पीलिया के बाद शिमला वायरल फीवर की चपेट में, रोजाना सैंकड़ों मरीज हो भर्ती

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HP Health Dept

शिमला- हिमाचल प्रदेश की राजधानी में वायरल फीवर इन दिनों सक्रिय हो गया है। अस्पताल में रोजाना सैंकड़ों मरीज इस बीमारी के भर्ती हो रहे हैं। शिमला के तीनों अस्पताल आईजीएमसी, केएनएच व दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में बच्चों सहित बड़े लोग वायरल फीवर की चपेट में आने से अपना उपचार करवा रहे हैं। यह वायरल मौसम में फेरबदल के कारण होता है।

इन दिनों राजधानी में कभी गर्मी तो कभी ठंड हो रही है, ऐसे में लोग अपने स्वास्थ्य का सही रूप से ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। इस वायरल की चपेट में छोटे बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े लोग भी आ रहे हैं। चिकित्सों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि वायरल से बचने के लिए जल्द ही चिकित्सकों को दिखाएं। वहीं शुक्रवार को आईजीएमसी में 100, के.एन.एच. 40 व डीडीयू में 60 के करीब वायरल के मरीज अपनी जांच करवाने पहुंचे। सभी अस्पतालों में रोगियों की संख्या में 20 से 30 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। रिपन अस्पताल में आम दिनों में रोजाना वायरल के करीब 300 केस पहुंचते थे, जबकि पिछले एक सप्ताह से विभिन्न ओपीडी में इनकी संख्या 400 तक पहुंच रही है। इसी तरह आईजीएमसी में भी वायरल के रोगी सामान्य से अधिक मात्रा में आ रहे हैं। हालांकि डाक्टरों के अनुसार वायरल से डरने की जरूरत नहीं है। हल्की सी सावधानी ही इससे बचा सकती है।

वायरल बुखार के लक्षण
आखें लाल होना
बुखार में शरीर का ताप 101 से 103 डिग्री या और ज्यादा भी हो जाता है!
खांसी और जुकाम होना
जोड़ों में दर्द और सूजन होना
थकान और गले में दर्द होना
नाक बहना होना
बदन दर्द होना
भूख न लगना
लेटने के बाद उठने में कमजोरी महसूस करना व सिरदर्द होना आदि

ऐसे करें बचाव

डाक्टरों के अनुसार हल्का वायरल होने पर घबराने की जरूरत नहीं होती। इसमें दवाइयां लेने की भी आवश्यकता नहीं होगी। वायरल होने पर नमक व पानी के गरारे करें, इसके अलावा स्टीम लेने से भी यह आसानी से ठीक हो जाता है। वहीं इस मौसम में किनू, संतरा या आंवला आदि खाने चाहिए। इसके अलावा खाने-पीने का खास ध्यान रखें, ताजा खाना ही खाएं। यदि वायरल अधिक हो जाए तो डॉक्टरों की सलाह लें, क्योंकि इससे चेस्ट इंफेक्शन होने का डर बना रहता है।

बता दें कि मौसम बदलाव के कारण अस्पतालों में वायरल के रोगियों के आंकड़ों में इजाफा हुआ है। रिपन अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से 20 से 30 फीसदी तक रोगी बढ़े हैं। वायरल होने पर रोगियों को घबराना नहीं चाहिए। डाक्टरों की सलाह से आसानी से वायरल ठीक हो जाता है।

With Inputs from Eenaduindia

Photo: Health Zone5/Representational Image

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