ब्यास में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक रिवर रॉफ्टिंग पर पूर्ण प्रतिबन्ध, जल स्तर बढ़ने से हादसों का बढ़ा डर

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River Rafting Kullu

शिमला- मानसून की दस्तक के साथ जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग अलर्ट हो गया है। बरसाती मौसम में कोई अनहोनी न हो, इसके लिए 15 जुलाई से ब्यास की धारा पर रिवर राफ्टिंग की गतिविधियां अगले दो माह तक के लिए बंद रहेंगी। इस बीच अगर मौसम खराब रहा और ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा तो तय समय से पहले भी रॉफ्टिंग को बंद किया जा सकता है।

बहरहाल, अभी ब्यास की धारा में करीब 200 राफ्टें विभिन्न राफ्टिंग प्वाइंटों में चल रही हैं। जिसमें रोजाना सैकड़ों सैलानी ब्यास की धारा में अठखेलियां कर रहे हैं। हालांकि अब समर सीजन ढलान पर है और रिवर राफ्टिंग करने वाले लोगों की संख्या में कमी आ गई है। लेकिन पर्यटन सीजन के यौवन पर रहने से रोजाना 1500 से 2000 पर्यटक इसका आनंद लेते आए हैं। राफ्टिंग गतविधियों से जुड़े 225 गाइडों समेत करीब 700 युवा इस रोजगार से जुड़े हैं।

इस साल अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है। विभाग ने उन्हीं रॉफ्टर संचालकों को लाइसेंस दिए हैं, जो रिवर रॉफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं। बरसात के मौसम को देखते हुए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंद रहेगा। इसके अलावा रा¨फ्टग मौसम पर निर्भर रहेगी। राफ्टिंग का आनंद लेने वाले सैलानियों की जान को कोई खतरा न हो। इसके लिए बनाई गई तकनीकी कमेटी समय-समय पर राफ्टों का निरीक्षण करती है। इसमें तय मानकों के रूप खासकर रॉफ्टिंग जैकेट व हेलमेट उम्दा होने चाहिए और सभी राफ्टरों को इन मानकों के तहत के लाइसेंस दिए गए हैं।

रतन गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी

ये हैं रॉफ्टिंग प्वाइंट

ब्यास नदी की धारा में रायसन, बेबली तथा पिरड़ी मुख्य राफ्टिंग प्वाइंट हैं। पीक सीजन होने पर इन जगहों पर राफ्टिंग के शौकीनों का खूब हुजूम रहता है, लेकिन अब समर सीजन ढलान पर है। ऐसे में रिवर राफ्टिंग का आनंद उठाने वालों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।

Photo: Triplords

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