीपी ने यूजी परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर किया कुलसचिव का घेराव

ABVP Protest

शिमला-वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने यूजी (UG ) के परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर कुलसचिव का घेराव किया व उनके आफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया!

ABVP protest for ug results

विद्यार्थी परिषद ने निम्न मांगो को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को कल शाम तक का समय दिया था:

  • यूजी 6th सेमेस्टर का पूरा परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए! छात्रों के परीक्षा परिणामों में आ रही डबल स्टार की दिक्कत को शीघ्र ठीक किया जाए!
  • यूजी 2nd और 4th सेमेस्टर का री-आप्पीयर (Re-appear ) परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किया जाए!
  •  एचपीयू काउंसलिंग में अपीयर छात्रों को अपने रिजल्ट ठीक कराने की तिथि को 20 जुलाई तक किया जाए!
  •  एचपीयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट दिया जाए ताकि वह छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में ऐडमिशन ले सकें!
  •  यूजी 3rd सेमेस्टर गणित के रिजल्ट को फिर से ईवैलुएट किया जाए!

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों के कारण हिमाचल के हजारों छात्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे है! विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि अगर इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो विद्यार्थी पर अपना आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ और तेज करेगी!

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हिमाचल परिवहन की खस्ताहाल बसें, कर्मियों की कमी, पूर्व सूचना बिना रूटों का बंद करना लोगों के लिए बन रहा आफत

Poor HRTC Bus Conditions and Services

शिमला- 20 जून को बंजार में और हाल ही की 1 जुलाई को खलिनी के पास झिंझिडी में हुए दो हालिया बस हादसों ने न केवल सरकार की सुरक्षित आवागमन प्रदान करने में असमर्थता को उजागर किया है, बल्कि इन दुर्घटनाओं के पीछे के वास्तविक कारण की पहचान करने के लिए इसका मायोपिक (नाकाफी) दृष्टिकोण भी बताया है। यह कहना है ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता राकेश सिंघा का।

सिंघा ने प्रबंध निदेशक, हिमाचल सड़क परिवहन निगम, के माध्यम से एक ज्ञापन सौंप कर 11 जुलाई से पहले आवश्यक मुद्दों के तहत एक बैठक बुलाने के लिए सरकार को नोटिस भेजा है।

इस ज्ञापन में कहा गया है कि पूरे राज्य में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में हो रही वृद्धि और बस सेवाओं की संख्या में निरंतर में भारी अंतर है। इस अंतर को दूर करने के लिए निर्मित और स्वीकृत सड़कों पर न केवल अतिरिक्त बसें चलाने की आवश्यकता होती है बल्कि आवागमन के वर्तमान सार्वजनिक और निजी मोड को कुशलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से चलाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी आवश्यकता होती है।

सिंघा ने कहा कि इस ज्ञापन का मसौदा तैयार करते समय, पूरे राज्य के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन अगर शिमला जिले के परिवहन डिपो में से कुछ में कर्मियों की चल रही कमी की जांच की जाती है, तो यह राज्य में मौजूद गंभीर स्थिति के बारे में वैश्विक दृष्टिकोण पेश करेगा।

हिमाचल प्रदेश के शिमला लोकल डिपो में अभी 240 बसें ही चल पा रही है जबकि शिमला लोकल डिपो के तहत 283 स्वीकृत बस रूट हैं, 111 चालक और 98 परिचालक कम हैं और कर्मचारियों की अत्यधिक कमी को देखते हुए 12 मार्गों को स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। तारादेवी डिपो के तहत ड्राइवरों की कमी 55 है और कंडक्टरों का आंकड़ा 65 पर है।

