हिमाचल की 163 ग्राम पंचायतें होंगी आनलाइन, प्रक्रिया आरम्भ

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Himachal Paperless Panchayat
चित्र: Infoorel/ सांकेतिक

शिमला- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा इनके कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के ई-पंचायत प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।

इस परियोजना के प्रथम चरण में 163 ग्राम पंचायतों के विभिन्न 9 रजिस्टरों को पेपरलैस करने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि ई-पंचायत परियोजना के अन्तर्गत 12 विभिन्न सॉफटवेयर एप्लीकेशन हैं, जिन्हें अपनाने से पंचायतों के रोजमर्रा के कार्यों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ेगी। आरम्भ में हिमाचल सरकार द्वारा 7 सॉफटवेयर एप्लीकेशन को अपनाया गया है।

इस परियोजना के अन्तर्गत पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश की सभी 3226 ग्राम पंचायतों के 9 रजिस्टरों को पेपरलेस करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन 9 रजिस्टरों में ग्राम पंचायतों के रोकड़ बही, लैजर, स्टॉक रजिस्टर, जन्म पंजीकरण तथा प्रमाण पत्र, मृत्यु पंजीकरण तथा प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण तथा प्रमाण पत्र, रसीद का प्रारूप, सहायता अनुदान राशि रजिस्टर व स्टॉक मैटीरियल रजिस्टर शामिल हैं।

ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि द्वितीय चरण में प्रदेश की सभी 3226 ग्राम पंचायतों को पेपरलैस किया जाएगा तथा इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य 31 अगस्त, 2017 निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन रजिस्टरों को पेपरलैस करने से पंचायतों की कार्य प्रणाली में सुधार तो आएगा ही, साथ में इस प्रकार के रिकार्ड को कम्पयूटर में सुरक्षित रखने से इनके गुम होने अथवा आगजनी की घटनाओं में नष्ट होने की आशंका भी लगभग शून्य हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में हिमाचल सरकार द्वारा ई-पंचायत परियोजना के अपनाने से पंचायतों की कार्य प्रणाली धीरे-धीरे पूर्णतः पारदर्शी हो जाएगी, जिससे कोई भी व्यक्ति अपनी पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की ऑनलाईन जानकारी ले सकेगा व इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र भी ऑनलाईन जारी किए जा सकेंगे।

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