Dhumal takes on Virbhadra Singh
चित्र: इंडिया टुडे

शिमला- पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि ’’त्रिदेव सम्मेलन’’ में भाजपा कार्यकर्ताओं की अपार भीड़ देखकर कांग्रेस घबरा गई है और कांग्रेस नेता बौखलाहट में बे सिर पैर और भ्रामक बयानबाजी पर उतर आए हैं। अगर भाजपा का यह सम्मेलन सफल नहीं रहा तो कांग्रेस नेताओं को परेशान होने की क्या आवश्यकता है ? जबकि वास्तविकता यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मण्डी में ’’परिवर्तन रैली’’ में उमड़ी जनता की अपार भीड़ और अब सोलन के त्रिदेव सम्मेलन में बूथ स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी संख्या को देखकर कांग्रेस को अपनी जमीन खिसकती नजर आ रही है।

प्रो0 धूमल ने कहा कि केन्द्र पर दोषारोपण करने के बजाए प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता के दुरूपयोग के आरोपों का सिलेसिलेवार ढंग से जवाब दें। आरोपों को सिरे से नकारना प्रदेश सरकार की नाकामी और दुर्भावना को ही प्रदर्शित कर रहा है।

प्रो0 धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री यह दावे तो कर रहे हैं कि प्रदेश को समुचित आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है परन्तु यह नहीं बता रहे हैं कि केन्द्र से 280 करोड़ रू0 मिलने के बाद भी नेशनल हाईवे की डी0पी0आर0 तैयार क्यों नहीं की जा रही है और रेलवे के विस्तारीकरण के लिए भू-अधिग्रहण को क्यों लटकाया जा रहा है ? इसी तरह ’’प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’’ को प्रदेश में लागू करने के लिए अभी तक नोडल ऐजेन्सी का चयन क्यों नहीं हो पाया है ?

प्रो0 धूमल ने कहा कि नेशनल हैल्थ मिशन सहित कई अन्य स्वास्थ्य प्रोजेक्टों के पैसे केवल इसी लिए उपयोग नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति कतई गंभीर नहीं है। जानबूझ कर प्रोजैक्टों को लटकाया जा रहा है जिससे विकास का श्रेय मोदी सरकार को न मिल सके। दुराग्रह की इस राजनीति से प्रदेश का विकास संभव नहीं है।

प्रो0 धूमल ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक मिली केन्द्रीय सहायता को लेकर प्रदेश सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए और इससे पहले यूपीए सरकार के दौरान प्रदेश को दी गई केन्द्रीय सहायता के आंकड़े भी जारी करने चाहिए जिससे दूध का दूध व पानी का पानी होकर जनता के समक्ष आ जाएगा। विभिन्न विभागों को मिली केन्द्रीय सहायता की अनउपयोगित राशि के कारणों के बारे में भी सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए और बताना चाहिए कि किन कारणों से अभी तक यह राशि उपयोग में नहीं लाई जा सकी है।

प्रो0 धूमल ने कहा कि एनडीए सरकार के ढाई वर्षों में प्रदेश को अभूतपूर्व आर्थिक सहायता मिली है। दलगत राजनीति से उपर उठकर प्रदेश सरकार को चाहिए था कि वह केन्द्र सरकार का धन्यवाद करती परन्तु आकंठ भ्रष्टाचार में डुबी सरकार अपनी नाकामियों के चलते इस राशि का उपयोग नहीं कर पा रही है और अपनी नाकामियों का ठीकरा केन्द्र पर फोड़ने की कोशिश कर रही है।

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