शिमला के सील्ड रोड में दौड़ा दी कार, 2 को टक्कर, लोगों ने इधर-उधर छलांग लगा बचाई जान

0
1058

शिमला- प्रतिबंधित रोड पर दिल्ली नंबर की कार ने दो लोगों को टक्कर मार दी। पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर चालक कार को रिज सीटीओ होते हुए एजी चौक तक ले गया। हालांकि, यहां कार चालक स्मार्ट पुलिस की पकड़ में आ गया। हैरानी है कि लक्कड़ बाजार से आगे कार को किसी नहीं रोका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार इतनी स्पीड में थी कि कुछ लोगों ने दायें बायें छलांग लगाकर जान बचाई।

टक्कर में सोलन के गीता राम (61) को टांग और बाजू में चोटें लगी हैं। लालपानी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र पंकज (17) को भी टांग में चोट लगी है। घटना सुबह नौ बजे की है। टक्कर के बाद लोगों की मदद से घायलों को आईजीएमसी पहुंचाया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली नंबर की यह कार आईजीएमसी की ओर से दनदनाती हुई लक्कड़ बाजार की तरफ आ रही थी।

लक्कड़ बाजार के पास कार ने दो लोगों को चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद दोनों हवा में उछलते हुए सड़क की दूसरी तरफ गिर गए। कार चालक वहां नहीं रुका और कार को दौड़ाते हुए आगे निकल गया। रिज से होते हुए तेज रफ्तार में एजी चौक तक जा पहुंचा। यहां इसे काबू कर लिया गया।

कुछ और लोग भी आ सकते थे चपेट में

प्रतिबंधित मार्ग पर तेज गति से गाड़ी चलने के कारण कई लोग भी इसकी चपेट में आ सकते थे। सुबह के समय इस मार्ग पर स्कूली छात्रों के अलावा ऑफिस और कॉलेजों के लोग गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल सफर करते हैं। पहले संजौली से आईजीएमसी रोड प्रतिबंधित था, यहां केवल परमिट वाली गाड़ियां ही आ सकती थी लेकिन मरीजों और तीमारदारों को रोजाना होने वाली दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने इसे जनहित में खोल दिया लेकिन जब से इस रोड को आम जनता के लिए खोल दिया है इसका अधिकांश लोग जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं।

रजिस्ट्रेशन बुक में नही था रिकॉर्ड

आईजीएमसी में घटना के बाद उपचार करवाने पहुंचे मरीजों के नाम के अलावा पता तथा फोन नंबर तक नही था। हालांकि, रजिस्ट्रर पर घायलों के नाम और उम्र किसी ने लिखवा डाली थी।

मरीजों को इधर-उधर घुमाती रही पुलिस

घायलों का अस्पताल में उपचार करवाने के बाद पुलिस घायलों को इधर उधर घुमाती रही। अस्पताल में दोपहर बारह बजकर पचास मिनट में घायलों को इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर पर पहुंचाया।

बोनट पर हाथ न लगा होता तो शायद नहीं बचता

घायल गीता राम ने बताया कि सड़क पर तेज गति से आ रही गाड़ी का जब तक पता चला, गाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। मेरा हाथ बोनट पर लगा।

इसके बाद झटके से ही दूसरी ओर गिर पड़ा। अगर हाथ बोनट पर नहीं लगा होता तो पता नहीं क्या होता। बाजार से चाय पीने के बाद अस्पताल जा रहा था। अस्पताल में पिछले कल ही यहां आया था, मरीज को आज छुट्टी होनी थी। अब खुद अस्पताल में हैं।

स्कूल की तरफ जा रहा था

दूसरे घायल पंकज कुमार ने बताया कि संजौली से पैदल स्कूल जा रहा था। अचानक गाड़ी ने टक्कर मार दी। चालक गाड़ी लेकर भाग गया। कुछ राहगीरों ने उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह बच निकला।

कार का चालान- कार से दो लोगों को टक्कर लगाकर चोटिल करने वाला आरोपी चालक दिल्ली का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह गलती से इस सड़क पर आ गया था। टक्कर लगाने का बाद आरोपी गाड़ी समेत फरार हो गया था।

प्रतिबंधित सड़क पर पुलिस ने इसे धर लिया। गाड़ी का चालान किया गया। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की वजह से पुलिस ने इस संदर्भ में मुकदमा दर्ज नहीं किया।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS