आईजीएमसी में कैंसर का इलाज सस्ता, 13440 वाली दवाई अब 889 रुपए में : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

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शिमला- कैंसर और हृदय की बीमारियों से पीडि़त मरीजों को अब सस्ती दर पर दवा उपलब्ध करवाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अमृत योजना शुरू की है। हिमाचल में यह प्रोजेक्ट चलाने के लिए पायलट आधार पर आईजीएमसी को चुना गया है। इस बारे में प्रधान सचिव स्वास्थ्य व आईजीएमसी प्रशासन के बीच हाल ही में बैठक भी हो चुकी है। केंद्र की इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देश का पहला दवा स्टोर अमृत एम्स में खोला गया है।इसके बाद इसे सभी प्रदेशों में खोला जा रहा है।

योजना के मुताबिक इसमें कैंसर की 200 दवाएं और हृदय के मरीजों को स्टेंट, पेसमेकर सहित कुल 148 हार्ट इंप्लांट व 186 दवाएं औसतन 60
फीसद सस्ते दर पर मिलेंगी। इससे हृदय के मरीजों की एंजियोप्लास्टी में भी कम खर्च आएगा। वहीं इस स्टोर पर कैंसर व कीमोथैरेपी की दवाएं 60 से 93 फीसदी तक सस्ती मिलेंगी।

चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर का इलाज अब भी देश में महंगा है। इस कारण निम्न और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए इलाज का खर्चा उठाना मुश्किल है। सस्ती जेनरिक दवाओं का इस्तेमाल करने पर भी कैंसर में छह महीने के इलाज का खर्च कम से कम 2.50 लाख रुपए आता है। वहीं टारगेटेड थैरेपी की ब्रांडेड दवाओं पर अधिक से अधिक 20 लाख रुपए खर्च आता है। कैंसर की दवाओं का बाजार भी बहुत ज्यादा अनियंत्रित है। दवा विक्रेता मरीज की आय के आधार पर उन्हें दवाओं की एमआरपी पर महज 20 से 30 फीसदी छूट देते हैं। इसके चलते मरीज कैंसर का इलाज नहीं करवा पाते। ऐसे में अमृत दवा स्टोर कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगा।

13440 वाली दवाई 889 रुपए में

कैंसर के लिए कीमोथैरेपी में दी जाने वाली डोसीटेक्सल की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 13440 रुपए है। यह दवा स्टोर पर 93 फीसदी छूट के साथ 889 रुपए में मिलेगी। इस तरह की अन्य दवाएं भी 80 फीसदी सस्ती कीमत पर मिलेंगी। अमृत स्टोर पर हार्ट इंप्लांट 50 से 60 फीसदी कम कीमत पर मिलेंगे। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसे उपकरण लगवाना आसान हो जाएगा।

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