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हिमाचल में खुली सिगरेट बेचने पर 10 हजार और बिना पंजीकरण तंबाकू उत्पाद बेचने पर 1 लाख जुर्माना और जेल

Ban on loose cigarette sale

शिमला- जहाँ एक ओर प्रदेश में खुली सिगरेट की बिक्री करने पर जुर्माने और जेल जाने जैसे दण्ड का प्रावधान तो प्रदेश सरकार ने रखा है पर असल में देखा जाये तो बहुत ही कम ऐसी दुकाने हैं जहाँ पर 18 को लागु किया गया था जिसका असर शुरू के दिनों में ही देखने को मिला बाद में हर दुकान से खुली सिगरेट खरीदना आम सी बात है! बात आम आदमी की करें तो बहुत कम ऐसे लोग है जो पूरा सिगरेट का पैक्ट खरीदते हैं!

हलाकि प्रदेश की राजधानी में खुली सिगरेट का मिलना एक आम बात है बस फ़र्क़ इतना ही है कि खुली मिलने वाली सिगरेट का रेट थोड़ा जायद होता है! इसी वर्ष विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यह विधेयक सदन द्वारा पारित किया गया था जिसमे खुली सिगरेट की बिक्री करने पर 10 से 15 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान की बात कही गयी यही नहीं, बिना पंजीकरण के यदि तंबाकू उत्पादों का खुदरा व्यापार किया तो एक लाख रुपए के जुर्माने से लेकर एक वर्ष तक का कारावास हो सकता है इस तरह के नियम बनाये गए हैं! राज्य सरकार ने शुक्रवार को इस आश्य की अधिसूचना जारी कर दी है। जिसे अब अधिसूचित किया गया है।

प्रदेश के युवाओं में बढ़ती नशाखोरी की रोकथाम के लिए यह कारगर कदम राज्य सरकार द्वारा उठाया गया है। प्रदेश के युवाओं में बढ़ती नशाखोरी की रोकथाम के लिए यह कदम राज्य सरकार द्वारा उठाया गया है तथा इसका इसका मकसद है की शिक्षण संस्थानों के आसपास खुली सिगरेट की बिक्री बंद करना साथ ही साथ गुटखा, खैनी व अन्य कैंसर कारक तंबाकूयुक्त पदार्थों की बिक्री धड़ल्ले से न हो सके इसकी रोकथाम करना, इसके लिए पुलिस के एएसआई स्तर के अधिकारियों को अधिकृत किया गया है कि वे शक की बिनाह पर किसी भी ऐसे कारोबार से संबंधित परिसर जहां ऐसे उत्पादों को स्टोर किया गया हो, किसी भी समय प्रवेश कर तलाशी ले सकेंगे।

अगर जमीनी हकीकत को देखें तो प्रदेश विश्वविद्यालय के तम्बाकू प्रदार्थ आसानी से बिकते है तथा कई स्कूलो के बाहर दुकानों में सिगेरट आसानी से उपलब्ध होती है! सबसे खास बात ततो है कि पहली बार यदि कोई कारोबारी बिना पंजीकरण के खुली सिगरेट बेचने का दोषी पाया जाता है तो उसे 10 हजार रुपए और दूसरा अपराध करने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति यदि सिगरेट का रिटेल कारोबार करना चाहता है या कर रहा हो तो उसे अब अधिकृत अधिकारी के पास पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।

पंजीकरण की अवधि तीन वर्ष की होगी, जिसके बाद उसका नवीनीकरण होगा। कोई भी व्यक्ति यदि बिना पंजीकरण के तंबाकू उत्पादों का व्यापार करता है तो आरोप साबित होने पर 50 हजार रुपए जुर्माना और तीन माह के कारावास का प्रावधान होगा। यदि पहले अपराध के बाद वह फिर से अवैध कारोबार करता है, तो उसे एक वर्ष के कारावास के साथ एक लाख रुपए के जुर्माने तक का प्रावधान होगा।

पुलिस की सख्ती पर रहेगी नजर

सार्वजनिक स्थलों पर भी छोटे खोखों व चाय के टी-स्टॉल पर नशे का मंजर देखने को मिल रहा है। अब इस नए एक्ट के लागू होने से प्रदेश में अवैध कारोबार पर कितना अंकुश लगेगा, यह इस बात पर निर्भर होगा कि पुलिस कितनी सख्ती बरतती है।

Photo: AFP Photo/Prakash Singh

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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ऐबीवीपी ने यूजी परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर किया कुलसचिव का घेराव

ABVP Protest

शिमला-वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने यूजी (UG ) के परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर कुलसचिव का घेराव किया व उनके आफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया!

ABVP protest for ug results

विद्यार्थी परिषद ने निम्न मांगो को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को कल शाम तक का समय दिया था:

  • यूजी 6th सेमेस्टर का पूरा परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए! छात्रों के परीक्षा परिणामों में आ रही डबल स्टार की दिक्कत को शीघ्र ठीक किया जाए!
  • यूजी 2nd और 4th सेमेस्टर का री-आप्पीयर (Re-appear ) परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किया जाए!
  •  एचपीयू काउंसलिंग में अपीयर छात्रों को अपने रिजल्ट ठीक कराने की तिथि को 20 जुलाई तक किया जाए!
  •  एचपीयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट दिया जाए ताकि वह छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में ऐडमिशन ले सकें!
  •  यूजी 3rd सेमेस्टर गणित के रिजल्ट को फिर से ईवैलुएट किया जाए!

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों के कारण हिमाचल के हजारों छात्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे है! विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि अगर इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो विद्यार्थी पर अपना आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ और तेज करेगी!

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