कुल्लू के अवैध कब्जाधारियों ने वन विभाग की जमीन पर बना डाले होटल व हट

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चित्र: दिव्य हिमाचल

कसोल में पैसा कमाने के लिए अवैध कब्जाधारियों के नए फार्मूले का खुलासा

कुल्लू- हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग ने अवैध कब्जेधारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला कुल्लू के कसोल में कब्जाधारियों के नए कारनामे सामने आए हैं। यहां पर कुछ लोगों ने वन विभाग की बेशकीमती भूमि पर होटल व हट बनाकर कई सालों के लिए लीज पर चढ़ा दिए हैं। इसका खुलासा तब हुआ है, जब वन विभाग ने इस भूमि की डिमार्केशन की। अब जिन लोगों ने लीज पर होटल व हट अवैध कब्जाधारियों से लिए हैं, उनमें भी हड़कंप मच गया है।

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वहीं, वन विभाग ने तुरंत जमीन को खाली करने के नोटिस अवैध कब्जाधारियों के साथ-साथ लीज धारकों को भी थमा दिए हैं। बता दें कि प्रदेश के जिला कुल्लू में किए गए अवैध कब्जों पर एक और होशियारी सामने आई है कि अवैध कब्जाधारियों ने इन पर हट की तरह बनाए गए छोटे-छोटे घरों को लीज पर दे दिया है। अवैध कब्जों पर धन कमाने के लिए बड़े-बडे़ कब्जाधारियों ने इस फार्मूले का इस्तेमाल किया है। अभी तक फिलहाल वन विभाग के हाथ इस तरह का एक मामला लगा है। बताया जा रहा है कि जिला कुल्लू की विभिन्न जगहों पर इस तरह के कई और मामले हैं, जिनका भी जल्द खुलासा होने वाला है। विभाग की कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियोें में हड़कंप मच गया है।

गौर रहे कि जिला कुल्लू के मनाली, बंजार, कुल्लू, सैंज, मणिकर्ण आदि कई स्थानों पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। हालांकि जिला कुल्लू के मणिकर्ण को छोड़कर अन्य इलाकों में ज्यादातर लोगों ने अवैध भूमि कब्जाकर बागीचे तैयार किए हैं। कई अवैध कब्जों को वन विभाग ने छुड़वा भी लिया है। मणिकर्ण की बात करें तो यहां पर वन भूमि पर अवैध रूप से जमीन कब्जाकर लोगों ने आलीशान महल बनाए हैं। यही नहीं, वन भूमि पर कब्जा कर छोटे-छोटे हट भी बनाए गए हैं, जिन्हें लाखों में लीज पर दिया गया है। जानकारी के अनुसार अवैध कब्जाधारी ने बीघे के हिसाब से अवैध कब्जा कर रखा है।

अवैध कब्जों पर 32 घर

विभागीय जानकारी के मुताबिक मणिकर्ण घाटी में 32 के करीब घर अवैध कब्जा कर बनाए गए हैं। विभाग ने ऐसे मात्र तीन कब्जों को छुड़ाया है, लेकिन अभी 29 कब्जे वन विभाग के पास छुड़वाने बाकी रह गए हैं।

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