HRTC employee protest

शिमला – प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मियों की सोमवार रात से प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने इस संदर्भ में दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हड़ताल को गैर कानूनी करार दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद भी यदि आंदोलनरत कर्मी हड़ताल पर जाते हैं तो यह कोर्ट के आदेश की अवमानना होगी और ऐसे में परिवहन कर्मी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि अपनी मांगों को लेकर हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मियों की संयुक्त समन्वय समिति ने सोमवार रात से दो दिन की हड़ताल की चेतावनी जारी की थी। कर्मियों ने इस दौरान प्रदेश भर में एक भी सरकारी बस न चलाने का ऐलान किया था।

यहां बता दें कि हिमाचल जैसा पहाड़ी राज्य सार्वजनिक परिवहन के लिए पूरी तरह से सरकारी बसों पर निर्भर है। हाईकोर्ट का आदेश आते ही परिवहन मंत्री जीएस बाली ने सभी अधिकारियों को यह आदेश जारी किए हैं कि वे बसों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करें।

2300 सरकारी बसें विभिन्न रूटों पर

वहीं हिमाचल प्रदेश में 2300 सरकारी बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं। रोजाना डेढ़ लाख यात्री सरकारी बसों में सफर करते हैं। परिवहन निगम की बसें हिमाचल के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, पंजाब व हरियाणा के शहरों में भी चलती हैं। इसके अलावा वॉल्वो बसें दिल्ली, गुडग़ांव, चंडीगढ़ आदि से हिमाचल के विभिन्न शहरों के लिए आवागमन करती हैं।

3247 चालक व 2947 परिचालक है कार्यरत

वहीं परिवहन निगम में इस समय 3247 चालक व 2947 परिचालक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। परिवहन निगम के कर्मचारी अपनी ओवरटाइम की पेमेंट व अन्यों मांगों को लेकर हड़ातल पर जाने के लिए उतारू थे।

हालांकि निगम प्रबंधन ने कर्मियों की कई मांगों को स्वीकार भी कर लिया है। लेकिन कर्मचारी हड़ताल टालने पर अड़े रहे। अब हाईकोर्ट के फैसले से जनता को राहत मिली है। साथ ही हाईकोर्ट ने परिवहन निगम को भी आदेश दिए हैं, कि वो कर्मियों की समस्याओं को समय पर सुलझाएं।

Photo: The Tribune

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