सिंघा ने ज्ञापन में कहा कि रोहड़ू डिपो में स्थिति समान रूप से दयनीय है, जहां 24 बसें शून्य मान बुक में हैं यानी तय दूरी चल चुकी है और अब और चलने की स्थिति में नही है और इन बसों को एच आर टी सी सड़को पर दौड़ा रहा है जबकि इन बसों को कबाड़खाने में होना चाहिए था। इस डिपो के तहत 16 बसें 9 साल से अधिक पुरानी हैं और अभी भी चल रही हैं और हर कोई जानता है कि राज्य के अंदरूनी हिस्सों में सड़कों की स्थिति क्या है। इसके अलावा ड्राइवरों की कमी का आंकड़ा 49 है और परिचालकों की 46 है।

रामपुर डिपो के तहत जीरो वैल्यू बुक बसों की संख्या 11 है और ड्राइवरों और कंडक्टरों की कमी क्रमशः 60 और 42 है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन की इस तरह की दयनीय स्थिति के साथ राज्य में बस सेवाओं को सुरक्षित और सुचारू रूप से चलाना संभव नहीं है। HRTC प्रबंधन राज्य में लगातार हो रहे हादसों को रोकने में नाकामयाब हो गया है। बार-बार होने वाली “मजिस्ट्रियल पूछताछ” दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए कोई परिणाम नहीं दे पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूछताछ केवल लोगो को दिखाने और सरकारी रिकॉर्ड के लिए की जा रही है किसी को कभी भी चूक के लिए दंडित नहीं किया जाता और प्रमुख कमियों को दूर करने के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया जाता है।

उन्होंने आगे कहा है कि एचआरटीसी के हालिया फैसले जिसमे “बसो में क्षमता से अधिक सवारियां न बिठाए जाने का फैसला हुआ” उससे लोगों को अधिक असुविधा हुई है। हर दिन लगभग 3 लाख छात्र इन बसों से सफर करते है लेकिन नवीनतम निर्णय के बाद वे ऐसा करने में असमर्थ हुए हैं। हजारों कर्मचारी अपने कार्यालयों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।

उनका ये भी कहना है कि लोगों को पूर्व सूचना दिए बिना हर रोज सौ रूटों को निलंबित किया जा रहा है। यह विशेष रूप से बीमार व्यक्तियों, महिलाओं, बुजुर्गों व किसानों के लिए कठिनाइयों का कारण बना है जो अपने खेत का उत्पादन इस सार्वजनिक परिवहन से बाजार तक पहुंचते हैं। अकेले ठियोग में कई बस मार्गों को अभी निलंबित किया जा रहा है इन मार्गों में शिमला-सांभर, शिमला-अलवा, शिमला-गगनघट्टी, शिमला-माहीपुल वाया तल्ली, शिमला-मुंडो, ठियोग जारई, शिमला-श्यामनगर वाया कोटगढ़ व अन्य मुख्य है।

सिंघा ने कहा है कि ड्राइवरों व कंडक्टरों की नई भर्ती करके स्टाफ में चल रही कमी को पूरा करने के अलावा,
इन समस्याओं का कोई अस्थायी समाधान या “स्टॉप गैप सॉल्यूशन” नहीं हो सकता है, इसके अलावा उन बसों की कबाड़ में भेज दिया जाना चाहिए जो “शून्य बुक वैल्यू” यानी नकारा हो चुकी है और साथ ही नए वाहनों की खरीद की जानी चाहिए, यही इसका स्थाई समाधान होगा।

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डॉ परविंदर कौशल ने संभाला नौणी विवि के कुलपति का कार्यभार

UHF nauni's new VC Dr Parvinder Kaushal

सोलन- डॉ परविंदर कौशल ने आज डॉ वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति का कार्यभार संभाला। उनकी नियुक्ति की अधिसूचना हिमाचल प्रदेश राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी कर दी गई है। डॉ॰ परविंदर कौशल,इससे पहलेबिरसा कृषि विश्वविद्यालय,रांची,झारखंड के बतौर कुलपति कार्यरत थे।

हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के ग्राम कहन्नीमें जन्में डॉ कौशलनौणी विवि के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं। उन्होनें अपनी एमएससी वानिकी की पढ़ाई विश्वविद्यालय से हासिल की है जिसके बादफ्रांस के यूनिवर्सिटी ऑफ नैंसी से फॉरेस्ट्री में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

