शोंगटोंग परियोजना मजदूरों को वेतन न देने के मामले में हाईकोर्ट ने कारपोरेशन से 2 सप्ताह के भीतर मांगा जवाब

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फाइल चित्र

शिमला- हाईकोर्ट ने हिमाचल पावर कारपोरेशन से शोंगटोंग परियोजना में कार्यरत मजदूरों को कथित तौर पर वेतन न देने के मामले में दो सप्ताह के भीतर जवाबतलब किया है। मुख्य न्यायाधीश मनसूर अहमद मीर व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने इस मामले में सरकार से भी जवाबतलब किया है।

शोंगटोंग कड़छम पन विद्युत परियोजना में काम करने वाले मजदूरों की यूनियन ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि कारपोरेशन से उनका साढ़े तीन माह का वेतन दिलवाया जाए। उनका कहना है कि कारपोरेशन ने निर्माण गतिविधियों का काम पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया, जिसने वही काम आगे ठेकेदारों को बांट दिया।

प्रार्थियों का आरोप है कि कारपोरेशन सहित सभी ठेकेदार श्रम कानूनों की धज्जिया उड़ा रहे हैं। मामला तब भड़का जब उन्हें दिसंबर 2015 से फरवरी 2016 तक का वेतन नहीं दिया गया। जब उन्होंने वेतन की माग की तो उन्हें कारपोरेशन ने कोरा आश्वासन दिया जिस कारण उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। हड़ताल पर गए तो डीसी किन्नौर ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी। अब वे अपनी जायज मागों के लिए आवाज भी उठा नहीं पा रहे हैं। प्रार्थी यूनियन ने वेतन दिलाने के अलावा क्षेत्र से धारा 144 हटाने की गुहार भी लगाई है।

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