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मोदी सरकार द्वारा कालेधन पर रोक लगाने के लिए नोटबन्दी के इस फैसले से 5 प्रतिशत लोगों को निशाना बनाने के लिए बाकी 95 प्रतिशत आम जनता को परेशानी में डाल दिया है। पूरे देश में तकरीबन 60 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुकें हैं

शिमला- प्रदेश कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन सौंपा ! कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार (एनडीए) द्वारा जल्दबाजी में बिना तैयारी के 500-1000 रूपये के नोटबन्दी के फैसले से देश के आम लोगों को जो समस्या हो रही है और परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। इसी सन्दर्भ में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी द्वारा केन्द्र सरकार के खिलाफ 24 नवम्बर 2016 को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर आम नागरिक-असुविधा विरोध दिवस के रूप में प्रर्दशन किया गया था।

कांग्रेस ने कहा कि उनका मानना है कि इस फैसले से देश का कोई भी ऐसा वर्ग नही है जिसे नुकसान न पंहुचा हो या परेशानी न हुई हो जैसे छोटे व्यापारी, मजदूर, दिहाड़ीदार, किसान, बागवान व आम जनता इससे प्रभावित हुई है। इससे देश की अर्थव्वयस्था प्रभावित हुई है और व्यपार ठप पडा है और आम जन अपना काम छोड बैंकों के बाहर कतार में खडा है और पूरे देश में आर्थिक आपातकाल की स्थिती बनी हुई है।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए रोज प्रेस के माध्यम से नोटबन्दी के निर्णय में अपने फैसले बदल रही है, जिससे लोगों में एक भ्रामक स्थिति बनी रहती है और जो नये फैसले सरकार ले रही है हकीकत में उसका फायदा आम जनता को नही़ मिल रहा है। सरकार अपने इस फैसले को सही तरीके से लागू करने में विफल रही है और आने वाले समय में नोटबन्दी के इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था को बहुत बडा झटका लेगेगा। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार द्वारा बिना सोचे-समझें 500-1000 रूपये के नोटबन्दी के फैसले के के विरूद्ध ज्ञापन सौंप रही है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि गत 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री द्वारा देश में नोटबन्दी का फैसला जल्दबाजी और बिना तैयारी के लिया गया है, इस फैसले से देश के करोड़ों लोगों को परेशानी हुई है और ऐसी कोई भी व्यवसाय नही है जिसे इस फैसले से फर्क न पडा हो। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबन्दी का फैसला लेने से पहले कोई भी तैयारी नही की गई और न ही इस बाबत जनता से कोई सुझााव लिये गये। सरकार को चाहिए था कि इस तरह का फैसला लेने से पहले पर्याप्त मात्रा में नोटो की छपाई करें, बैंकों को तैयार करें व नये नोटो को बैंको तक पंहुचाने या एटीएम को दुरूस्त करने जैसा कुछ भी नही किया गया बल्कि सीधा 500 और 1000 रूपये की नोटबन्दी का फैसला देश पर थोपा गया।

प्रदेश की कांग्रेस ने का यह भी कहना है कि मोदी सरकार द्वारा कालेधन पर रोक लगाने के लिए नोटबन्दी के इस फैसले से 5 प्रतिशत लोगों को निशाना बनाने के लिए बाकी 95 प्रतिशत आम जनता को परेशानी में डाल दिया है। आज बैंकों से अपना ही पैसा मात्र 2000 रूपये निकालने के लिए प्रधानमंत्री ने आम जनता को बैंकों के बाहर कतार में लगने को मजबूर किया गया, इसके बावजूद भी लोगों को 15-15 घण्टे लाईनों में लग कर बैंकों में जमा अपना ही पैसा नही मिल पा रहा है और इस फैसले से अब तक पूरे देश में तकरीबन 60 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुकें हैं।

कांग्रेस ने कहा कि आज 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नही आया है और आज भी अपना पैसा निकालने के लिए लोगों की लम्बी-लम्बी कतारों में खड़ा होना पड़़ रहा हैं। प्रधानमंत्री को जगह-जगह अपने भाषणों में बोलने के बजाये संसद में इसका जवाब देना चाहिए और इस फैसले से देश की आम जनता को जो परेशानी हो रही है उसकी जिम्मेवारी लेते हुए प्रधानमंत्री व वित मंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए।

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