वीडियो:शिमला के लक्कर बाजार में भीषण अग्निकांड, नगर निगम का लेबर हास्टल जलकर खाक, 50 लाख का नुकसान

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शिमला- आज सुबह 11 बजे शिमला के लक्कर बाजार में लकड़ियों के गोदाम में भंयकर आग लग गयी। आग इतनी भयंकर थी की गोदाम में रखी सभी लकड़ियां जलकर रख हो गयी,साथ ही एक शिमला नगर निगम के लेबर हास्टल का भवन जलकर राख हो गया जिसमे करीब 150 से अधिक मजदुर रहते थे। मजदूरों के जले समान और नकदी सहित करीब 50 लाख का नुकसान हुआ है। दमकल विभाग के 3 से 4 घंटों की मुशकत के बाद आग पर काबू पाने में सफल हुए।

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चित्र वरुण शर्मा

आग उस समय लगी जब हास्टल में एक दो ही मजदूर ही थे। इनमें से एक मजदूर अबुल सलाम सिलेंडर को बाहर निकालते हुए हल्का सा झुलस गया।

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स्टेशन फायर अफसर धरम चंद ने हिमाचल वॉचर को बताया कि उन्हें आग लगने की सुचना सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर मिली। उन्होंने बताया कि अग्निशमन विभाग की 6 गाड़ियां घटना स्थल पर पहुँच गयी थी और दमकल के 40 जवानो ने आग बुझाने का काम शुरू कर दिया था। दमकल की गाड़ियां छोटा शिमला, बालूगंज, मॉल रोड से घटना स्थल पर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि आग की लपटें बहुत ऊंची थी जिसके कारण आग पर काबू करना बेहद कठिन था।
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दूध सप्लाई का कार्य करने वाले अशरफ, निसार अहमद, शबीर अहम, और मजफर अहमद के इस आग में ढाई लाख और तीन लाख तक पांच सौ और दो-दो हजार के नोट भी जल गए।इन दोनों ने सप्लाई के दौरान ये पैसा जमा किया था। मजदूरों का कहना है कि आग में उनका सब कुछ तबाह हो गया।

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चित्र: अमर उजाला

फायर अफसर का कहना था कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल के जवानो को लगभग 3 घंटों से जायदा का समय लगा। जवानो ने समय रहते गैस सिलेंडरों को आग प्रभावित क्षेत्र से बहार निकल दिया था। अफसर ने बताया कि जहाँ आग लगी थी वहां भारी मात्रा में लड़कियों के स्लीपर,चौकठे, और भी लकड़ियों का सामान था।उन्होंने बताया कि दमकल विभाग ने आस पास के 4 लकड़ियों के डिपो को समय रहते सुरक्षित कर दिया था।

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नुकसान के बारे में फायर अफसर ने कहा कि ना ही नुकसान का आंकलन हो पाया है और ना ही आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है।फायर अफसर ने यह भी बताया कि ऑकलैंड टनल से घटना स्थल तक जाने में उन्हें ट्रैफिक का सामनाभी करना पड़ा। घटना स्थल पर शिमला के महापौर और उपायुक्त मौके पर मौजूद रहे।

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