हिमाचल में लम्बे समय से मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व मुख्य सूचना आयुक्त का पद खली:कल्याण संघ

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शिमला- हिमाचल प्रदेश में लम्बे समय से मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी खाली होने के कारण आयोग पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है। यह कहना है सर्वहितकारी कल्याण संघ के प्रधान गुरुदत शर्मा का। संघ प्रधान ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि मानवाधिकार के उल्लंघन व महिला उत्पीड़न के जो भी मामले आयोग के पास आते हैं उनका निपटारा न हो पाना व उन्हें न्याय नहीं मिलना मानवाधिकार का उल्लंघन है। ऐसा अध्यक्ष का पद खाली होने के कारण हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य सूचना आयुक्त का पद भी महीनों से रिक्त चल रहा है।

सर्वहितकारी कल्याण संघ ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि प्रदेश के सभी विभागों की भर्तियां अधीनस्थ सेवा चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से की जानी चाहिये और सरकार को सम्बंधित बोर्ड या निगम को यह इजाजत नहीं देनी चाहिये कि वे नियुक्ति स्वयं ही करते रहें।

पिछले कुछ समय से प्रदेश के निगम, बोर्ड व बैंकिंग की भर्तियां अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से न करवा कर अन्य एजेंसियों से करवाने पर भी संघ ने एतराज जताया और कहा कि फिर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन का औचित्य ही क्या है। यह प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने राज्य सरकार से तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में इंटरव्यू को समाप्त करने की भी सलाह दी।

सर्वहितकारी कल्याण संघ के प्रधान ने यह भी कहा कि शिमला की सुन्दरता को बरकरार रखने के लिये जरूरी है कि पानी विशेषकर स्वच्छ पानी की नियमित व्यवस्था, शहर में बिजली, साफ-सफाई व शौचालय का निर्माण, ठोस कचरा प्रबंधन, शहर के हर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था, यातायात के सभी वैकल्पिक साधन का विकास करना, खेल मैदान, ऑडिटोरियम तथा सामुदायिक भवनों के निर्माण पर कार्य किया जाना चाहिये।

गुरुदत शर्मा ने कहा कि नगर निगम शिमला को वार्ड की बैठकें नियमित करवाते रहना चाहिए ताकि नागरिकों की समस्याओं से नगर निगम अवगत हो। रेजीडेंट सोसायटियों को मजबूत किया जाना चाहिये और विकास के कार्य इन सोसायटियों के माध्यम से करवाना चाहिये तथा सोशल ऑडिट की व्यवस्था को अपनाना चाहिये ताकि नगर निगम में भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।

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