आने वाली आपदा के मध्यनजर शिमला में 6 स्थानों पर मॉकड्रिल आयोजित

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आपदा प्रबंधन व बचाव कार्य के विश्वस्तरीय मापदंडों के आधार पर बहु संस्था समन्वय (मल्टी ऐजेंसी कोऑर्डिनेशन) की प्रक्रिया को अपनाकर आज शिमला में मेगा मॉकड्रिल आयोजित की गई। मॉकड्रिल मंडी और सुंदरनगर के बीच फाल्टलाईन पर रिक्टर स्केल में 8 डिग्री की तीव्रता वाले भूकंप की परिकल्पना पर आधारित थी, जिसमें अन्य स्थानों सहित शिमला जिला को भी प्रभावित किया। शिमला में 6 स्थानों को भूकंप से प्रभावित मानकर बचाव व राहत कार्य मॉकड्रिल की गई।

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उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि मॉकड्रिल में एनडीआरएफ, सेना, पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, रैडक्रॉस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, विद्युत, राजस्व, बीएसएनएल, नगर निगम, खाद्य एवं आपूर्ति, जिला प्रशासन व अन्य ऐजेंसियों के समन्वय से आपदा प्रबंधन के दौरान विभिन्न कार्यों को संचालित किया गया। किसी भी तरह की आपदा के दौरान उपजी विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए यह मॉकड्रिल प्रशिक्षण का माध्यम बनी।

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उन्होंने बताया कि मॉकड्रिल मालरोड शिमला, उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर शिमला, आवासीय क्षेत्र फागली, राजकीय महाविद्यालय संजौली, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला और राज्य सचिवालय शिमला परिसर में की गई।

जहां भूकंप के बाद भवनों के गिरने, दरारें आने, विद्युत, पानी की आपूर्ति में बाधा आने, सड़के बाधित होने, संचार नेटवर्क ध्वस्त होने से संबंधित विभिन्न परिस्थितियों के दौरान आपदा प्रबंधन का अभ्यास किया गया। दो स्थानों राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फागली तथा राजकीय महाविद्यालय संजौली में राहत कार्य शिविरों के संचालन का अभ्यास किया गया।

आपदा प्रबंधन के निर्देशों के अनुरूप जिला आपातकालीन परिचालन कक्ष (डीईओसी) उपायुक्त कार्यालय परिसर शिमला में बनाया गया है और यहां से उपायुक्त शिमला (रिसपॉन्सिबल ऑफिसर) ने विभिन्न

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विभागों के अधिकारियों के समन्वय से इंसिडेंट एक्शन प्लान तैयार किया और सचिवालय परिसर स्थित बनाए गए स्टेजिंग एरिया मनेजर को निर्देश दिए। भूकंप प्रभावित छह स्थानों के लिए टास्क फोर्स बनाए गए और फिर टास्क फोर्स कमांडर के नेतृत्व में बचाव व राहत कार्य किया गया।

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उपायुक्त शिमला ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन व बचाव कार्य में विभिन्न विभागों के संसाधनों का इस्तेमाल किया गया।

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