Kathak Dancer Shruti Gupta
चित्र : टीएनएस

सोलन- वैसे तो ये काम नामुमकिन सा लगता है लेकिन इस नामुमकिन काम को हिमाचल की श्रुति गुप्ता ने मुमकिन कर दिखाया है। श्रुति गुप्ता ने एक बार फिर से लिम्का बुक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

वन्देमातरम थीम पर खारदूंग ला दर्रा की गगनचुम्बी 18380 फीट ऊंची पहाड़ियों के बीच माइनस 24 डिग्री तापमान में कथक पोशाक में नंगे पैर नृत्य कर पिछले वर्ष का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कुल 20 मिनट के प्रदर्शन के दौरान तापमान ऐसा था कि सांस तक जमने लगे, लेकिन श्रुति के पांव थिरकते रहे, न ताल में कहीं फर्क आया न ही चेहरे पर कोई शिकन। इस परफॉर्मेंस से उन्होंने भारतीय सेना को श्रद्धांजलि दी जो बेहद ठण्डे और ख़राब मौसम में भी सरहदों की रखवाली करते है।

Himachali kathak Dancer
चित्र: पंजाब केसरी

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल श्रुति गुप्ता ने लाहौल-स्पीति में बारालाचा पास की 17198.16 फीट ऊंचाई पर 7 मिनट तक कथक नृत्य कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में सबसे अधिक ऊंचाई पर कथक करने का रिकॉर्ड बनाया था। इतनी उंचाई पर आम व्यक्ति का सांस लेना भी मुश्किल है लेकिन पहाड़ों की ऊंची पहाड़ियों से भी श्रुति गुप्ता के हौसले बुलंद थे इसलिए वह करीबन 20 मिनट तक नृत्य करती रही यह परिवहन योग्य भारत और संभवतः विश्व का सबसे ऊंचा दर्रा है।

श्रुति गुप्ता ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक दीया दिवाली पर सैनिकों के नाम जरूर जलाएं तो मैं वहां सैनिकों के बीच खुद पहुंची और अपनी दिवाली ही देश के रक्षकों के नाम कर दी। श्रुति ने कहा कि आईटीबीपी और इंडियन आर्मी के लोग वहां मौजूद थे।

मेरा उत्साह बहुत बढ़ा हुआ था। प्रोग्राम खत्म करने से पहले जब मैंने तिरंगा लेकर कथक किया तो तेज हवाओं के कारण मेरे हाथ अकड़ गए, लेकिन मैंने झंडा थामे रखा। जब परफॉर्मेंस खत्म हुई तो काफी देर तक मेरा हाल खराब रहा, लेकिन जल्द ही ठीक भी हो गया। उन्हें यह दिन हमेशा याद रहेगा जब सभी जवानों ने उनके साथ मिल कर वन्देमातरम का नारा लगाया।

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