ऊना का 82 वर्षीय बेसहारा बुजुर्ग दिहाड़ी लगा कर रहा गुजारा, सरकार व पंचायत में नहीं कोई सुनवाई

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Prem-Singh
Photo: Jagran

शिमला- जिला ऊना की पंचायत टकोली के गांव जट्टा के प्रेम सिंह की आयु 82 साल हो चुकी है। इस उम्र में उन्हें अपनों का सहारा मिलना चाहिए, उसमें वह मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। उनका अपना तो इस दुनिया में कोई नहीं है, पर सरकार, प्रशासन, पंचायत भी उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है।

इन हालातों में उसे दूसरों के रहमोकरम पर जीना पड़ रहा है। बुजुर्ग प्रेम सिंह की कोई औलाद नहीं है। गांववासी रणवीर सिंह ने घर का एक कमरा रहने के लिए दिया है और यही परिवार उसका ध्यान रख रहा है, क्योंकि कुछ समय उनका अपना कमरा था लेकिन कुछ साल पहले ढह गया था। उसने पंचायत व विभागों के समक्ष कमरा निर्माण के लिए राशि का आग्रह किया। पर उसे कहीं से भी मदद नहीं मिली। प्रेम सिंह ने कहा कि पहले उन्हें राशन के डिपो से राशन मिलता था, पर अब वह भी बंद हो गया है।

उन्हें परिवार में एक सदस्य होने पर केवल चीनी प्रदान की जा रही है, जबकि अन्य राशन नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी शुरू नहीं हो पाई है। इस उम्र में उन्हें दूसरों के सहारे जीना पड़ रहा है। सरकारी योजनाओं के दावे तो किए जाते हैं, पर पात्र होने के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिला। उन्होंने उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाई है।

पंचायत प्रधान मंगल सिंह ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। पिछली पंचायत ने पेंशन का मामला प्रमुखता से नहीं उठाया होगा, तभी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जल्द ही प्रेम ¨सह के कागजात तैयार कर खुद विभाग के माध्यम से पेंशन दिलवाने में सहायता करेंगे।

जोल उपतहसील के नायब तहसीलदार विपन ठाकुर ने कहा कि मामला उनके ध्यान में नहीं आया है। प्रेम सिंह के मामले की पड़ताल होगी और उसे प्रशासन की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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