धर्मशाला में 9.85 करोड़ की लागत से निर्मित ‘युद्ध संग्रहालय’ का लोकार्पण

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भारत छोड़ो आंदोलन को ‘अगस्त क्रांति’ के नाम से भी जाना जाता है

धर्मशाला- भारत छोड़ो आन्दोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर धर्मशाला में लोगों के लिए 9.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘युद्ध संग्रहालय’ का लोकार्पण किया गया। तथा दाड़ी में स्वतंत्रता सेनानी स्मारक की आधारशिला रखी गयी। युद्ध संग्रहालय का लोकार्पण और स्वतंत्रता सेनानी स्मारक की आधारशिला मुख्यमंत्री ने राखी।

युद्ध संग्रहालय, हिमाचल प्रदेश के विक्टोरिया क्रॉस के प्राप्तकर्ताओं से लेकर शूरवीर सैनिकों के बलिदान को याद करवाता है। यह संग्रहालय राष्ट्र के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा से लेकर कैप्टन विक्रम बतरा, सौरभ कालिया तथा राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलदान करने वाले अन्य वीर सैनिकों के बारे में जानने का एक अवसर प्रदान करेगा।

कारगिल युद्ध के नायकों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सैनिकों द्वारा कई बलिदान किए गए और हिमाचली भूमि के 54 वीर सिपाही शहीद हो गए और इस युद्ध संग्राहलय में उनके बलिदानों तथा उनकी वीरता को पीढ़ियों तक जीवित रखने के लिए उल्लेखित किया गया है।

यह संग्रहालय 2190 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्रफल में फैला है और इसके बनने में 9.85 करोड़ का खर्च आया है। संग्रहालय के बाहरी भाग में जनरल जोरावर सिंह और वीरों के भित्ति चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। अन्दर के भाग में वीरचक्र पुरस्कार विजेताओं, जमादार बन्धन राम तथा जमादार लाला की स्वर्ण पृष्ठ भूमि में दीवार पर लिखी गाथा को दर्शाया गया है।

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चित्र साभार: दिव्य हिमाचल

परमवीर चक्र तथा वीर चक्रों के विजेताओं में मेजर सोमनाथ शर्मा, मेजर धान सिंह थापा, कैप्टन विक्रम बतरा, मेजर सुधीर वालिया, ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार को शामिल किया गया है। संग्रहालय में देश के सभी परमवीर चक्र विजेताओं की फोटो गैलरी के अलावा विक्टोरिया क्रॉस, अशोक चक्र, वीरचक्र इत्यादि सहित विभिन्न वीरता पुरस्कारों के पदक शामिल किए गए हैं।

संग्रहालय में 5×2 फुट आयात के अशोक स्तम्भ के अलावा पाकिस्तान से जीते गए झण्डे,रेजिमेंटल झण्डा,मीडियम मशीन गन इत्यादि को भी शामिल किया गया है। हालांकि,भारत सरकार से मिग-21 तथा अन्य सैन्य शस्त्रों का प्रदर्शन करने के उद्देश्य हेतु उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शहीद स्मारक सेवा तथा विकास सोसाईटी’ के प्रतिनिधियों को इस पुनीत व श्रद्धेय स्मारक की ओर ध्यान देना चाहिए।

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