डॉ कौशल पिछले 35 वर्षों से शिक्षण,अनुसंधान और विकास, विस्तार और प्रशासन में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिसके दौरान उन्होंने विभिन्न क्षमताओं में अलग अलग संस्थानों और विश्वविद्यालयों में अपनी सेवाएँ दी। इनमें से प्रमुख हैं, इंडियन काउंसिल फॉर फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन देहरादून (1979-1981), पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर (1981-1992) और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांचीमें वानिकी संकाय में डीन (2005-2009)। नौणी विश्वविद्यालय में वह पर्यावरण, जल और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय वनीकरण और पर्यावरण विकास बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक और समन्वयक के रूप डॉ कौशल ने कई वर्षो तक कार्य किया।

UHF Nauni's New VC

डॉ कौशल ने 100 से अधिक शोध पत्र और तकनीकी रिपोर्ट प्रकाशित करने के अलावा 13 से अधिक पुस्तकों के अध्याय और मैनुअल लिखे हैं। उन्होंने 26 विश्व कांग्रेस और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया है और 63 परियोजनाओं को संभाला है। कई पुरस्कारों से सम्मानित डॉ कौशल को 1989 में राष्ट्रीय युवा वैज्ञानिक पुरस्कार और 2014 में हिमाचल श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें फ्रेंच सरकार द्वारा भी वर्ष 1984 में डॉक्टरल अनुसंधान के लिए फेलोशिप प्रदान की गई थी। इसके अलावा,उन्होंने फ्रांस, इटली, यूनाइटेड किंगडम, मैक्सिको, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, यूगोस्लाविया, बेल्जियम, हॉलैंड, स्पेन, एस्टोनिया, कनाडा, फिनलैंड, तुर्की, मलेशिया और श्रीलंका सहित कई देशों का दौरा किया है।

डॉ परविंदर कौशल ने विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों और समूहों के सदस्य के रूप में काम किया है। इनमें प्रमुख हैं क्षेत्रीय डीन समिति दक्षिण एशिया (2009); कृषि विज्ञान में पीजी पाठ्यक्रम की समीक्षा और पुनर्गठन के लिए नेशनल कोर ग्रुप (आईसीएआर) के सदस्य; आईसीएआर की वानिकी में ब्रॉड सब्जेक्ट मैटर एरिया कमेटी (BSMA)के संयोजक (2007); इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ नैचुरल रेसिंस अँड गम्स के लिए क्विनक्वीनियल रिव्यू टीम (QRT) के सदस्य(2001-2007);शेर-ए-कशमीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, श्रीनगर की मान्यता के लिए पीयर रिव्यू टीम (आईसीएआर प्रत्यायन बोर्ड) के सदस्य(2008); यूजीसी की कृषि,बागवानी और वानिकी,पर्यावरण,कौशल विकास आदि पर विभिन्नविशेषज्ञ समितियों के सदस्य (2013-2016);आईसीएआर-केंद्रीय कृषि-वानिकी अनुसंधान संस्थान झांसी के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा गठित सदस्य अनुसंधान सलाहकार समितिके सदस्य (2015-17)। डॉ कौशल ने इंटरनेशनल यूनियन ऑफ फॉरेस्ट रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (IUFRO)के रिसर्च ग्रुप ‘फॉरेस्ट स्टैंड एस्टेब्लिशमेंट ऑपरेशंस एंड टेक्नीक्स’के डिप्टी लीडर(2000-05)के रूप में भी काम किया है। वह वृक्षारोपण प्रतिष्ठान (1990-2000) पर IUFROवर्किंग पार्टी के अध्यक्ष भी रहे।

इस अवसर पर डॉ कौशल ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर और हिमाचल प्रदेश सरकार के पूरे मंत्रीमण्डल का धन्यवाद किया। उन्होनें कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि नौणी विश्वविद्यालय को नई ऊंचाईयों पर ले जाया जा सके।

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