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बंधुआ मजदूरी और शोषण मामले में शिमला की पीड़ित जुड़वा बच्चियों को अगवा करने की धमकी देने वाला गिरफ्तार (विडियो)

shimla twin sister bonded labor

शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में पांवटा साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा।

शिमला- सिरमौर जिले के पावटा साहिब में नाबालिग बच्चियों के बाल मजदूरी, मारपीट और आरोपन यौन उत्पीड़न के मामले को रफा-दफा करने के लिए बच्चियों के पिता को 5 लाख रुपए का लालच देने और एक बच्ची को अपहरण की धमकी देने के आरोप में शिमला पुलिस ने गुरुवार को पंकज शर्मा नामक युवक को हिरासत में ले लिया। पिछले कुछ दिन पहले ही इन पीड़ित नाबालिग जुड़वा बहनो को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया था।

जानकारी के अनुसार बच्चियों के पिता ने शिमला के पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को लिखित शिकायत में कहा था कि सिरमौर जिले के रोनहाट का निवासी पंकज पुत्र दीपा 28 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक रोज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उनके पास बार बार आ रहा था।

ज्ञात रहे कि पीड़ित बच्चियां और उनके पिता बहुत गरीब घर से ताल्लुख रखते हैं ! पिता अनपढ़ और शिमला के दूरदराज़ के गांव का निवासी है जिसका फायदा उठाकर आरोपी पहले पैसों का लालच और फिर धमकियाँ देकर से बयान बदलने का दबाव बना रहा था !

विडियो

हिमाचल वॉचर से बात करने पर पीड़ित बच्चियों के पिता ने बताया कि सिरमौर जिले के रोनहाट का निवासी पंकज पुत्र दीपा 28 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक रोज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उनके पास बार-2 आ रहा था और फोन के ज़रिये भी संपर्क बनाए हुए था।

बच्चियों के पिता ने यह भी बताया कि पंकज पांवटा साहिब के अभियुक्त विजय भल्ला तथा उषा भल्ला के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रफा-दफा करने के लिए दबाव बना रहा था। जिसकी एवज में वो उन्हें 5 लाख रुपए देने की पेशकश कर रहा था! विजय भल्ला नाबालिग बच्चियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में बाल यौन अपराध रोकथाम कानून के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। उसकी पत्नी उषा भल्ला बच्चियों के साथ मारपीट और बाल मजदूरी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा की गई है। पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने पंकज के प्रस्ताव को नकारते हुए पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को लिखित शिकायत कर दी है।

पढ़ें:शिमला की जुड़वां बहनों से बंधवा मजदूरी और यौन शोषण का मामला: 1 गिरफ्तार, 3 दिन के पुलिस रिमांड पर

बच्चियों के पिता ने हिमाचल वॉचर को यह भी बताया कि अस्पताल में पहले दो अनजान व्यक्ति भी आए थे जो उन्हें पहले 3 लाख रुपए देने की बात कर थे! दोनों अज्ञात लोगो ने बच्चियों के पिता से कहा कि वे 3 लाख रुपए शाम को लेकर आएंगे और उसके बाद वे चले गए। पीड़ित पिता ने यह बताया कि शाम को वे दोनों अज्ञात व्यक्ति तो नहीं आए लेकिन पंकज जरूर आया और सहानुभूति देने के साथ-2 उन्हें अपने दिए गए बयानों को पलटने के लिए दवाब बनाने लगा।

पीड़ित पिता का कहना है कि पंकज ने उन्हें फोन किया था लेकिन वह उस समय अस्पताल के कमरे में नहीं थे और उनका फोन भी कमरे में ही था तभी उनकी बेटी ने फोन उठाया और पंकज ने पहले पीड़ित बच्ची से प्यार से बात की और यह पूछा कि उसके पिता कहाँ है जब बच्ची ने कहा कि उसके पिता इस समय उनके साथ मौजूद नहीं है यह सुन कर पंकज ने पीड़ित बच्ची से कहा कि अपने पिता को कह देना कि तुम दोनों इस वक़्त अकाली हो तो तुम्हें कोई उठा के भी ले जा सकता है यह शब्द सुन कर पहले से सदमे का शिकार इस बच्ची की मानसिक हालात और भी बिगड़ गई थी।

जब यह वाकया बच्चियों के पिता को पता चला तो उन्होंने इसकी शिकियत पुलिस से कर दी। पिछले कल यानि 2 मार्च को पंकज फिर इस पीड़ित परिवार से मिलने आया आईजीएमसी अस्पताल आया था जहँ पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अपने साथ सम्भन्दित थाने ले गयी। पीड़ित पिता ने कहा कि उन्हें डर है की भविष्य में उन्हें कसी तरह की कोई परेशानी न झेलनी पड़े।

पीड़ित पिता ने हिमाचल वॉचर को बताया कि अपना बयान दर्ज करवाने के लिए शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में पावनता साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा। जानकारी के अनुसार पुलिस नाबालिग बच्चियों को घटना स्थल पर भी लेजा सकती है।

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10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप

ABVP Protest at HPU over suspension of members 2

शिमला– आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने विश्वविद्यालय में पिंक पेटल्स चौक पर धरना प्रदर्शन किया । इकाई सचिव अंकित चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया की पिछले कल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एक तनशाही फैसला निकाला गया जिसमें 10 ऐबीवीपी कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया।

गौरतलव है की पिछले 11 जुलाई को विद्यार्थी परिषद ने कैम्पस मे धरना प्रदर्शन किया था जिसके चलते 10 छात्रों का निष्काशन कर दिया है।

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धरने को संबोधित करते हुए इकाई सचिव अंकित चन्देल ने बताया की एक तरफ जब कर्मचारियों द्वारा कुलपति कार्यालय में नारेबाजी की जाती है तो उन कर्मचारियों क खिलाफ कुलपति साहब की कोई प्रतिक्रिया नही आती, परन्तु जब ऐबीवीपी कैम्प्स में धरना प्रदर्शन करते है तो उन्हें तुरन्त प्रभाव से निष्कासित कर दिया जाता है जोकि सरासर एकतरफा कार्यवाही है।

चन्देल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी कमियों को छुपाने क लिए तरह-2 के हथकण्डे अपना रहा है। जहाँ अधूरे परिणामों की वजह से प्रदेश भर के छात्र परेशानी में हैं वहीँ प्रशासन अपने मुंह मिया मिठु बनने में कोई कसर नही छोड़ता।

ABVP Protest at HPU over suspension of members

चन्देल ने कहा कि सभी को ज्ञात है विवि में नौ महीने में पीएचडी (P.hD) और एमसीऐ (MCA) में फर्जी तरीके से प्रवेश के मामले सामने आते है, और इन सभी गडवड़ियों के विरोध करने वाले छात्र संगठनों की आवाज को दबाने का प्रयास विश्वविद्यालय प्रशासन् कर रहा है।

धरने क माध्यम से प्रशासन को चेताते हुये परिषद ने मांग उठाई विश्वविद्यालय अपना काम करे न कि छात्र संगठनों के कार्य मे दखल दे। ऐबीवीपी ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द परिषद कार्यकर्ताओं का निष्कासन् वापिस नही करता है तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने में कोई गूरेज़ नही होगाI ऐबीवीपी ने साथ ही यूजी UG के सभी परीक्षा परणामों को पूरा करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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